सिंधु संस्कृति गौरव यात्रा 2026 आयोजन 17 मई से

श्री अमरापुर स्थान पर संतो ने किया प्रचार सामग्री व बैनर का विमोचन
राजस्थान के सभी जिलों में सिंधु सनातन संस्कृति की गूँज

अजमेर 9 मई। भारतीय सिंधु सभा व भारतीय सिन्धु सभा राजस्थान न्यास के संयुक्त तत्वावधान में प्रदेशव्यापी सिंधु संस्कृति गौरव यात्रा 2026 के आयोजन के लिये प्रकाशित प्रचार सामग्री, बैनर का विमोचन व सिन्धी बाल संस्कार शिविर की उपयोगी सामग्री का विमोचन श्री अमरापुर स्थान पर संतों द्वारा विमोचन किया गया। विमोचन कार्यक्रम में स्थान के स्वामी मनोहरलाल, स्वामी मोहन प्रकाश सहित सन्त महात्मा उपस्थित थे। यात्रा 17 मई 2026 से प्रारंभ होकर 14 जून 2026 को जयपुर में ही एक विशाल समापन समारोह के साथ संपन्न होगी। यात्रा का शुभारंभ श्री अमरापुर स्थान से पूजा अर्चना व सन्त महात्माओं के आर्शीवचन के साथ होगा।

स्वामी मोहन प्रकाश ने आर्शीवचन देते हुये कहा कि विद्यार्थियों व युवा पीढी को सिन्धु सनातन संस्कृति से जोडने के लिये भारतीय सिन्धू सभा के प्रयास सफल हो रहे हैं और संस्कृति यात्राओं से समाज के हर वर्ग का जुडाव हो रहा है। बाल्यकाल से ही मातृभाषा का ज्ञान कराना व महापुरूषों के जीवन के प्रेरणादायी प्रसंगों से बच्चे संस्कारवान होगें।

यात्रा के प्रभारी व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष महेन्द्र कुमार तीर्थाणी ने बताया कि इस 29 दिवसीय यात्रा में 31 जिलों से लगभग 5000 कि.मो. की होगी। यात्रा के दौरान राजस्थान के सभी प्रमुख जिलों में जिला स्तरीय सिंधु संस्कृति सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे, जिनमें मातृशक्ति और युवाओं की विशेष भागीदारी रहेगी।

प्रदेशाध्यक्ष  ईश्वर मोरवाणी ने कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि यात्रा के दौरान मुख्य रूप से सिंधी बाल संस्कार शिविर, राष्ट्रीय सिंधी भाषा विकास परिषद द्वारा संचालित कोर्स के लिए स्पॉट रजिस्ट्रेशन काउंटर, प्रदेश स्तरीय सिन्धी पंचायतों के मुखी सम्मेलन पर चर्चा के साथ युवा प्रतिभाओं का सम्मान किया जाएगा।

 यात्रा मार्ग

प्रचार प्रभारी मूलचन्द बसंताणी ने बताया कि यात्रा 17 मई को जयपुर से शुरू होकर किशनगढ़, अजमेर, ब्यावर, भीलवाड़ा, उदयपुर (24 मई), पाली, बाड़मेर, जैसलमेर होते हुए 31 मई को जोधपुर पहुंचेगी। तत्पश्चात बीकानेर, हनुमानगढ़, चूरू, सीकर, अलवर, खैरथल,भरतपुर, कोटा और बूंदी होते हुए 14 जून को पुनः जयपुर पहुंचेगी। समापन के अवसर पर जयपुर में सिंधु संस्कृति प्रदर्शनी का आयोजन किया जाएगा, जिसमें सिंधी कला, हस्तशिल्प और व्यंजनों का प्रदर्शन होगा।

महानगर अध्यक्ष हीरालाल तोलाणी ने बताया कि प्रचार सामग्री विमोचन के पश्चात् जयपुर की प्रमुख ईकाईयों से सम्पर्क व कोर कमेटी की। बैठक का आयोजन किया गया जिसमें संरक्षक मोहनलाल वाधवाणी, मातृशिक्त अध्यक्ष शोभा बसंताणी, नारायण परनाणी, नवलकिशोर गुरनाणी, किशनचन्द भागवाणी, इन्द्र रामाणी, विष्णुदेव सामताणी, डॉ कैलाश शिवलाणी,  जस्सूमल आसवाणी सहित कार्यकर्ता उपस्थित थे।

 पूर्व में भी यात्राओं से जन जागरण किया
सभा की ओर से संविधान की आठवीं अनुसूची में सिंधी भाषा को 10 अप्रैल 1967 को मान्यता प्राप्त होने के 50 वर्ष पूर्ण होने पर 2017 में रथ यात्रा का आयोजन राजस्थान के प्रत्येक जिले व तहसील स्तर तक किया गया था। इसी प्रकार वीर बलिदानी हेमू कालाणी के जन्म शताब्दी वर्ष के उपलक्ष में 23 मार्च 2022 को सिंधुपति महाराज दाहरसेन स्मारक से रथयात्रा का शुभारंभ कार्यक्रम हुआ। 30 दिन तक राज्य भर में रथ यात्रा का आयोजन किया गया जिसका जन जागरण युवा पीढ़ी तक किया गया। संगठन की ओर से अखिल भारतीय सिंधी संत समाज की ओर से देवनागरी में श्रीमद् भागवत कथा के प्रकाशन पश्चात तीर्थराज पुष्कर से देश भर में निकाली गई रथ यात्रा का राज्य में भी सहभागिता निभाई गई।

मूलचन्द बसंताणी
(प्रचार प्रभारी)
9928294960

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