अजमेर। श्री प्राणनाथ ज्ञानपीठ के संस्थापक श्री राजन स्वामी जी ने कहां की धर्म एवं नैतिकता के पतन का मुख्य कारण पाश्चात्य संस्कृति है हमें पाश्चात्य संस्कृति एवं परिधान को त्याग कर भारतीय संस्कृति को अपनाना चाहिए ।
राजन स्वामी श्री कृष्ण परनामी मन्दिर, होलीदड़ा द्वारा जनकपुरी में आयोजित दो दिवसीय शिविर में आध्यात्मिक सामाजिक धार्मिक एवं स्वयं सेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों की प्रश्नों पर विस्तृत चर्चा कर रहे थे । उन्होंने कहा कि पाश्चात्य संस्कृति से समाज में वेशभूषा रहन-सहन चाल चलन बिगड़ गया है जिसके कारण पारिवारिक संतुलन बिगड़ रहा है ! आधुनिक भौतिकवादी युग में बच्चों की परवरिश के गुर बतायें जिससे उन्हें डिप्रेशन-तनाव, आत्महत्या, अनिदा आदि मानसिक बीमारियों से दूर रखा जा सके ?
राजन स्वामी ने कहा कि किसी नदी या तीर्थ में स्रान करने एवं दान आदि करने से मुक्ति नहीं मिलती है ? मुक्ति एवं मोक्ष के लिए सदाचार अपनाना पड़ता है।
श्री कृष्ण परनामी मंदिर के सचिव राकेश डीडवानिया ने बताया कि
राजन स्वामी ने नशे का कारण, उससे होने वाली समस्याएं व उसका समाधान , सच्चे सद्गुरु की आवश्यकता उनकी पहचान तथा उनकी प्राप्ति, जीव हत्या, मांसाहार और पशुबलि महापाप , वेद, गीता, भागवत आदि ग्रन्थों के आधार पर मूर्तिपूजा उचित है या अनुचित , हिन्दू धर्म के पतन का कारण और समाधान ,विश्व शान्ति के लिये सच्चे अध्यात्म (निजानन्द) की आवश्यकता है ? पर खुलकर चर्चा की ।
इस अवसर पर श्री श्याम सेवक कल्याण संघ के शिव कुमार बंसल श्याम बिहारी शर्मा नरेंद्र वैष्णव कैलाश चंद जोशी नेमीचंद साहू सत्यनारायण चौधरी संदीप बंसल जितेंद्र कुमार वीरेंद्र सिंह नरेन्द्र डीडवानिया राकेश डीडवानिया,राजेन्द्र माथुर मुकेश डीडवानिया, चेतन डीडवानिया, गंजानन्द डीडवानिया, मुकेश सोनी घनश्याम डीडवानिया, सुशील मिड़ा, बजरंग गोयल, घनश्याम गोयल, सी बी गोयल महेश डीडवानिया एवं बाईजुराज महिला मण्डल की अंजली गोयल, सीम गोयल, जमना डीडवानिया, मीनू डीडवानिया, नीलम डीडवानिया, संध्या गुप्ता सहित बड़ी संख्या में गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
राकेश डीडवानिया
9352000510