श्री दिगंबर जैन मुनि संघ सेवा जागृति मंच के तत्वाधान में आज सुशांत मति माताजी के देवलोक गमन के लिए विनयांजलि सभा आयोजित की गई
यशस्विनी माताजी ने कहा कि मनुष्य भव में समाधि मरण होना सबसे उत्कृष्ट माना गया है आना और जाना लगा रहता है लेकिन किस तरह है यहां से जाना है यह हम निर्णय ले सकते हैं जिस तरह जीने के कई तरीके हैं वैसे ही मृत्यु प्राप्त करने के भी कई तरीके हैं लेकिन जैन धर्म में सबसे उत्तम मरण पंडित मरण कहा जाता है शास्त्रों की भाषा में समाधि मरण सर्वश्रेष्ठ मरण है सुशांत मती माता जी का देवलोक गमन इसी बात का संकेत है कि उन्होंने पंडित मरण को ही श्रेष्ठ माना गया है
यशस्विनी माताजी ने कहा कि हमें जैन संस्कृति को समझना होगा उसके आधारभूत सिद्धांतों को जानना होगा तभी जीवन की सार्थकता है
आयोजित सभा में विजय जैन पल्लीवाल सुशील पल्लीवाल ने पाल बिचला समाज की ओर से अपनी भावांजलि पेश की सभा में डॉ आर के गोधा प्रकाश पल्लीवाल इंदु जैन सोनिया जैन आदि ने माताजी के देवलोक गमन पर प्रकाश डाला जागृति मंच के अध्यक्ष सुनील जैन होकरा ने कहा कि माता जी की दीक्षा से लेकर देवलोक गमन तक संपूर्ण जैन समाज में ने अपनी अभूतपूर्व सेवाएं प्रदान की एवं सुशांत मती माताजी के देवलोक गमन पर अपने भाव व्यक्त किए पार्श्वनाथ कॉलोनी में आयोजित सभा में कमल सोगानी विशाल अजमेरा अशोक अजमेरा विपिन चांदीवाल माणक बड़जात्या चंकी सेठी मंजू लता गोधा आदि उपस्थित थे
श्री दिगंबर जैन मुनि संघ सेवा जागृति मंच के तत्वाधान में प्रतिदिन यशस्विनी माता जी के प्रवचन चल रहे हैं संध्या काल में आरती का आयोजन हो रहे हैं