विश्व ऑटिज्म जागरूकता दिवस पर सेमीनार व अन्य कार्यक्रमों का आयोजन

विषय विशेषज्ञों ने बताए ऑटिज्म की पहचान एवं रोकथाम के तरीके
दिव्यांग बच्चों ने विभिन्न गतिविधियों से दिया जागरूकता का सन्देश

दिनांक 2 अप्रेल 2024: अजमेर: राजस्थान महिला कल्याण मण्डल ,चाचियावास के द्वारा संचालित विभिन्न केन्दों सागर काॅलेज, मीनू स्कूल चाचियावास, अद्वैत केन्द्र पंचशील, उम्मीद डे केयर सेन्टर पुष्कर तथा मीनू सी.बी.आर. टीम, दक्ष एम्पावर एबिलिटी फाउण्डेशन ने विश्व ऑटिज्म जागरूकता दिवस पर सेमीनार, कार्यशाला, रैली, जागरूकता कार्यक्रम आदि गतिविधियों का आयोजन किया। विभिन्न कार्यक्रमों में दो हजार से अधिक बच्चों, अभिभावकों तथा हितभागियों को ऑटिज्म के प्रति जागरूक किया गया। संस्था निदेशक राकेश कुमार कौशिक ने बताया कि संस्था के द्वारा बड़े स्तर पर दिव्यांग बच्चों के शिक्षण, प्रशिक्षण एवं पुर्नवास के लिए निरन्तर कार्य किया जा रहा है। संस्था का अनुभव रहा है कि ऑटिज्म की पहचान समय पर नहीं हो पाने के कारण इसकी रोकथाम में चुनौति आती है। अतः जागरूकता के माध्यम से ऑटिज्म की पहचान एवं रोकथाम के लिए बेहतर प्रयास किए जा सकते है। इसी उद्देश्य से विश्व ऑटिज्म जागरूकता दिवस पर संस्था द्वारा विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।
संस्था मुख्यालय स्थित सागर काॅलेज एवं मीनू स्कूल में आयोजित सेमीनार में मानसिक रोग विभागाध्यक्ष डाॅ. महेन्द्र जैन एवं उनकी टीम ने ऑटिज्म के कारण, पहचान, प्रकार एवं बचाव के तरीकों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। डाॅ. महेन्द्र जैन ने बताया कि औसतन 100 में से 7 बच्चे ऑटिज्म से पीडित होते है। कई बार तो अभिभावकों को पहचान करने में इतनी देरी हो जाती है कि अन्य विकलांगताएं भी विकसित हो जाती है। अतः अधिक से अधिक जागरूकता के माध्यम से ऑटिज्म को रोका जा सकता है। मीनू स्कूल के छात्र-छात्राओ के साथ खेलकूद, पेन्टिंग एवं पोस्टर प्रतियोगिताओं का आयोजन कर जागरूकता का सन्देश दिया। निदेशक श्री कौशिक ने संस्था के द्वारा विकलांगता के क्षैत्र में किए जा रहे कार्यों एवं गतिविधियों की जानकारी दी एवं टीम का आभार व्यक्त किया।
जनाना अस्पताल में डाॅ. पूर्णिमा पचैरी की अध्यक्षता में आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में ग्रामीण महिलाओं को गर्भावस्था, प्रसव व प्रसव पश्चात सावधानी रखते हुए नवजात शिशु की उचित देखभाल करते हुए बच्चे को आॅटिज्म व अन्य विकलांगताओं से बचाने के लिए जानकारी दी।
सी.बी.आर. टीम के द्वारा दिव्यांगजन के समूह उदय अजमेर में पार्षद व महिला मोर्चा अध्यक्ष भारती श्रीवास्तव के मुख्य आतिथ्य में दयानन्द उच्च माध्यमिक विद्यालय केसरगंज में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर समुदाय में ऑटिज्म से बचाव का सन्देश दिया। अद्वैत (सेन्टर फाॅर एक्सीलेन्स इन एज्यूकेशन एण्ड थेरेपी) पंचशील अजमेर में मनोचिकित्सक के.के. शर्मा ने सम्बोधित करते हुए ऑटिज्म के लक्षण व ऑटिज्म से पीड़ित बच्चों की देखभाल के तरीके समझाए। डाॅ. शर्मा के द्वारा पीड़ित बच्चों एवं उनके अभिभावकों को परामार्श सेवाएं भी दी। संस्था सचिव एवं मुख्य कार्यकारी क्षमा आर. कौशिक ने अदैत केन्द्र की सेवाओं के बारे में बताते हुए कहा कि अद्वैत के माध्यम के शीघ्र हस्तक्षेपण की प्रक्रिया से कम उम्र में ही बच्चों में ऑटिज्म एवं अन्य विकलांगताओं की पहचान कर ली जाती है जिससे विभिन्न थैरेपी व हस्तक्षेप से विकलांगता के दुष्प्रभाव को कम करने या रोकने का प्रयास किया जाता है। उम्मीद डे केयर सेन्टर पुष्कर में दिव्यांग बच्चों ने विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से दिव्यांगजन के प्रति संवेदनशील होने के लिए प्रेरित किया। सर्वेश्वर शास्त्री एवं कैलाश सिंह रावत ने बच्चों का उत्साहवर्धन किया। संस्था के डाॅ. भगवान सहाय शर्मा, नानूलाल प्रजापति, प्रेरणा शर्मा, भंवर सिंह गौड़, ईश्वर शर्मा, डाॅ. वन्दना सिंह, विपुल कवंरिया आदि ने कार्यक्रम का प्रबंधन एवं संचालन किया।
(राकेश कुमार कौशिक) निदेशक
मो. 989140992

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