एमडीएसयू में शुरू हुआ रोजगारोन्मुख डिजिटल मार्केटिंग प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम

डिजिटल स्किल्स से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ेंगे युवा

उद्योगों की मांग के अनुरूप मिलेगा व्यावहारिक प्रशिक्षण

अजमेर। डिजिटल अर्थव्यवस्था के तेजी से विस्तार और उद्योग जगत में बढ़ती डिजिटल विशेषज्ञों की मांग को ध्यान में रखते हुए महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय, अजमेर के उद्यमिता एवं लघु व्यवसाय प्रबंधन केंद्र (CESBM) द्वारा युवाओं, विद्यार्थियों, उद्यमियों एवं कार्यरत पेशेवरों के लिए अल्पकालीन, रोजगारोन्मुख डिजिटल मार्केटिंग प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम प्रारंभ किया जा रहा है। इस पाठ्यक्रम का उद्देश्य प्रतिभागियों को वर्तमान डिजिटल युग की आवश्यकताओं के अनुरूप व्यावहारिक एवं उद्योगोन्मुख प्रशिक्षण प्रदान करना है, जिससे वे रोजगार प्राप्त करने के साथ-साथ स्वरोजगार एवं उद्यमिता के नए अवसर भी विकसित कर सकें।

आज के प्रतिस्पर्धी दौर में लगभग प्रत्येक व्यवसाय, उद्योग, संस्था एवं स्टार्टअप अपनी पहचान और व्यापार विस्तार के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म पर निर्भर हो रहे हैं। ऐसे समय में डिजिटल मार्केटिंग का ज्ञान केवल एक अतिरिक्त कौशल नहीं, बल्कि सफल करियर की अनिवार्य आवश्यकता बन चुका है। यही कारण है कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कंपनियां डिजिटल मार्केटिंग, सोशल मीडिया प्रबंधन, ऑनलाइन ब्रांडिंग और ई–कॉमर्स विशेषज्ञों की निरंतर भर्ती कर रही हैं। इस आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए विश्वविद्यालय ने यह रोजगारोन्मुख प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम प्रारंभ किया है, जो युवाओं को आधुनिक उद्योगों की अपेक्षाओं के अनुरूप तैयार करेगा।

इस पाठ्यक्रम के माध्यम से प्रतिभागियों को केवल सैद्धांतिक जानकारी ही नहीं, बल्कि हैंड्स-ऑन प्रैक्टिकल ट्रेनिंग, वास्तविक डिजिटल अभियानों की समझ, उद्योग आधारित कार्यप्रणाली तथा व्यावसायिक दक्षता विकसित करने का अवसर मिलेगा। प्रशिक्षण के दौरान सोशल मीडिया मार्केटिंग, सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन (SEO), गूगल ऐड्स, कंटेंट मार्केटिंग, ई–मेल मार्केटिंग, वेब ट्रैफिक विश्लेषण, डिजिटल ब्रांडिंग, ई–कॉमर्स मार्केटिंग तथा ऑनलाइन प्रमोशन की आधुनिक तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे प्रतिभागी डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रभावी विपणन रणनीतियां विकसित करने में सक्षम बनेंगे।

पाठ्यक्रम पूर्ण करने के उपरांत अभ्यर्थियों के लिए निजी क्षेत्र में डिजिटल मार्केटिंग एक्जीक्यूटिव, डिजिटल मार्केटिंग मैनेजर, सोशल मीडिया मैनेजर, SEO/SEM स्पेशलिस्ट, कंटेंट एवं ब्लॉग राइटर, ई–कॉमर्स मार्केटिंग एक्जीक्यूटिव, डिजिटल ब्रांडिंग प्रोफेशनल सहित अनेक आकर्षक रोजगार अवसर उपलब्ध होंगे। इसके अतिरिक्त इच्छुक प्रतिभागी स्वयं की डिजिटल मार्केटिंग एजेंसीसोशल मीडिया कंसल्टेंसीफ्रीलांस डिजिटल सर्विसेजऑनलाइन बिज़नेसस्टार्टअप अथवा स्थानीय उद्योगों एवं व्यापारिक प्रतिष्ठानों के लिए डिजिटल प्रमोशन सेवाएं भी प्रारंभ कर सकते हैं। यह पाठ्यक्रम आत्मनिर्भर भारत, डिजिटल इंडिया और उद्यमिता आधारित रोजगार सृजन की दिशा में युवाओं के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगा।

इस रोजगारोन्मुख कार्यक्रम में किसी भी संकाय के स्नातक एवं स्नातकोत्तर विद्यार्थी, महाविद्यालय एवं विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राएं, करियर बदलने के इच्छुक युवक-युवतियां, व्यवसायी, स्टार्टअप उद्यमी, पारिवारिक व्यवसाय से जुड़े सदस्य, फ्रीलांसर तथा डिजिटल कौशल प्राप्त कर अपने करियर को नई दिशा देने के इच्छुक अभ्यर्थी प्रवेश ले सकते हैं। इस पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 12वीं उत्तीर्ण निर्धारित की गई है, जिससे अधिकाधिक युवाओं को रोजगारपरक कौशल अर्जित करने का अवसर प्राप्त हो सके।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की भावना के अनुरूप महार्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय कौशल आधारित शिक्षा, नवाचार, उद्यमिता, उद्योग–शैक्षणिक सहयोग तथा छात्र-केंद्रित शिक्षण को निरंतर प्रोत्साहित कर रहा है। विश्वविद्यालय का लक्ष्य विद्यार्थियों को केवल डिग्री प्रदान करना नहीं, बल्कि उन्हें ऐसे व्यावसायिक कौशल उपलब्ध कराना है जो उन्हें रोजगार, स्वरोजगार और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए सक्षम बना सकें। इसी दृष्टि से विश्वविद्यालय समय-समय पर उद्योगोन्मुख एवं रोजगारपरक प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम प्रारंभ कर रहा है।

कुलगुरु प्रो. सुरेश कुमार अग्रवाल ने कहा कि “राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 का मूल उद्देश्य युवाओं को ज्ञान के साथ कौशल, नवाचार और रोजगार क्षमता से जोड़ना है। डिजिटल अर्थव्यवस्था के इस युग में डिजिटल मार्केटिंग जैसे कौशल विद्यार्थियों के लिए नए करियर अवसरों के द्वार खोलते हैं। हमारा प्रयास है कि विश्वविद्यालय के विद्यार्थी केवल नौकरी तलाशने वाले नहीं, बल्कि रोजगार सृजित करने वाले सफल उद्यमी बनें। कौशल विकास, डिजिटल दक्षता और नवाचार के माध्यम से ही आत्मनिर्भर भारत तथा विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को साकार किया जा सकता है।”

उद्यमिता एवं लघु व्यवसाय प्रबंधन केंद्र (CESBM) के निदेशक डॉ आशीष पारीक ने बताया कि इच्छुक अभ्यर्थी विश्वविद्यालय परिसर स्थित केंद्र कार्यालय से आवेदन प्रपत्र, पाठ्यक्रम की अवधि, शुल्क, कक्षाओं के समय तथा अन्य आवश्यक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। विस्तृत जानकारी विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट से भी उपलब्ध होगी। सीमित सीटों पर प्रवेश “पहले आओ–पहले पाओ” के आधार पर दिए जाएंगे। इच्छुक अभ्यर्थियों से आग्रह किया गया है कि वे समय रहते आवेदन कर इस रोजगारोन्मुख, कौशल आधारित एवं भविष्य उन्मुख डिजिटल मार्केटिंग प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम का लाभ उठाकर अपने करियर को नई दिशा प्रदान करें।

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