4 जून तक स्नातक प्रवेश आवेदन, 30 जून तक पीजी के लिए अवसर
महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय, अजमेर : नवाचार, गुणवत्ता एवं संस्कार आधारित शिक्षा की नई दिशा
1. प्रवेश हेतु हेल्पडेस्क एवं प्रवेश उत्सव का आयोजन
विश्वविद्यालय द्वारा प्रवेश में सहायता प्रदान करने हेतु हेल्पडेस्क की स्थापना की गई है जहां सभी प्रकार की जानकारी एवं विभिन्न विषयों के बारे में विमर्श उपलब्ध होगा
2. बहुविकल्पीय प्रवेश सुविधा
प्रवेश फॉर्म को इस प्रकार डिजाइन किया गया है कि यदि विद्यार्थी को किसी एक विभाग या विषय में प्रवेश नहीं मिलता है, तो वह बिना अतिरिक्त शुल्क दिए अन्य विषय/विभाग में प्रवेश प्राप्त कर सकेगा। इससे विद्यार्थियों का समय एवं आर्थिक भार दोनों कम होंगे।
3. विभिन्न छात्र वृत्तियाँ एवं Fellowship Schemes
1. भारत हेरिटेज स्कॉलरशिप (Bharat Heritage Scholarship)
संस्कृत, वैदिक वाङ्मय, हिंदी एवं अंग्रेजी विषय में अध्ययनरत मेधावी विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने हेतु यह छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी। सेमेस्टर-I के उच्च अंक प्राप्त विद्यार्थियों तथा सेमेस्टर-III में प्रथम एवं द्वितीय सेमेस्टर के संयुक्त परिणाम में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों की ट्यूशन फीस वापस की जाएगी।
2. कल्चरल हेरिटेज स्कॉलरशिप (Cultural Heritage Scholarship)
राष्ट्रीय स्तर की सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रत्येक विजेता विद्यार्थी को ₹1100 की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी, जिससे सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा मिल सके।
3. फैमिली लॉयल्टी स्कॉलरशिप (Family Loyalty Scholarship)
विश्वविद्यालय परिसर में अध्ययनरत किसी विद्यार्थी के दूसरे भाई/बहन को पूर्ण ट्यूशन फीस में छूट प्रदान की जाएगी, जिससे एक ही परिवार के अधिक विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा हेतु प्रोत्साहन मिल सके।
4. फी फ्रीज गारंटी (Fee Freeze Guarantee)
यदि कोई विद्यार्थी सेमेस्टर-II परीक्षा में 90 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त करता है, तो उसके संबंधित पाठ्यक्रम में सेमेस्टर-III से आगे ट्यूशन फीस में कोई वृद्धि नहीं की जाएगी।
5. फर्स्ट ग्रेजुएट फ्रीशिप (First Graduate Freeship)
ऐसे विद्यार्थी जिनके माता-पिता ने उच्च शिक्षा प्राप्त नहीं की है, उन्हें पूर्ण ट्यूशन फीस में छूट प्रदान की जाएगी, जिससे सामाजिक समावेशिता एवं प्रथम पीढ़ी के शिक्षार्थियों को प्रोत्साहन मिल सके।
6. ग्रीन कैंपस स्कॉलरशिप (Amrita Devi Bishnoi Scholarship)
पर्यावरण संरक्षण एवं वृक्षारोपण में उत्कृष्ट कार्य करने वाले प्रत्येक विभाग के एक श्रेष्ठ विद्यार्थी को प्रतिवर्ष ₹1100 की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी।
7. रेजिडेंशियल इंसेंटिव (Residential Incentive)
उत्तर-पूर्वी राज्यों एवं दक्षिण भारत के राज्यों से आने वाले विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय छात्रावास शुल्क में 50 प्रतिशत तक की रियायत प्रदान की जाएगी, जिससे दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों को प्रोत्साहन मिल सके।
