सहकारी संस्थाओं में ‘प्रशासक राज’ थोपने की मंशा का कड़ा विरोधः

अजमेर डेयरी अध्यक्ष रामचन्द्र चौधरी की पहल पर पूर्व सीएम गहलोत ने शासन सचिव को लिखा पत्र, सहकारी संस्थाओं के चुनाव जल्द कराने की मांग**
अजमेर: प्रदेश की सहकारी संस्थाओं में चुनाव टालकर संचालक मंडलों को भंग करने और ‘प्रशासक’ नियुक्त करने की राज्य सरकार की मंशा के खिलाफ अजमेर डेयरी अध्यक्ष रामचन्द्र चौधरी ने मोर्चा खोल दिया है। सहकारिता आंदोलन को पतन से बचाने और संस्थाओं में प्रशासक राज लागू होने से रोकने के लिए श्री चौधरी द्वारा सौंपे गए महत्वपूर्ण ज्ञापन पर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने त्वरित संज्ञान लिया है। श्री गहलोत ने अजमेर डेयरी अध्यक्ष की मांग का पूर्ण समर्थन करते हुए सहकारिता विभाग के शासन सचिव श्री समित शर्मा को पत्र लिखा है, जिसमें उन्होंने प्रशासक लगाने के बजाय दुग्ध उत्पादक समितियों के चुनाव यथाशीघ्र करवाने का आग्रह किया है।

पूर्व सीएम गहलोत ने शासन सचिव को लिखा पत्र, गिनाए नुकसान :-
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शासन सचिव को भेजे पत्र में स्पष्ट किया है कि उन्हें अजमेर डेयरी अध्यक्ष रामचन्द्र चौधरी का पत्र प्राप्त हुआ है। श्री गहलोत ने पत्र में शासन सचिव को चेताया है कि सहकारी संस्थाओं के संचालक मंडलों को भंग कर प्रशासक नियुक्त करने से इन संस्थाओं की स्वायत्तता और प्रजातांत्रिक प्रणाली धीमी पड़ जाएगी, जिसका कार्यक्षेत्र पर भी गंभीर प्रभाव पड़ेगा। पूर्व सीएम ने माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा 10 अप्रैल 2026 को पारित आदेश (सिविल अपील नं. 4352/2026) का हवाला देते हुए चुनाव के समय संघ के उपनियमों की सख्ती से पालना सुनिश्चित करने और पीड़ित पक्ष को राहत देने की मांग की है।अजमेर डेयरी अध्यक्ष रामचन्द्र चौधरी ने सरकार को चेताया :-
अजमेर डेयरी अध्यक्ष रामचन्द्र चौधरी ने पूर्व सीएम को सौंपे गए अपने ज्ञापन में स्पष्ट किया है कि प्रदेश की 13,000 दुग्ध उत्पादक सहकारी समितियों और 15-20 जिला दुग्ध संघों के चुनाव इस वर्ष की शुरुआत में होने थे। चुनाव करवाने के बजाय सरकार द्वारा प्रशासक लगाने की सुगबुगाहट से सहकारिता से जुड़े किसानों और पशुपालकों में भारी आक्रोश है। श्री चौधरी ने अपने पत्र में प्रमुखता से निम्नलिखित बिंदु उठाए हैं:-
* सहकारी संस्थाओं में प्रजातांत्रिक व्यवस्था को बनाए रखने के लिए समय पर चुनाव बेहद जरूरी हैं, प्रशासक लगाना ‘लोकतंत्र की हत्या’ के समान होगा।
* 2023 में श्वेत क्रांति (दुग्ध उत्पादन) में प्रथम स्थान पर रहने वाला राजस्थान, वर्तमान अव्यवस्थाओं के कारण खिसककर पूरे देश में दूसरे स्थान पर आ गया है।
* अजमेर सहित 12 जिला संघों ने प्रशासक लगाए जाने की आशंका के बीच माननीय उच्च न्यायालय से स्थगन आदेश (Stay) प्राप्त कर लिया है।
प्रदेशव्यापी विशाल आंदोलन की चेतावनी :-
अजमेर डेयरी अध्यक्ष रामचन्द्र चौधरी ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि माननीय न्यायालय के आदेशों की पालना करते हुए राज्य सरकार ने सहकारिता चुनावों के आदेश जल्द जारी नहीं किए और प्रशासक थोपने का प्रयास किया, तो श्वेत क्रांति से जुड़े लाखों सदस्यों द्वारा एक विशाल जन-आंदोलन किया जाएगा। अब पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के हस्तक्षेप और शासन सचिव को लिखे गए पत्र के बाद वर्तमान सरकार पर प्रशासक का विचार त्यागकर जल्द चुनाव कराने का भारी दबाव बन गया है।

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