अंकित धारू को पाबंद करने के सिटी मजिस्ट्रेट के आदेश को जिला एवं सत्र न्यायालय में दी चुनौती

न्यायाधीश ने तलब किया अधीनस्थ न्यायालय का रिकॉर्ड**
**अजमेर।** महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय की परीक्षा प्रणाली में सुधार और छात्रों के भविष्य को लेकर आवाज उठाने वाले **NSUI जिला अध्यक्ष अंकित धारू** के विरुद्ध सिटी मजिस्ट्रेट द्वारा की गई पाबंद करने की कार्रवाई को जिला एवं सत्र न्यायालय, अजमेर में चुनौती दी गई है।
विदित रहे कि विगत 24 मार्च को सम्राट पृथ्वीराज चौहान कॉलेज में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान ज्ञापन देने के प्रयास को लेकर पुलिस ने अंकित धारू को हिरासत में लिया था। पुलिस ने BNSS की धारा 170 के तहत कार्रवाई करते हुए उन्हें अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट (सिटी मजिस्ट्रेट) के समक्ष पेश किया था, जहाँ उन्हें आगामी छह माह के लिए पाबंद करने के आदेश जारी किए गए थे।
**न्यायालय ने तलब किया रिकॉर्ड:**
अंकित धारू के पक्ष में वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक पाराशर एवं अधिवक्ता जितेश धनवानी ने जिला एवं सत्र न्यायालय के समक्ष सिटी मजिस्ट्रेट के उस आदेश को चुनौती दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए **जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री विक्रांत गुप्ता** ने अधीनस्थ न्यायालय (सिटी मजिस्ट्रेट कोर्ट) के रिकॉर्ड को तलब किया है। अधिवक्ताओं ने तर्क दिया कि छात्र नेता केवल लोकतांत्रिक तरीके से छात्रों की समस्याओं को लेकर ज्ञापन सौंपने का प्रयास कर रहे थे, जिसे पुलिस और प्रशासन द्वारा अनुचित रूप से बाधित किया गया।
**अगली सुनवाई 30 अप्रैल को:**
न्यायालय ने मामले के तथ्यों और तर्कों को सुनते हुए प्रकरण पर अगली सुनवाई के लिए **30 अप्रैल 2026** की तिथि निर्धारित की है। छात्र नेता अंकित धारू ने न्यायपालिका पर पूर्ण विश्वास जताते हुए कहा कि छात्रों के हक की लड़ाई संवैधानिक तरीके से जारी रहेगी।
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