गणेशपुरा दलित बालिका उत्पीड़न मामले में आरोपीयो की हुई जमानत खारिज

अजमेर/ अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी अनुसूचित जाति विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेंद्र पाल गौतम की AICC मुख्यालय पर गणेशपुर दलित उत्पीड़न मामले में की गई प्रेस कॉन्फ्रेंस का नतीजा यह निकला की पुलिस ने दूसरे ही दिन तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर मजिस्ट्रेट के सामने पेश करने के बाद माननीय न्यायालय ने आरोपियों को जेल भेज दिया। अजमेर शहर जिला कांग्रेस कमेटी अनुसूचित जाति विभाग के अध्यक्ष सौरव यादव ने जानकारी देते हुए बताया कि सडवार थाना क्षेत्र के गांव गणेशपुरा मे 16 तारीख को दलित परिवार के साथ हुई जानलेवा हमला कर गंभीर मारपीट पर विशिष्ट न्यायअधिश,अनुसूचित जाति एवं जनजाति (अत्यचार निवारण प्रकरण) अजमेर ये न्यायअधिश ने मारपीट करने वाले तीन आरोपियों की जमानत खारिज कर दी है।गौरतलब है की गाँव गणेशपुरा में 17 मार्च 2026 को पीड़िता के बयान अजमेर कोर्ट में होने थे। आरोपियों द्वारा लगातर परिवार पर बयान बदलने को लेकर दबाव बनाया जा रहा था।वर्ष 2024 में दलित परिवार की बच्ची के साथ हुए बलात्कार के मामले मे पीड़िता के बयान कोर्ट में होने वाले थे। ट्रायल बयान को पलटवाने के लिए पीड़ित परिवार पर आरोपियों द्वारा लगातार दबाव बनाया जा रहा था। परिवार दबाव में नहीं आने पर 16 मार्च 2026 को आरोपियों द्वारा परिवार को लाठी,कुल्हाड़ी,डंडे लोहे की रोड़ से गंभीर मारपीट पर घायल किया गया।उक्त ममले को अनुसूचित जाति विभाग अजमेर के अध्यक्ष सौरभ यादव ने राष्ट्रीय स्तर पर अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी अनुसूचित जाति विभाग के अध्यक्ष राजेंद्र पाल गौतम के सामने दिल्ली जाकर उठाया।अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी अनुसूचित जाति विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेंद्र पाल गौतम ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए उन्होंने AICC मुख्यालय में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राजस्थान सरकार पर कई गंभीर सवाल उठाए थे। अजमेर के इस ममले को उन्होंने राहुल गांधी की संज्ञान में भी लाया। राजेंद्र पाल गौतम की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद दुसरे दिन ही तीन आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।आरोपियों की तरफ से जमानत की अर्जी न्यायालय में लगाई गई परंतु मामले की गंभीरता को देखते हुए माननीय न्यायालय ने उनकी जमानत अर्जी सिरे से खारिज कर दी। राजेंद्र पाल गौतम ने पीड़ित परिवार से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बात कर उन्हें हिम्मत बंधाई। उन्होंने कहा कि पूरा देश एवं अनुसूचित जाति विभाग मजबूती से पीड़ित परिवार के साथ खड़ा है और जब तक उन्हें न्याय नहीं मिल जाता उनका लगातार सहयोग करता रहेगा।विभाग अब परिवार को पुलिस सुरक्षा प्रदान करने की मांग कर रहा है। पीड़ित परिवार का कहना है कि उन्हें इस मारपीट के बाद आरोपियों से जान माल का खतरा और बढ़ गया है। साथ ही साथ पीड़िता की जान को भी खतरा है। विभाग ने अजमेर एसपी एवं अजमेर कलेक्टर से पीड़ित परिवार को सुरक्षा माहिया करने की मांग की है। विभाग ने साथ ही साथ यह भी मांग की है कि अभी 9 में से तीन आरोपी ही गिरफ्तार हुए हैं बाकी के आरोपियों को भी जल्द ही गिरफ्तार किया जाए।पीड़ित परिवार की ओर से पैरवी वकील पुष्कर बैरवा ने की।
सौरभ यादव 
अध्यक्ष;- अजमेर शहर जिला कांग्रेस कमेटी अनुसूचित जाति विभाग।
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