एकल अभियान के ‘पंचमुखी शिक्षा’ कार्यक्रम पर विचार गोष्ठी आयोजित

अजमेर चैप्टर की कार्यकारिणी निर्धारित
अजमेर 3 फरवरी / ग्रामीण एवं आदिवासी अंचलों के सर्वांगीण विकास को लक्ष्य बनाकर संचालित एकल अभियान के अंतर्गत ‘पंचमुखी शिक्षा’ कार्यक्रम पर एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया । कार्यक्रम में अभियान के उद्देश्यों एवं कार्यप्रणाली पर विस्तार से चर्चा की गई।
गोष्ठी में बताया गया कि पंचमुखी शिक्षा कार्यक्रम समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक विकास की रोशनी पहुँचाने का सशक्त माध्यम है। इसके अंतर्गत पाँच प्रमुख आयामों पर कार्य किया जाता है। शिक्षा के माध्यम से बच्चों को प्राथमिक एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान की जाती है। स्वास्थ्य के क्षेत्र में आरोग्य शिक्षा द्वारा स्वच्छता, पोषण एवं स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाने का कार्य किया जाता है। स्वावलंबन के अंतर्गत ग्राम विकास, कौशल संवर्धन एवं आत्मनिर्भरता को बढ़ावा दिया जाता है। जागरण के माध्यम से सामाजिक चेतना, राष्ट्रभाव एवं ग्राम स्वराज की भावना को सुदृढ़ किया जाता है, जबकि संस्कार के द्वारा बच्चों में नैतिक, सांस्कृतिक एवं भारतीय मूल्यों का संचार किया जाता है।
गोष्ठी में उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि पंचमुखी शिक्षा के माध्यम से शिक्षा के साथ-साथ संस्कारयुक्त एवं जागरूक समाज का निर्माण संभव है। उन्होंने समाज के सभी वर्गों से इस अभियान से जुड़ने का आह्वान किया ।
संगोष्ठी में श्री रमाकांत बाल्दी, सुभाष नवाल, उमेश गर्ग, डॉ राजेंद्र गोखरू, अशोक माहेश्वरी, अशोक जैन, गिरधारीलाल मंगल, एस डी बाहेती, सूरज नारायण लखोटिया, प्रदीप पाटनी, सुरेश अग्रवाल, भारत भूषण बसंल व हरीश गर्ग ने अपने विचार व्यक्त किये l

उमेश गर्ग
9829793705

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