अजमेर, 29 मार्च। राजस्थान की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी ने तूल पकड़ लिया है। भाजपा राजस्थान के प्रभारी राधा मोहनदास अग्रवाल नेता ने वरिष्ठ कांग्रेस नेता सचिन पायलट पर कथित अभद्र टिप्पणी के बाद प्रदेशभर में सियासी माहौल गरमा गया है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं में तीव्र आक्रोश देखने को मिल रहा है, वहीं विभिन्न जिलों में विरोध के स्वर तेज होते जा रहे हैं।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव कैलाश झालीवाल ने कड़े शब्दों में प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सचिन पायलट एक ऐसे जननेता हैं जिन्होंने अपने पूरे राजनीतिक जीवन में संघर्ष, मेहनत और जनसेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। युवा नेतृत्व के रूप में उन्होंने न केवल संगठन को मजबूत किया, बल्कि किसानों, युवाओं और आमजन के मुद्दों को मजबूती से उठाया। ऐसे नेता पर की गई अभद्र टिप्पणी न सिर्फ व्यक्तिगत हमला है, बल्कि लाखों समर्थकों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला कृत्य है।
झालीवाल ने याद दिलाया कि राजेश पायलट की विरासत आज भी प्रदेश की राजनीति में प्रेरणा का स्रोत है। एक साधारण किसान परिवार से निकलकर राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने वाले राजेश पायलट ने हमेशा किसानों और ग्रामीण भारत की आवाज बुलंद की है। उसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए सचिन पायलट जनसेवा के मार्ग पर निरंतर अग्रसर हैं।
भाजपा पर तीखा प्रहार करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा नेता निराधार आरोप लगाने में आगे रहते हैं, लेकिन जनहित के मुद्दों पर पूरी तरह विफल साबित हुए हैं। उन्होंने उदयपुर में कन्हैया लाल तेली की हत्या के मामले का उल्लेख करते हुए कहा कि भाजपा ने इसे राजनीतिक और सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश की, लेकिन आज तक पीड़ित परिवार को पूर्ण न्याय नहीं मिल सका। “डबल इंजन सरकार” के बावजूद न्याय में देरी सरकार की नीयत पर सवाल खड़े करती है।
ईआरसीपी (ईस्टर्न राजस्थान कैनाल प्रोजेक्ट) का जिक्र करते हुए झालीवाल ने कहा कि कांग्रेस सरकार के समय इस महत्वाकांक्षी योजना की मजबूत नींव रखी गई थी, जिससे हाड़ौती सहित 13 जिलों को पेयजल और सिंचाई का लाभ मिलना था। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार के सहयोग के अभाव में यह परियोजना अब तक अधूरी पड़ी है और भाजपा अपने वादों को पूरा करने में असफल रही है।
उन्होंने राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि प्रदेश में विकास कार्य ठप पड़े हैं, आम जनता मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रही है, जबकि महंगाई और भ्रष्टाचार चरम पर हैं। उनके अनुसार, भाजपा राजनीतिक लाभ के लिए व्यक्तिगत टिप्पणियों का सहारा ले रही है, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है।
उन्होंने ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि इस तरह की बयानबाजी पर रोक नहीं लगाई गई तो विरोध प्रदर्शन और तेज किए जाएंगे। झालीवाल ने कहा, हम चुप बैठने वालों में से नहीं हैं। लोकतांत्रिक तरीके से जवाब देंगे और जनता के मुद्दों को लेकर संघर्ष जारी रहेगा।