पशुपालन विभाग के संभागीय अतिरिक्त निदेशक डॉ. नवीन परिहार का ताबड़तोड़ एक्शन

अजमेर व टोंक में मोबाइल वेटनरी यूनिट्स का औचक निरीक्षण

केकड़ी व देवली में भौतिक सत्यापन और लाइव जीपीएस ट्रैकिंग से जांची व्यवस्थाएं

भेड़-बकरी पालकों को मौके पर तुरंत इलाज देने के दिए सख्त निर्देश

अजमेर, 23 जुलाई। राज्य के पशुपालकों को द्वार-द्वार तक त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण पशु चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पशुपालन विभाग के संभागीय अतिरिक्त निदेशक डॉ. नवीन परिहार ने अजमेर एवं टोंक जिले की मोबाइल वेटनरी यूनिट्स (एमवीयू) का गहन औचक निरीक्षण किया। डॉ. परिहार ने केकड़ी (अजमेर) तथा देवली (टोंक) ब्लॉक में संचालित वेटनरी यूनिट्स का मौके पर पहुंचकर भौतिक रूप से सत्यापन किया तथा अन्य दूरदराज की यूनिट्स की लाइव जीपीएस लोकेशन ट्रैक करते हुए प्रभारियों से वीडियो कॉल कर वस्तुस्थिति का जायजा लिया।

निरीक्षण के दौरान अतिरिक्त निदेशक ने मोबाइल वेटनरी यूनिट वाहनों में उपलब्ध संसाधनों की बारीकी से जांच की। उन्होंने वाहन में निर्धारित सभी 136 प्रकार की जीवनरक्षक एवं आवश्यक औषधियों के स्टॉक की उपलब्धता को परखा। इसके साथ ही वाहन में स्थापित फ्रिज में रखे गए विभिन्न टीकों की कोल्ड चेन, तापमान और गुणवत्ता की जांच की गई तथा जीपीएस ट्रैकिंग सिस्टम, सायरन व फर्नीचर के क्रियाशील होने की पुष्टि की।

डॉ. परिहार ने अधिकारियों व यूनिट प्रभारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि राज्य सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना का लाभ अंतिम छोर पर खड़े पशुपालक तक पहुँचना चाहिए। उन्होंने टोल-फ्री नंबर 1962 का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए। प्रति यूनिट टिकट जनरेशन और कॉल रिस्पांस में अजमेर संभाग संपूर्ण राजस्थान में शीर्ष स्थान पर रहे। कोई भी मोबाइल वेटनरी यूनिट किसी भी परिस्थिति में बंद नहीं रहे।

वर्तमान में प्रवासन के दौरान भेड़ों के लंबे पैदल सफर से उनके पैरों में घाव एवं कीड़े पड़ने की समस्या को देखते हुए डॉ. परिहार ने विशेष संवेदनशीलता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने आदेश दिए कि सड़क मार्ग से गुजरते समय भेड़-बकरी पालकों को देखते ही एमवीयू वाहन को रोककर तुरंत निःशुल्क इलाज प्रदान किया जाए, भले ही पशुपालक ने 1962 पर कॉल नहीं किया हो। इसके अतिरिक्त उन्होंने संभाग के समस्त संयुक्त निदेशकों को नियमित औचक निरीक्षण जारी रखने तथा वैक्सीन व दवाओं की शत-प्रतिशत उपलब्धता सुनिश्चित करने के आदेश दिए।

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