अजमेर, 27 जुलाई। जिला कलक्टर श्री लोक बंधु की अध्यक्षता में सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में साप्ताहिक समन्वय बैठक का आयोजन किया गया। इसमें आयुष्मान आदर्श ग्राम योजना के लिए कार्य करने के निर्देश प्रदान किए गए।
बैठक में जिला कलक्टर श्री लोक बन्धु ने कहा कि बजट घोषणा वर्ष 2025-26 में पारम्परिक चिकित्सा पद्धतियों को प्रोत्साहित करने की दृष्टि से पूर्णतः निरोगी होने पर गाँवों को आयुष्मान आदर्श ग्राम घोषित किया जाएगा। बजट घोषणा की कियान्विति के लिए पारंपरिक चिकित्सा पद्वतियों को प्रोत्साहित करने एवं आमजन में स्वास्थ्य संरक्षण एवं संवर्धन के प्रति जागरूकता को बढ़ाकर चिकित्सा व्यय को कम करने के उदेश्य से शारीरिक, मानसिक, सामाजिक तथा आध्यात्मिक रूप से स्वस्थ समाज का निर्माण करने के लिए आयुष्मान आदर्श ग्राम योजना प्रांरभ की गई है।
उन्होंने कहा कि आयुष्मान आदर्श ग्राम योजना के प्रथम चरण में अजमेर जिले से आयुर्वेद विभाग के अंतर्गत ग्राम पंचायत स्तर पर संचालित आयुष्मान आरोग्य मंदिर बबाईचा, कडै़ल, खवास, सिंगारा एवं राजगढ का चयन किया गया है। इनके लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किए जाएंगे। यहां निर्धारित 18 स्वास्थ्य सूचकांकों के आधार पर गतिविधियां संचालित की जा रही है। इन ग्राम पंचायतों को प्रोत्साहन स्वरूप 11-11 लाख की राशि दिए जाने का प्रावधान है।
उन्होंने कहा कि पंच गौरव अभियान जिले की प्रमुख पहचानों को विस्तृत आयाम देने के लिए संचालित किया जा रहा है। इससे जुड़े विभागीय अधिकारियों द्वारा बनाई गई कार्ययोजना का अनुमोदन किया गया। इनकी वित्तीय स्वीकृति प्राप्त होते ही कार्य आरम्भ किया जाए।
उन्होंने कहा कि सभी विभागीय अधिकारी संवेदनशीलता और टीम भावना के साथ ग्रामीण एवं शहरी सेवा शिविरों के फोलोअप कैम्पों में आमजन की समस्याओं का त्वरित निस्तारण करेंगे। निस्तारण से शेष रहे प्रकरणों का आगामी 15 अगस्त तक निराकरण हो जाना चाहिए। शत-प्रतिशत निस्तारण नहीं करने वाले व्यक्तियों के विरूद्ध कार्यवाही की जाएगी।
उन्होंने कहा कि सम्पर्क पोर्टल पर प्राप्त होने वाली नई शिकायतें 30 दिन में निस्तारित हो जानी चाहिए। प्रकरण बकाया रखने वाले अधिकारियों एवं कार्मिकों पर कार्यवाही की जाएगी। जिला स्तरीय अधिकारी शिविरों के विभागीय अधिकारियों से नियमित रिपोर्ट लेंगे। एनएफएसए के प्रकरणों का निस्तारण समय पर कर लें।
उन्होंने कहा कि बजट घोषणाओं से संबंधित जिला स्तर पर अपेक्षित कार्यवाही के बारे में जिला मुख्यालय से लगातार सम्पर्क में रहे। इन पर किए गए कार्यों में प्रगति को अपडेट करें। विभागीय अधिकारी बजट घोषणाओं पर आवश्यक कार्यवाही लगातार करते रहे। इनसे संबंधित स्वीकृतियों को समय पर जारी कराने के लिए सक्षम स्तर से लगातार सम्पर्क में रहे। जर्जर विद्यालय भवनों का उपयोग नहीं करें।
इस अवसर पर जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री रामप्रकाश, अजमेर विकास प्राधिकरण की आयुक्त श्रीमती नित्या के., अतिरिक्त जिला कलक्टर डॉ. अभिषेक गोयल एवं श्रीमती वंदना खोरवाल, आयुर्वेद विभाग के उप निदेशक डॉ. हनुमान मीणा सहित नगर निगम, एडीए, सार्वजनिक निर्माण, जलदाय, विद्युत, वन, उद्योग एवं स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।