जिन शासन की प्रभावना ही जीवन की प्रधानता हो

गणिनी संगममति माताजी ने आज जिनशासन तीर्थ पर प्रात कालीन प्रवचन सभा मैं प्रवचन देते हुए कहा कि हर जैन बंधु को जिनशासन का अर्थ जिनेंद्र भगवान के शासन को स्वीकार कर धर्म की प्रभावना करनी चाहिए माताजी ने कहा कि किस्मत को ही माध्यम ना माने पुरुषार्थ आवश्यक है पुरुषार्थ करेंगे तो जीवन में धन भी आएगा और जब पुरुषार्थ से धन आएगा तो वह धर्म में लग जाएगा जिनशासन तीर्थ की सुंदरता का बखान करते हुए माताजी ने कहा आचार्य वसुनंदी जी महाराज की प्रेरणा और आशीर्वाद से जल्द ही मंदिर का भव्य पंचकल्याणक हो जाएगा और समाज को बहुत ही सुंदर अनुभूति प्राप्त होगी जिनशासन के महत्व को हमें समझना होगा स्वीकार करना होगा सभा के प्रारंभ में मंच का संचालन नागेंद्र जैन ने किया भक्ति मंगलाचरण कोमल जैन ने किया सभा के पश्चात पार्श्वनाथ जिनालय कैसरगंज के अध्यक्ष सुनील ढिलवारी के साथ नागेंद्र जैन राकेश जैन चुन्नीलाल जैन भागचंद जैन एडवोकेट अशोक जैन सुभाष चंद्र कपिल जैन ने श्रीफल अर्पित किए माताजी की आहार चर्या का सौभाग्य भागचंद जी घीया मिथलेश, संगीता जैन को प्राप्त हुआ संध्या में आरती के पश्चात आनंद यात्रा एवं गुरु भक्ति के कार्यक्रम आयोजित किए गए जिसमें समाज बंधुओं के द्वारा विजेता प्रतियोगियों को पुरस्कृत किया गया को माता जी का 24 जून को प्रात काल मंगल प्रस्थान पार्श्वनाथ जिनालय कैसरगंज मंदिर की ओर होगा और वहां 2 दिन का प्रवास भी होगा जागृति मंच के सुनील जैन होकरा महावीर अजमेरा सुनील पल्लीवाल जिनेंद्र बाकलीवाल अशोक अजमेरा आदि उपस्थित थे

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