डिजिटल जनगणना 2027 : अजमेर में फील्ड ट्रेनर्स का प्रशिक्षण संपन्न

अब जमीनी स्तर पर प्रगणकों की फौज तैयार करेंगे चार्ज अधिकारी

     अजमेर, 23 अप्रैल। ’जनगणना 2027’ के प्रथम चरण (मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना) के सफल क्रियान्वयन हेतु अजमेर जिले में आयोजित दो बैचों का जिला स्तरीय ’फील्ड ट्रेनर्स’ प्रशिक्षण गुरुवार को सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। इस अवसर पर आयोजित विशेष सत्र में जिले के समस्त उपखंड अधिकारी, नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारी और सभी चार्ज अधिकारियों ने भाग लिया। जिला कलक्टर एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी ने उपस्थित अधिकारियों को संबोधित करते हुए स्पष्ट किया कि अब तैयारियों का समय समाप्त हो चुका है और अब सीधे फील्ड में उतरकर परिणाम देने का समय है।

प्रगणकों के प्रशिक्षण में गुणवत्ता और शिष्टाचार पर विशेष जोर

     जिला कलक्टर एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी श्री लोक बन्धु ने कहा कि जिला स्तरीय प्रशिक्षण के बाद अब बारी ’चार्ज स्तर’ पर प्रगणकों और पर्यवेक्षकों के प्रशिक्षण की है। उन्होंने निर्देश दिए कि यह प्रशिक्षण ’सर्वोच्च गुणवत्ता’ का होना चाहिए, क्योंकि प्रगणक ही वह मुख्य कड़ी हैं जो घर-घर जाकर वास्तविक डेटा एकत्रित करेंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रगणकों को न केवल तकनीकी रूप से दक्ष बनाया जाए, बल्कि उनमें ’शिष्टाचार’ और ’संवाद कौशल’ का ज्ञान भी विकसित किया जाए। जब प्रगणक जनता से विश्वास और सम्मान के साथ बात करेंगे, तभी आमजन प्रेरित होकर अपना सटीक और शुद्ध डेटा साझा करेंगे। कार्य शतप्रतिशत त्रुटि रहित होना चाहिए किसी भी तरह की कोताही क्षम्य नहीं होगी।

प्रचार-प्रसार और निर्देशों की पालना में ’परिणाम’ की अनिवार्यता

     बैठक में जिला कलक्टर ने सभी चार्ज अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि जनगणना निदेशालय, जयपुर और जिला स्तर से प्रचार-प्रसार के संबंध में जारी समस्त दिशा-निर्देशों की फील्ड स्तर पर अक्षरशः पालना सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि प्रचार-प्रसार केवल कागजी न होकर ’परिणामोन्मुखी’ होना चाहिए, ताकि जिले का हर नागरिक जनगणना के महत्व से अवगत हो सके।

’पहले हम, फिर आमजन’ – अधिकारी और जनप्रतिनिधि पेश करेंगे नजीर

     उन्होंने निर्देशित किया कि 1 मई से 15 मई 2026 तक चलने वाली ’स्व-गणना’ की शुरुआत सबसे पहले प्रशासन से होनी चाहिए। सभी उपखंड अधिकारी, चार्ज अधिकारी और उनके अधीनस्थ कर्मचारी अपनी स्व-गणना सबसे पहले पूर्ण करेंगे। साथ ही, अधिकारी इसका वीडियो रिकॉर्ड करके सोशल मीडिया पर साझा करेंगे, ताकि आमजन में भी विभाग के प्रति विश्वास और प्रेरणा का संचार हो।

     इसी क्रम में अतिरिक्त जिला कलक्टर एवं जिला जनगणना अधिकारी सुश्री ज्योति ककवानी ने जोर देते हुए कहा कि इस महा-अभियान में स्थानीय जनप्रतिनिधियों सांसद, विधायक, सरपंच, पार्षद आदि को अनिवार्य रूप से जोड़ना है। जब जनप्रतिनिधि अपनी स्व-गणना करते हुए अपना वीडियो ’जनगणना से जनकल्याण’ टैगलाइन के साथ सोशल मीडिया प्लेटफॉम्र्स पर प्रसारित करेंगे, तो आम जनता इस राष्ट्रीय महायज्ञ से सीधे जुड़ सकेगी।

     साथ ही जिला जनगणना अधिकारी ने सख्त निर्देश दिए कि प्रगणकों और पर्यवेक्षकों के प्रशिक्षण की गुणवत्ता पर कोई समझौता नहीं होगा। चार्ज अधिकारी एवं उपखण्ड जनगणना अधिकारी, स्वयं इन ट्रेनिंग सत्रों की सघन मॉनिटरिंग करेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि प्रगणकों को मोबाइल ऎप चलाने और शिष्टाचार के साथ सटीक डेटा लेने का पूर्ण व्यावहारिक ज्ञान मिल गया है।

जनप्रतिनिधि और विशिष्ट व्यक्ति पेश करेंगे ’नजीर’

     प्रचार-प्रसार को गति देने हेतु एक अनूठी पहल के अंतर्गत जिला कलक्टर एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी श्री लोक बन्धु द्वारासमस्त उपखंड अधिकारियों और चार्ज अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों के स्थानीय जनप्रतिनिधियों और विशिष्ट व्यक्तियों को जनगणना कार्य निदेशालय एवं जिला स्तर से प्राप्त निर्देशानुसार ’स्व-गणना’ के लिए प्रेरित करें। एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा स्व-गणना करते समय उसका वीडियो रिकॉर्ड किया जाए और उसे सोशल मीडिया प्लेटफॉम्र्स पर व्यापक रूप से साझा किया जाए। जब आम जनता अपने जनप्रतिनिधियों और प्रतिष्ठित व्यक्तियों को स्वयं डिजिटल जनगणना में भाग लेते देखेगी, तो उनमें भी इस प्रक्रिया के प्रति विश्वास पैदा होगा और वे अधिक से अधिक संख्या में स्व-गणना अभियान से जुड़ सकेंगे।

’डेटा गोपनीयता’ का दिया भरोसा

     बैठक के समापन पर प्रमुख जनगणना अधिकारी ने दोहराया कि आमजन को यह विश्वास दिलाना हमारी प्राथमिकता है कि उनका डेटा पूरी तरह सुरक्षित और गोपनीय है। उन्होंने सभी अधिकारियों को आगामी चरणों के लिए पूरी तत्परता और ’अलर्ट मोड’ पर कार्य करने हेतु निर्देशित किया।

     प्रशिक्षण सत्र में जनगणना कार्य निदेशालय, जयपुर से आर्इं मास्टर ट्रेनर सुश्री मेघा शर्मा ने सभी चार्ज अधिकारियों को सीएमएमएस पोर्टल के संचालन, ब्लॉक आवंटन और फील्ड एक्जीक्यूशन की तकनीकी बारीकियों से विस्तार से अवगत कराया। इस अवसर पर उप-जिला जनगणना अधिकारी (आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग) श्री फूल सिंह भी मौजूद रहे, जिन्होंने जिला स्तर पर तकनीकी और प्रशासनिक समन्वय पर जोर दिया।

     प्रशिक्षण के दौरान जिला जनगणना अधिकारी एवं उप जिला जनगणना अधिकारी सहित सभी उपखण्ड अधिकार, चार्ज अधिकारी उपस्थित रहे।

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