अखिल भारतीय साहित्य परिषद अजमेर महानगर द्वारा दीपावली मिलन गोष्ठी का आयोजन शुक्रवार 24 अक्टूबर को चारण संस्थान में किया गया। अध्यक्षता कर रहे डॉ ब्रिजेश ब्रजेश माथुर ने जब से हमने लोगों के चेहरों को पढ़ना सीख लिया गजल सुनते हुए दीपावली पर परस्पर मेलजोल बढ़ान की बात कही। क्षेत्रीय संयुक्त मंत्री उमेश कुमार चौरसिया ने पांच दिवसीय उत्सव में सामाजिक समरसता, प्रकृति संरक्षण और स्वत्व बोध को अपनाने का विचार देते हुए एक मारवाड़ी किस्सा भी सुनाया।
परिषद गीत और विनीता निर्झर की मधुर सरस्वती वंदना से आरंभ गोष्ठी में लखनलाल माहेश्वरी ने कोई नहीं जगत में किसी का, बनवारी लाल शर्मा ने ढलती उम्र का दर्द, डॉ विष्णु दत्त शर्मा ने दीपावली का उदगम, दीपशिखा और पुष्पा क्षेत्रपाल ने प्रकाश पर्व की कविता, महामंत्री डॉ केके शर्मा ने बच्चे जब से बड़े हो गए, विभाग संयोजक कुलदीप सिंह रत्नू ने सबका प्राण आधार है कान्हा और महानगर अध्यक्ष गंगाधर शर्मा ने अंगद अक्षय प्रसंग पर रचना प्रस्तुत की। गोष्ठी में अन्य कई रचनाकारों ने भारतीय संस्कृति में दीपोत्सव के महत्व पर विस्तृत सार्थक चर्चा भी की।