समान नागरिक संहिता – 2026 : संभाग स्तरीय एवं जिला स्तरीय जनसुनवाई आयोजित

अजमेर, 6 जुलाई। समान नागरिक संहिता – 2026 के सम्बन्ध में संभाग स्तरीय एवं जिला स्तरीय एक दिवसीय जनसुनवाई सोमवार को विधेयक प्रारूप समिति के सदस्य श्री बसन्त सिंह छाबा की अध्यक्षता में आयोजित हुई। जनसुनवाई का संयोजन संभागीय आयुक्त श्री शक्ति सिंह राठौड़ ने किया।

समान नागरिक संहिता विधेयक प्रारूप समिति के सदस्य एवं जनसुनवाई के अध्यक्ष श्री बसन्त सिंह छाबा ने बताया कि राजस्थान सरकार समान नागरिक संहिता के लिए कानून लाना चाहती है। इसमें जन प्रतिनिधियोंधर्म गुरूओं तथा समाज के प्रबुद्ध नागरिकों से सुझाव जनसुनवाई के माध्यम से प्राप्त किए गए। समान नागरिक संहिता की मूल भावना सभी नागरिकों के लिए विवाहविवाह विच्छेदभरण पोषणउत्तराधिकार एवं लिव इन रिलेशनशिप आदि के समान व्यवहार करते हुए समान विधि का निर्माण करना है।

उन्होंने बताया कि इन विषयों पर सुझाव तथा फीड बेक लिया गया। इनके विश्लेषण के आधार पर कानून का मसौदा तैयार होगा। इसमें समर्थनपरिवर्तन तथा असहमति के सुझाव प्राप्त किए जा रहे हैं। इस पर खुलकर चर्चा हो रही है। सुझाव प्राप्त करने की समय सीमा पूर्ण होने पर इसका संकलन किया जाएगा। अजमेर संभाग के जिलों से भी सुझाव प्राप्त किए गए।

सुनवाई समिति में उपस्थित गृह विभाग के प्रतिनिधि एवं संयुक्त शासन सचिव श्री मनीष गोयल ने बताया कि जनसुनवाई तथा वेबसाईट के माध्यम से प्रत्येक हितधारक से सुझाव प्राप्त किए जा रहे है। राजस्थान के समस्त जनआधार कार्ड धारकों को एसएमएस भेजा गया है। यूसीसी राजस्थान की वेबसाईट के लिंक https://ucc.rajasthan.gov.in/ पर क्लिक करने पर मोबाईल नम्बर अथवा जनआधार नम्बर फीड करना होगा। इससे पंजीकृत मोबाईल नम्बर पर ओटीपी जाएगा। ओटीपी डालने पर व्यक्तिगत अथवा संस्था में से एक को चुनना होगा। इसके पश्चात विकल्प फार्म खुलेगा। इसमें दिए गए प्रश्नों में से हां अथवा नहीं का विकल्प चुनना होगा। इनके अतिरिक्त व्यक्ति 400 शब्दों में अपने सुझाव भी दे सकते हैं। सुझाव अथवा ज्ञापन की प्रति का पीडीएफ भी संलग्न किया जा सकता है।

 संभागीय आयुक्त श्री शक्ति सिंह राठौड़ ने बताया कि अजमेर संभाग के समस्त जिलों ब्यावर, भीलवाड़ा, टोंक, नागौर तथा डीडवाना-कुचामन के प्रबुद्ध नागरिक वीसी के माध्यम से जुड़े। अजमेर संभाग मुख्यालय पर उपस्थित व्यक्तियों ने सीधा संवाद किया। यहां उपस्थित तथा वीसी के माध्यम से जुड़े जिला स्तरीय जनप्रतिनिधियों, धर्म गुरूओं, प्रमुख सामाजिक कार्यकत्र्ताओं, राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों एवं प्रबुद्ध नागरिकों ने समान नागरिक संहिता के संबंध में सुझाव प्रदान किए।

उन्होंने बताया कि संभाग के जिलों से जिला कलक्टर ब्यावर श्री कमल राम मीणा, भीलवाड़ा श्री जसमीत सिंह संधू, टोंक श्रीमती टीना डाबी, नागौर श्री देवेन्द्र कुमार तथा डीडवाना-कुचामन श्री अवधेश मीणा ने जिला स्तरीय जनसुनवाई में नागरिकों को वीसी के माध्यम से संभाग स्तरीय जनसुनवाई से जोड़ा।

इस अवसर पर संभागीय मुख्यालय पर जिला कलक्टर श्री लोक बन्धु, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री राम प्रकाश तथा अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट श्री नरेन्द्र कुमार मीणा, डिस्कॉम सचिव श्रीमती सीमा शर्मा, उपविधि परामर्शी श्री रामेश्वर लखावत, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के संयुक्त निदेशक श्री जय प्रकाश चारण, संयुक्त विधि परामर्शी श्री महिपाल मुणोत, महिला अधिकारिता विभाग की उपनिदेशक, सम्राट पृथ्वीराज चौहान राजकीय महाविद्यालय के प्रोफेसर डॉ. लीलाधर सोनी एवं जिला शिक्षा अधिकारी श्रीमती दर्शना शर्मा सहित सुनवाई समिति के सदस्य उपस्थित रहे।

जनसुनवाई में विधायक श्रीमती अनिता भदेल, दरगाह दीवान के उत्तराधिकारी श्री सैय्यद नसीरूद्दीन चिश्ती, श्री महामण्डलेश्वर मंहत श्री नन्द राम शरण, श्री ईश्वर मनोहर उदासीन आश्रम के मंहत श्री स्वरूप दास उदासी, भाजपा जिला अध्यक्ष श्री जीतमल प्रजापत, उपाध्यक्ष श्री नरेन्द्र सिंह चुण्डावत एवं श्री रवीन्द्र सिंह जादौन, बहुजन समाज पार्टी के जिलाध्यक्ष श्री गणपत लाल बारोलिया एवं श्री भैरूलाल बैरवा, आरएलपी के श्री संतोष कुमार, बौद्ध प्रतिनिधि उपाध्यक्ष श्री विक्रम सिंह, गायत्री परिवार के श्री विरेन्द्र कुमार शर्मा, कैथोलिक चर्च के प्रतिनिधि फादर डेरिश जॉर्ज एवं फादर वी. नेल्सन, जैन प्रतिनिधि श्री प्रकाश जैन, गुरूद्वारा के प्रधान श्री अमर जीत सिंह एवं श्री सुखविन्द्र सिंह, सरदार श्री राजेन्द्र पाल सिंह छाबडा, राजस्थान महिला कल्याण मण्डल के उप निदेशक डॉ. भगवान सहाय शर्मा, सामाजिक विकास संस्था के अध्यक्ष श्री रजनीश परिहार, पीयूसीएल के श्री अनन्त भटनागर, अनुसूचित जाति जनजाति के श्री छीतर मल टेपण सहित गणमान्य नागरिकों ने अपने विचार व्यक्त किए।

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