प्राचीन ज्ञान परंपरा और आधुनिक भारत के विकास पर होगा राष्ट्रीय विमर्श
अजमेर।
महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय, अजमेर के वैदिक वाङ्मय संकाय के तत्वावधान में दिनांक 16 अप्रैल 2026 (गुरुवार) को एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया जा रहा है। संगोष्ठी का विषय “वेद, वेदांग और विकसित भारत” रखा गया है, जो भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा और आधुनिक विकास के बीच समन्वय स्थापित करने पर केंद्रित है।
यह संगोष्ठी विश्वविद्यालय परिसर स्थित बृहस्पति भवन के स्वराज सभागार में प्रातः 11:00 बजे से प्रारंभ होगी। कार्यक्रम का उद्देश्य वेदों एवं वेदांगों की वैज्ञानिकता, प्रासंगिकता और उनके माध्यम से विकसित भारत की अवधारणा को सशक्त करना है।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में श्री वासुदेव देवनानी माननीय अध्यक्ष, राजस्थान विधानसभा अपनी गरिमामयी उपस्थिति प्रदान करेंगे। वहीं मुख्य वक्ता के रूप में विख्यात वैज्ञानिक डॉ. ओम प्रकाश पाण्डेय अपने विचारों से संगोष्ठी को समृद्ध करेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सुरेश कुमार अग्रवाल करेंगे।
संगोष्ठी में शिक्षाविद्, शोधार्थी, विद्वान एवं विद्यार्थी भाग लेंगे तथा वेद, वेदांग एवं भारतीय ज्ञान परंपरा के विभिन्न आयामों पर गहन चर्चा करेंगे। इस अवसर पर प्राचीन भारतीय ज्ञान-विज्ञान को आधुनिक परिप्रेक्ष्य में समझने और उसे राष्ट्र निर्माण में उपयोगी बनाने के विषय पर विशेष मंथन किया जाएगा।
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, यह आयोजन भारतीय संस्कृति एवं ज्ञान परंपरा को वैश्विक स्तर पर स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इससे युवा पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत पर गर्व करने तथा उसे आधुनिक विकास के साथ जोड़ने की प्रेरणा मिलेगी।
कार्यक्रम के निवेदक के रूप में कुलसचिव श्री कैलाश चन्द्र शर्मा एवं संकायाध्यक्ष प्रो. सुभाष चन्द्र ने सभी प्रबुद्धजनों, शिक्षकों, शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों से अधिकाधिक संख्या में सहभागिता करने का आग्रह किया है।