8. रिसर्च फेलोशिप (Research Fellowship)
स्नातकोत्तर स्तर पर शोध परियोजना में उत्कृष्ट कार्य करने वाले तथा प्रति सप्ताह न्यूनतम 20 घंटे शोध कार्य करने वाले विषय के श्रेष्ठ विद्यार्थियों को विभागीय अनुशंसा के आधार पर ₹5100 की शोध छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी।
4. एनएसएस, एनसीसी एवं रोवर-स्काउट गतिविधियों से विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को मिलेगा नया आयाम
महर्षि दयानन्द सरस्वती विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास, अनुशासन, नेतृत्व क्षमता एवं राष्ट्रसेवा की भावना के विकास हेतु विभिन्न सहशैक्षणिक गतिविधियाँ संचालित की जा रही हैं। वर्तमान में विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) की गतिविधियाँ सक्रिय रूप से संचालित हैं। साथ ही शीघ्र ही राष्ट्रीय कैडेट कोर (NCC) एवं छात्र-छात्राओं के लिए Rover-Scout / Ranger-Guide गतिविधियाँ भी प्रारंभ की जा रही हैं, जिससे विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास एवं सामाजिक उत्तरदायित्व को सुदृढ़ किया जा सके।
5. गणित विषय में शुल्क में राहत
गणित विषय को एसएफएस पाठ्यक्रम के स्थान पर नियमित पाठ्यक्रम के रूप में अनुमति दिए जाने से विद्यार्थियों की फीस में उल्लेखनीय कमी हुई है, जिससे अधिकाधिक विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।
6. भाषा परिसर की स्थापना
विश्वविद्यालय में “भाषा परिसर” स्थापित किया जा रहा है, जिसमें हिंदी, अंग्रेजी, संस्कृत एवं सिंधी भाषाओं का अध्ययन-अध्यापन कराया जाएगा। इसका उद्देश्य भारतीय भाषाओं एवं सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देना है।
7. व्यवहारिक एवं कौशल आधारित शिक्षा
विश्वविद्यालय में व्यवहारिक प्रशिक्षण, कौशल विकास एवं रोजगारपरक शिक्षा पर विशेष जोर दिया जा रहा है। “लर्न, अर्न एंड परफॉर्म” योजना के माध्यम से विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ रोजगार कौशल एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा।
8. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर की शिक्षण व्यवस्था
विद्यार्थियों को देश के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों के विशेषज्ञ प्रोफेसरों एवं विदेशी शिक्षकों द्वारा ऑनलाइन एवं देश के प्रसिद्ध प्रोफेसर द्वारा ऑफलाइन माध्यम से अध्ययन की सुविधा प्रदान की जाएगी, जिससे वैश्विक स्तर की शिक्षा उपलब्ध हो सके।
9 . प्लेसमेंट सेल एवं फिनिशिंग स्कूल
विश्वविद्यालय का प्लेसमेंट शत प्रतिशत करने की योजना है | विश्वविद्यालय के प्लेसमेंट सेल को और अधिक सक्रिय बनाया जा रहा है। साथ ही “फिनिशिंग स्कूल” की स्थापना प्रस्तावित है, जहां विद्यार्थियों को व्यक्तित्व विकास, संचार कौशल, इंटरव्यू तैयारी एवं प्रोफेशनल ट्रेनिंग दी जाएगी।
10 . आधुनिक वेबसाइट एवं पारदर्शी प्रवेश प्रक्रिया
विश्वविद्यालय की वेबसाइट को आधुनिक स्वरूप में विकसित किया गया है, जिसका लोकार्पण राजस्थान के माननीय राज्यपाल एवं कुलाधिपति श्री हरिभाऊ बागड़े द्वारा 8 मार्च को किया गया। वेबसाइट पर सभी सूचनाएं एवं आवेदन प्रक्रियाएं ऑनलाइन उपलब्ध हैं, जिससे पारदर्शिता एवं सुगमता सुनिश्चित हुई है।
