मानव तस्करी एवं बंधुआ मजदूरी उन्मूलन पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन

जिला विधिक सेवा प्राधिकरणअजमेर एवं राजस्थान महिला कल्याण मण्डलचाचियावास के संयुक्त तत्वावधान में मानव तस्करी एवं बंधुआ मजदूरी उन्मूलन पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन

अजमेर, 28 जुलाई 2026 जिला विधिक सेवा प्राधिकरणअजमेर एवं राजस्थान महिला कल्याण मण्डल (RMKM), चाचियावास के संयुक्त तत्वावधान में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कार्यालयअजमेर में मानव तस्करीश्रमिक तस्करी एवं बंधुआ मजदूरी उन्मूलन विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि श्री अंकित रमनसचिवजिला विधिक सेवा प्राधिकरणअजमेर एवं राजस्थान महिला कल्याण मण्डल के निदेशक श्री राकेश कुमार कौशिकश्रीमती  क्षमा आर. कोशिक संस्था सचिव और कार्यकारी अधिकारी और सम्भागीय श्रम आयुक्त श्री विश्वेश्वर दयाल चौधरी द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया।

कार्यक्रम के प्रारंभ में संस्था सचिव और कार्यकारी अधिकारी श्रीमती क्षमा आर.कौशिक ने मुख्य अतिथि एवं अन्य गणमान्य अतिथियों का आत्मीय स्वागत किया। संस्था परिचय देते हुए उन्होंने राजस्थान महिला कल्याण मण्डल द्वारा विगत 52 वर्षों से समाज हित एवं जन-कल्याण के क्षेत्र में किए जा रहे कार्योंउपलब्धियों एवं निरंतर प्रयासों पर प्रकाश डाला।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री अंकित रमनसचिवजिला विधिक सेवा प्राधिकरणअजमेर ने अपने उद्बोधन में कानून एवं विधिक सहायता के माध्यम से सामाजिक कुरीतियोंशोषणमानव तस्करी तथा बंधुआ मजदूरी जैसी गंभीर समस्याओं पर प्रभावी रोक लगाने के लिए विभाग से आवश्यक मदद करने का विशवास दिलाया साथ ही बंधुआ श्रमिको को पुनर्वास योजना पर प्रभावी कार्य करने पर जोर दिया एवं आवश्यकता होने पर  पीड़ित एवं वंचित वर्ग तक विधिक सहायता और न्याय की पहुंच सुनिश्चित करने के महत्व पर भी प्रकाश डाला।

तत्पश्चात इंटरनेशनल जस्टिस मिशन (IJM) की मुख्य प्रशिक्षक सुश्री शेरोन ने प्रशिक्षण कार्यक्रम के प्रमुख उद्देश्यों एवं रूपरेखा से सहभागियों को अवगत कराते हुए बताया की जब किसी व्यक्ति को ऋण या पारंपरिक/प्रथागत दायित्व के कारण अपनी पसंद का रोजगार चुननेस्वतंत्र रूप से आने-जानेबाजार तक पहुँच बनाने या न्यूनतम मजदूरी प्राप्त करने की स्वतंत्रता से वंचित किया जाता हैतो यह बंधुआ मजदूरी कहलाती है। ऐसी व्यवस्था बंधुआ मजदूरी प्रथा (उन्मूलन) अधिनियम, 1976 के अंतर्गत प्रतिबंधित है तथा भारतीय संविधान के अनुच्छेद 23 द्वारा मानव तस्करीबेगार और सभी प्रकार के बलात् श्रम पर रोक लगाई गई है। भारत सरकार ने वर्ष 2030 तक बंधुआ मजदूरी के उन्मूलन का लक्ष्य निर्धारित किया है और सभी राज्य सरकारों से कानून का प्रभावी एवं कठोर क्रियान्वयन सुनिश्चित करने का आह्वान किया हैताकि बंधुआ मजदूरों की पहचानमुक्तिपुनर्वास तथा ऐसी प्रथा की पुनरावृत्ति को रोका जा सके।

प्रशिक्षण सत्र के दौरान आईजेएम के मुख्य प्रशिक्षक श्री एलेक्स एवं सुश्री शेरोन द्वारा मानव तस्करीश्रमिक तस्करी एवं बंधुआ मजदूरी उन्मूलन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी गई। प्रशिक्षण में बंधुआ मजदूरी के प्रकार एवं कारणोंपीड़ितों की पहचानसंबंधित कानूनी प्रावधानों तथा बंधुआ मजदूरी से संबंधित संशोधित मानक संचालन प्रक्रिया (Revised SOP) के संबंध में विस्तृत जानकारी एवं व्यावहारिक मार्गदर्शन प्रदान किया गया।

संस्था निदेशक श्रीमान राकेश कोशिक ने कार्यक्रम के समापन पर सभी अधिकारियो और प्रतिभागियों का धन्यवाद दिया और मानव तस्करी एवं बंधुआ मजदूरी जैसी गंभीर सामाजिक समस्याओं के उन्मूलन के लिए विधिक जागरूकताप्रभावी पहचानविभागीय समन्वय एवं पीड़ित-केंद्रित कार्रवाई को मजबूत करने पर जोर दिया गया। साथ ही सभी संबंधित विभागों एवं हितधारकों के समन्वित प्रयासों से मानव तस्करी एवं बंधुआ मजदूरी मुक्त समाज की दिशा में प्रभावी रूप से कार्य करने का संदेश दिया गया।

प्रशिक्षण के दौरान उपस्थित सहभागियों ने मानव तस्करी एवं बंधुआ मजदूरी से संबंधित विभिन्न प्रश्नोंजमीनी स्तर पर आने वाली व्यावहारिक चुनौतियों तथा ऐसे मामलों में विभिन्न विभागों की भूमिका एवं आपसी समन्वय पर विचार-विमर्श किया।

कार्यक्रम में संभागीय श्रम आयुक्त श्री विश्वेश्वर दयाल चौधरी,  मानव तस्करी रोकथाम यूनिट के सीओ श्री गोमारामपैरा लीगल वॉलंटियर्स राजस्थान महिला कल्याण मण्डल की ओर से कार्यक्रम अधिकारी श्री जगदीप सिंहजिला समन्वयक श्री ओम प्रकाश सिंह सिसोदियाश्री रमेश सिंहश्री कृष्णकांत व्याससुश्री पुष्पा वैष्णवसुश्री पूजा राजपुरोहितसुश्री अन्तिमा शर्मा एवं श्री राहुल गुर्जर सहित संस्था के अन्य कार्मिक उपस्थित रहे।

 राकेश कुमार कौशिक

निदेशक

9829140992

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