39वें स्थापना दिवस पर महर्षि दयानन्द सरस्वती विश्वविद्यालय को मिलेगी विकास की नई पहचान

राज्यपाल एवं कुलाधिपति हरिभाऊ बागड़े करेंगे भवनों के लोकार्पण, नई परियोजनाओं का शुभारंभ, पुस्तकों-पत्रिकाओं का विमोचन तथा ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान का शुभारंभ

अजमेर, 28 जुलाई।
महर्षि दयानन्द सरस्वती विश्वविद्यालय, अजमेर का 39वाँ स्थापना दिवस इस वर्ष विकास, नवाचार, अधोसंरचना सुदृढ़ीकरण, पर्यावरण संरक्षण तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन के संकल्प के साथ 1 अगस्त 2026 (शनिवार) को गरिमामय वातावरण में मनाया जाएगा। समारोह की अध्यक्षता राजस्थान के माननीय राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय के कुलाधिपति श्री हरिभाऊ बागड़े करेंगे। उनके साथ राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी सारस्वत अतिथि तथा राजस्थान सरकार के कैबिनेट मंत्री श्री सुरेश सिंह रावत विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। समारोह में कुलगुरु प्रो. सुरेश कुमार अग्रवाल विश्वविद्यालय की उपलब्धियों एवं भावी विकास की रूपरेखा प्रस्तुत करेंगे।

यह स्थापना दिवस केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं होगा, बल्कि विश्वविद्यालय में पिछले एक वर्ष के दौरान हुए व्यापक परिवर्तन, अधोसंरचनात्मक विकास, डिजिटल नवाचार, शैक्षणिक सुधार तथा पर्यावरणीय पहल का सार्वजनिक प्रस्तुतीकरण भी होगा।

समारोह के दौरान माननीय राज्यपाल एवं कुलाधिपति विश्वविद्यालय परिसर में पूर्ण हुए विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण, नई परियोजनाओं का शुभारंभ, आधुनिक सुविधाओं का उद्घाटन, नई अधोसंरचना का शिलान्यास, विश्वविद्यालय की महत्वपूर्ण पुस्तकों एवं प्रकाशनों का विमोचन तथा “एक पेड़ माँ के नाम” जैसे जनभागीदारी आधारित पर्यावरण अभियान का शुभारंभ करेंगे। साथ ही वे विश्वविद्यालय परिवार को अपने प्रेरक आशीर्वचन से संबोधित कर उच्च शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार और राष्ट्र निर्माण के लिए मार्गदर्शन प्रदान करेंगे।

समारोह में विश्वविद्यालय द्वारा पूर्ण किए गए एकलव्य भवन, नागार्जुन भवन, वाल्मीकि भवन, 11 केवी विद्युत केन्द्र भवन तथा विश्वविद्यालय की चारदीवारी के नवोद्धारोपरांत लोकार्पण किए जाएंगे। साथ ही चाणक्य भवन, महाराणा प्रताप भवन एवं विश्वकर्मा भवन के नवोद्धार कार्यों का शुभारंभ होगा। विश्वविद्यालय में स्थापित अत्याधुनिक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कक्ष तथा एमडीएसयू पॉडकास्ट स्टूडियो का उद्घाटन भी इसी अवसर पर किया जाएगा। भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विश्वविद्यालय के उत्तर प्रवेश द्वार का शिलान्यास भी प्रस्तावित है।

शैक्षणिक उत्कृष्टता को नई दिशा देने के उद्देश्य से समारोह में विश्वविद्यालय की प्रतिष्ठित त्रैमासिक पत्रिका “त्रिवेणी” (वार्षिक विशेषांक)राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप योग्यता, कौशल एवं मूल्य संवर्धन पाठ्यक्रम, तथा विश्वविद्यालय प्रवेश विवरणिका का विमोचन किया जाएगा। ये प्रकाशन नई शिक्षा नीति के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण एवं रोजगारोन्मुखी उच्च शिक्षा के प्रति विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता को रेखांकित करेंगे।

स्थापना दिवस को समाजोपयोगी गतिविधियों से जोड़ते हुए स्वास्थ्य परीक्षण शिविर, रक्तदान शिविर एवं ईसीजी केन्द्र का शुभारंभ भी किया जाएगा। इसके साथ ही पर्यावरण संरक्षण के राष्ट्रीय अभियान “एक पेड़ माँ के नाम” की शुरुआत कर विश्वविद्यालय परिसर में वृक्षारोपण किया जाएगा, जिससे विद्यार्थियों एवं समाज में प्रकृति संरक्षण के प्रति संवेदनशीलता और जनभागीदारी को प्रोत्साहन मिलेगा।

विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार यह स्थापना दिवस समारोह केवल उपलब्धियों का उत्सव नहीं, बल्कि भविष्य की दिशा तय करने वाला एक महत्वपूर्ण अवसर होगा। विश्वविद्यालय का उद्देश्य उत्कृष्ट अधोसंरचना, डिजिटल संसाधनों, अनुसंधान, नवाचार, कौशल विकास तथा भारतीय ज्ञान परंपरा पर आधारित गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा के माध्यम से राष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान को और सुदृढ़ करना है।

समारोह के अंत में माननीय राज्यपाल एवं कुलाधिपति विश्वविद्यालय परिवार को आशीर्वाद प्रदान करेंगे तथा उच्च शिक्षा को समाज, राष्ट्र और वैश्विक आवश्यकताओं के अनुरूप अधिक प्रभावी, समावेशी और नवाचारोन्मुख बनाने का आह्वान करेंगे।

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