ईरान के सुप्रीम लीडर और मुसलमानों के रहबर ए मोअज्जम ’धर्म गुरु’ आली जनाब अयातुल्लाह सैयद अली खामोनई साहब को इजराइल ने एक कायराना हमला कर के शहीद कर दिया, जिस के विरोध स्वरूप तारागढ़ अजमेर में पंचायत खुद्दाम सैयद जादगान तारागढ़ अजमेर की तरफ से दरगाह मीरां साहब के कदीमी इमाम बारगाह अजा खाना ए हजरत अबू तालिब में एक ताजियती मजलिस का एहतेमाम किया गया। मजलिस के फौरन बाद एक जुलूस इमाम बारगाह से मीरां साहब के आस्ताना शरीफ तक पहुंचा। इस ताजियती मजलिस को मौलाना सैयद नकी मेंहदी जैदी साहब ने खिताब किया। विरोध स्वरूप तारागढ़ पर बाजार पूरी तरह से बंद रहा। सभी लोग गमगीन रहे। पंचायत खुद्दाम सैयद जादगान ने तीन दिन तक सोग मनाने की घोषणा की और हर तरह की खुशियों को भी रद्द करने की घोषणा की। इस दौरान सभी लोगों ने अपनी बाजू पर काली पट्टियां बांधी हुई थीं। मजलिस और जुलूस में पंचायत खुद्दाम के अध्यक्ष सैयद अकील हुसैन, सचिव सैयद रब नवाज जाफरी, सह सचिव सैयद महमूद इजलाल, उपाध्यक्ष फिरोज एहसान, केशियर सैयद इमरान, सदस्य सैयद सफदर अली, सैयद शकील रजा और दरगाह कमेटी के सदस्य सैयद हफीज अली, सैयद एहसान हुसैन और अन्य गणमान्य लोग मौजूद थे।