श्री वर्द्धमान शिक्षण समिति द्वारा संचालित शिक्षण संस्थान। वर्द्धमान इंटरनेशनल स्कूल वर्द्धमान रूट्स में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई बसंत पंचमी
वर्द्धमान स्कूल में बसंत पंचमी का पर्व इस वर्ष बड़े ही हर्षोल्लास, श्रद्धा और सांस्कृतिक रंग के साथ मनाया गया। बसंत पंचमी को ज्ञान, विद्या और कला की देवी माँ सरस्वती की आराधना का विशेष दिन माना जाता है। इस अवसर पर विद्यालय परिसर में सुबह से ही उत्सव का वातावरण बना रहा।
विद्यालय को पीले रंग के फूलों, पोस्टर्स और सजावटी सामग्री से आकर्षक रूप से सजाया गया। चारों ओर बसंत ऋतु की ताजगी और उल्लास का अनुभव हो रहा था। छात्र-छात्राएँ एवं शिक्षकगण पीले परिधान पहनकर कार्यक्रम में शामिल हुए, जिससे पूरे विद्यालय में बसंत का रंग और भी सुंदर तरीके से झलक रहा था।
कार्यक्रम की शुरुआत माँ सरस्वती की विधिवत पूजा-अर्चना से हुई। शिक्षको ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की, जिससे वातावरण अत्यंत शांत, पवित्र और भक्तिमय हो गया। इसके बाद भजन, समूह गीत, नृत्य, कविता पाठ तथा बसंत पंचमी के महत्व पर छोटे-छोटे भाषण प्रस्तुत किए। सभी प्रस्तुतियाँ बहुत ही अनुशासित, भावपूर्ण और आकर्षक रहीं, जिसे सभी ने खूब सराहा।
इस मौके पर शिक्षकों ने बसंत पंचमी से जुड़ी परंपराओं पर भी चर्चा की और बताया कि यह दिन नई शुरुआत, रचनात्मकता, विद्या और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक है। फिर सरसों के पीले खेत, कोयल की कुहू-कुहू और बसंती हवा जैसी बसंत ऋतु की सुंदर कविताओं की झलक देखने को मिली।
विद्यालय के प्राचार्या श्रीमती श्वेता नाहर ने सभी विद्यार्थियों को बसंत पंचमी की शुभकामनाएँ दीं और कहा कि “बसंत पंचमी हमें यह संदेश देती है कि हम अपने जीवन में ज्ञान, अनुशासन और संस्कार को अपनाएँ। पढ़ाई के साथ-साथ कला, संस्कृति और अच्छे व्यवहार का भी विकास करें।” उन्होंने विद्यार्थियों को मेहनत, लगन और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के अंत में सभी ने माँ सरस्वती से ज्ञान, बुद्धि, सफलता और उज्ज्वल भविष्य की प्रार्थना की।
तत्पश्चात् माँ सरस्वती का पावन प्रसाद सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं स्टाफ सदस्यों को श्रद्धापूर्वक वितरित किया गया। यह आयोजन विद्यार्थियों के लिए न केवल धार्मिक एवं सांस्कृतिक अनुभव रहा, बल्कि उन्हें अपनी संस्कृति और परंपराओं से जुड़ने का अवसर भी मिला।
बसंत पंचमी का यह आयोजन विद्यालय में यादगार और प्रेरणादायक बन गया तथा पूरे परिसर में उत्साह, सकारात्मकता और आनंद का माहौल बना रहा।