अजमेर, महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय, अजमेर में आज नारी शक्ति वंदन अधिनियम के उपलक्ष्य में एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा एवं उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी ने जयपुर स्थित बिड़ला ऑडिटोरियम से विश्वविद्यालय की मातृशक्ति के साथ वर्चुअल संवाद स्थापित किया। कार्यक्रम में महिला सशक्तिकरण, सम्मान एवं आत्मनिर्भरता को केंद्र में रखते हुए अधिनियम के विभिन्न आयामों पर प्रकाश डाला गया। मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम देश की महिलाओं को राजनीतिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने कहा कि इस अधिनियम से महिलाओं को निर्णय प्रक्रिया में अधिक भागीदारी मिलेगी, जिससे राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका और सुदृढ़ होगी। मुख्यमंत्री ने उपस्थित सभी से 9667173333 नंबर पर मिस्ड कॉल देकर इस अभियान का समर्थन करने एवं नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करने का आह्वान किया। उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी ने अपने उद्बोधन में कहा कि यह अधिनियम लोकसभा एवं राज्यसभा में महिलाओं की 33% भागीदारी सुनिश्चित करेगा, जो देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को और अधिक समावेशी बनाएगा। उन्होंने कहा कि यह कदम महिलाओं को नेतृत्व के अवसर प्रदान करेगा और राष्ट्रीय नीति निर्माण में उनकी सक्रिय भूमिका सुनिश्चित करेगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सुरेश कुमार अग्रवाल ने कहा कि नारी शक्ति का सशक्तिकरण ही समाज के समग्र विकास का आधार है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय सदैव महिला शिक्षा, जागरूकता एवं नेतृत्व विकास के लिए प्रतिबद्ध रहा है और इस प्रकार के कार्यक्रम विद्यार्थियों में जागरूकता एवं सहभागिता को बढ़ावा देते हैं।
कार्यक्रम का संयोजन राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई की प्रभारी प्रो. मोनिका भटनागर द्वारा किया गया। इस अवसर पर अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. सुभाष चंद, डॉ. राजू शर्मा, डॉ. विवेक शर्मा सहित विश्वविद्यालय के संकाय सदस्य एवं बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित रहीं।
कार्यक्रम ने न केवल अधिनियम के प्रति जागरूकता बढ़ाई, बल्कि महिला सशक्तिकरण के प्रति समाज की सामूहिक प्रतिबद्धता को भी सुदृढ़ किया।