*छोटे से गांव में बड़ा विज्ञान मेला*

दूसरा दशक एवं पार्था रघुनाथन चैरिटीज के संयुक्त सहयोग से ग्राम नाथूथला में आयोजित विज्ञान मेला जिज्ञासा, नवाचार और सामाजिक चेतना का सजीव उत्सव बन गया। विद्यालय परिसर में सजे विविध मॉडलों और आकर्षक स्टॉलों ने ज्ञान को पुस्तकों से बाहर निकालकर प्रत्यक्ष अनुभव का रूप दे दिया।
कार्यक्रम में सरपंच मेहता चीता,जन प्रतिनिधि एवं युवा नेता कल्लू चीता, सेवानिवृत्त कैप्टन अलादीन तथा प्रधानाध्यापक लक्ष्मण सिंह  सहित सीनियर शिक्षिकायें मुख्य रूप से उपस्थित रहे। अतिथियों ने प्रत्येक स्टॉल का अवलोकन कर प्रतिभागियों से संवाद किया और उनके प्रयासों की सराहना की।
मेले में संविधान की उद्देशिका, संतुलित आहार, ब्लड ग्रुप व हीमोग्लोबिन जांच, परिवार नियोजन, सामाजिक सरोकार, धूम्रपान के दुष्प्रभाव, नमी नियंत्रित सिंचाई विधि, बैंक की कार्यप्रणाली, इलेक्ट्रॉनिक मॉडल, ऑटोमैटिक रोड लाइट, रेन डिटेक्टर, अवतल-उत्तल लेंस, चंद्रयान-3, ग्लोबल वार्मिंग, महावारी चक्र तथा आजीविका के साधनों जैसे विषयों पर विद्यार्थियों ने प्रभावशाली प्रस्तुतियाँ दीं। कुछ स्टॉलों पर वैज्ञानिक तथ्यों को रोचक प्रयोगों और ‘जादू’ की शैली में समझाया गया, जिससे दर्शकों की उत्सुकता और भी बढ़ गई।
अपने उद्बोधन में प्रधानाध्यापक लक्ष्मण सिंह ने कहा कि “दूसरा दशक ने पुस्तकों के ज्ञान को व्यवहारिक रूप में हमारे सामने रख दिया है। यह प्रयास वास्तव में सराहनीय और अनुकरणीय है।” उन्होंने सहभागियों को प्रयोगधर्मी शिक्षा अपनाने के लिए प्रेरित किया।
सरपंच मेहता चीता ने सभी प्रतिभागियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया और आश्वस्त किया कि वे भविष्य में भी दूसरा दशक के प्रयासों में सहयोग करते रहेंगे। उन्होंने विशेष रूप से किशोरियों को शिक्षा न छोड़ने और उच्च अध्ययन के लिए निरंतर आगे बढ़ने का संदेश दिया।
कार्यक्रम के दौरान रज्जाक चीता, राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं तथा अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। अंत में परियोजना निदेशक श्री प्रिंस सलीम ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों और सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम का समापन किया।
इस प्रकार यह विज्ञान मेला केवल प्रदर्शनी नहीं, बल्कि सीखने-सिखाने और समाज को जागरूक करने का प्रेरक मंच सिद्ध हुआ।
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