11. शिक्षा सत्र हुआ नियमित : जून अंत तक परीक्षाएँ, जुलाई अंत तक घोषित होंगे परिणाम
विश्वविद्यालय परिसर में सभी परीक्षाओं हेतु एकीकृत परीक्षा केंद्र स्थापित किया गया है। समयबद्ध परीक्षा आयोजन एवं जुलाई अंत तक परिणाम घोषित करने की व्यवस्था की गई है। इससे शिक्षा सत्र का नियमितीकरण हुआ है तथा नकल एवं अव्यवस्था पर नियंत्रण स्थापित हुआ है जिससे मानव संसाधन एवं वित्तीय संसाधनों की मितव्ययिता सुनिश्चित हुई है
12 . छात्र सुविधा एवं ऑनलाइन सेवाएं
शिक्षा सत्र का नियमितीकरण विगत कई वर्षों से विलंब से चल रहे शिक्षा सत्र को नियमित किया गया है सभी परीक्षाएं जून माह के अंत तक संपादित कर की जाएगी कर ली जाएगी एवं जुलाई माह के अंत तक परिणाम घोषित कर दिया जाएंगे
13. छात्र सुविधा एवं ऑनलाइन सेवाएं
परीक्षा भवन में विद्यार्थियों की सुविधा हेतु हेल्प डेस्क स्थापित की गई है। माइग्रेशन, मार्कशीट एवं अन्य दस्तावेजों की ऑनलाइन व्यवस्था से विद्यार्थियों को राहत मिली है तथा अनावश्यक बाहरी हस्तक्षेप पर रोक लगी है।
14. स्वदेशी कंसोर्टियम की स्थापना एवं प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस नियुक्ति प्रस्तावित
विश्वविद्यालय में “स्वदेशी कंसोर्टियम” की स्थापना प्रस्तावित है। साथ ही विद्यार्थियों को उद्योग एवं व्यवहारिक अनुभव आधारित शिक्षा प्रदान करने हेतु “प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस” की नियुक्ति की जाएगी।
15. राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 का प्रभावी क्रियान्वयन
विश्वविद्यालय राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के पूर्ण क्रियान्वयन हेतु तैयार है। इसके अंतर्गत एईसी, एससीसी, वीएससी एवं मल्टीडिसिप्लिनरी विषयों को पाठ्यक्रम में शामिल किया गया है। ड्यूल डिग्री, सेमेस्टराइजेशन एवं क्रेडिटाइजेशन प्रणाली भी प्रारंभ की जा चुकी है।
16. AEC, SEC एवं VAC पाठ्यक्रमों के माध्यम से कौशल एवं व्यक्तित्व विकास को बढ़ावा
महर्षि दयानन्द सरस्वती विश्वविद्यालय में नई शिक्षा नीति (NEP) के अनुरूप विद्यार्थियों के समग्र विकास हेतु AEC (Ability Enhancement Courses), SEC (Skill Enhancement Courses) एवं VAC (Value Added Courses) संचालित किए जा रहे हैं। इन पाठ्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों में भाषा दक्षता, व्यावसायिक कौशल, नैतिक मूल्य, व्यक्तित्व विकास एवं व्यवहारिक ज्ञान का संवर्धन किया जा रहा है, जिससे उन्हें रोजगार एवं प्रतिस्पर्धात्मक परीक्षाओं के लिए बेहतर रूप से तैयार किया जा सके।
17. वर्ष में दो बार प्रवेश व्यवस्था
विद्यार्थियों की सुविधा एवं उच्च शिक्षा के अवसरों का विस्तार करने हेतु वर्ष में दो बार प्रवेश की व्यवस्था लागू की जा रही है जिसे विश्वविद्यालय सक्षम Bodies की स्वीकृति के पश्चात लागू किया जाएगा
18. संस्कार एवं भारतीय ज्ञान परंपरा आधारित शिक्षा
महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय केवल शिक्षण संस्थान नहीं, बल्कि ज्ञान, संस्कार एवं भारतीय संस्कृति का सशक्त केंद्र है। विश्वविद्यालय गुरुकुल परंपरा के अनुरूप कार्यरत है, जहां पर प्रतिदिन कार्य की शुरुआत प्रार्थना से होती है। प्रातः एवं सायं गायत्री मंत्र से परिसर गुंजायमान होता है तथा विशेष अवसरों की शुरुआत हवन से होती है |
