पाप का नाश करने व भक्तों को सही दिशा देने हेंतु भगवान अवतरित होते है-संत राम

श्रीमद् भागवत कथा महोत्सव में श्री कृष्ण अवतरण प्रसंग सुनाया
ब्यावर,(हेमन्त साहू)। अजमेरी गेट के बाहर श्री रामद्वारा में बीते 5 दिनो से श्रीमद् भागवत सप्ताह ज्ञान यज्ञ में जन्माष्टमी के पावन अवसर पर कृष्ण जन्मोत्सव बड़े धूमधाम से मनाया गया। सुंदर मनमोहक झांकियों के साथ कलाकारों ने अपना प्रदर्शन किया। भजन गायक कलाकारों ने सुंदर भजन प्रस्तुत किए। जिससे श्रोताओ झूमते हुए खूब आनंद लिया। कथा वाचन करते हुए संत राम रसायन ने कहा कि भगवान का अवतार होता है, और हम सब का जन्म होता है। मनुष्यो को कर्मों के वशीभूत होकर के विभिन्न प्रकार की योनियों में जन्म लेना होता है। जब कि भगवान कर्मवश नहीं स्वेच्छा से अवतरित होते हैं। भगवान जो कर्म करते है, वह लीला है। जीव जो कर्म करता है वह कर्म उसके बंधन का कारक बन जाता है। पाप और पुण्य के रूप में भगवान कर्म बंधन से मुक्त रहते हैं क्योंकि वह केवल अभिनय कर रहे होते हैं। कर्म करने में अहंकार नहीं होता है। मोह ममता नहीं होती है। भगवान के अंदर धर्म की स्थापना हेतु एवं अधर्म का विनाश करने हेतु भक्तों को सही दिशा देने के लिए दिव्य ऋषियों की भारत भूमि पर समय-समय पर भगवान के अवतार होते रहते हैं। उन्हीं में से आज एक प्रमुख सोलह कला संपन्न भगवान श्याम सुंदर का अवतार हुआ। कथा वाचन कर रहे संत राम रसायन महाराज का रामद्वारा ट्रस्ट की ओर से साफा पहनाकर स्वागत किया गया। कथा में पधारे संत अर्जुन राम महाराज का भी ट्रस्टी गणों द्वारा माला श्रीफल एवं शॉल ओढ़ाकर स्वागत किया गयाइस दौरान रूद्र झवर,भगवान साहू,विरेन्द्र दुबे, राकेश यादव, भगवान भाई,राजेन्द्र गर्ग,रमेश चौहान, मोहन,पुनम चन्द कुमावत, श्रीरामचंद्र शर्मा,जेठमल अग्रवाल,गोविन्द सोनी,दुर्गा साहू,काता सांखला, पुष्पा डाणी, मेना माली,भवरी मेवाडा, छोटी देवी, साहू,मधु माली,सोनू अग्रवाल, दुर्गा सांखला, कांता गुजराती आदि श्रद्धालु मौजुद थे।

error: Content is protected !!