19. उत्कृष्ट परिसर एवं छात्र सुविधाएं
विश्वविद्यालय में छात्र एवं छात्राओं के लिए पृथक हॉस्टल, स्वच्छ एवं हरित परिसर, कैफेटेरिया, जीरो कार्बन कैंपस जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं। परिसर सुरक्षित, अनुशासित एवं अध्ययन के अनुकूल वातावरण प्रदान करता है।
20. उच्च प्लेसमेंट एवं करियर अवसर
विश्वविद्यालय के 90 प्रतिशत से अधिक विद्यार्थियों को प्लेसमेंट प्राप्त हो रहा है। विभिन्न कंपनियों एवं संस्थानों के माध्यम से विद्यार्थियों को रोजगार एवं करियर निर्माण के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इस वर्ष इस शत प्रतिशत करने की योजना है
21. सांस्कृतिक एवं खेल गतिविधियां
विश्वविद्यालय में नियमित रूप से सांस्कृतिक कार्यक्रम, खेल प्रतियोगिताएं, प्रशिक्षण शिविर, संगोष्ठियां एवं राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस आयोजित की जाती हैं, जिससे विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित होता है।
22. शोध एवं भारतीय ज्ञान परंपरा
विश्वविद्यालय में भारतीय ज्ञान परंपरा (IKS) एवं आराध्य आधारित शोध कार्य प्रारंभ किए गए हैं। साथ ही अंतरविषयक शोध को भी बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे शोध की गुणवत्ता एवं उपयोगिता में वृद्धि हो रही है।
23. अंतरराष्ट्रीय विद्यार्थियों हेतु पहल
विश्वविद्यालय में विदेशी एवं अंतरराष्ट्रीय विद्यार्थियों के प्रवेश को बढ़ावा देने की योजना तैयार की गई है, जिससे विश्वविद्यालय वैश्विक शैक्षणिक केंद्र के रूप में विकसित हो सके।
24. कुलगुरु का संदेश
महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय, अजमेर केवल एक शिक्षण संस्थान नहीं, बल्कि ज्ञान, नवाचार, संस्कार एवं उज्ज्वल भविष्य निर्माण का एक सशक्त केंद्र है। विश्वविद्यालय में उत्कृष्ट शिक्षण व्यवस्था, अनुभवी एवं समर्पित संकाय, आधुनिक शोध सुविधाएं, अत्याधुनिक प्रयोगशालाएं तथा भारतीय ज्ञान परंपरा से समन्वित शिक्षा प्रणाली विद्यार्थियों को उपलब्ध कराई जा रही है। यहां विद्यार्थियों के शैक्षणिक, बौद्धिक, सांस्कृतिक एवं व्यक्तित्व विकास के लिए अनंत अवसर उपलब्ध हैं।
विश्वविद्यालय का मूल उद्देश्य विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण एवं रोजगारपरक शिक्षा प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर, संस्कारित एवं राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान देने वाला जिम्मेदार नागरिक बनाना है। शिक्षा के साथ-साथ कौशल विकास, अनुसंधान, नवाचार एवं नैतिक मूल्यों पर भी विशेष बल दिया जा रहा है, ताकि विद्यार्थी वैश्विक प्रतिस्पर्धा के अनुरूप स्वयं को तैयार कर सकें।
मैं देश एवं प्रदेश के युवाओं से आग्रह करता हूं कि वे अधिकाधिक संख्या में महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय, अजमेर में प्रवेश लेकर इस गौरवशाली शैक्षिक परिवार का हिस्सा बनें तथा अपने सपनों को साकार करते हुए उज्ज्वल भविष्य की दिशा में अग्रसर हों।