ग्रामीण एवं शहरी सेवा फॉलोअप शिविर

शुक्रवार को भी मिलेगी जन-जन को राहत

अजमेर, 30 जुलाई। आमजन की समस्याओं के त्वरित एवं स्थानीय स्तर पर समाधान और विभिन्न लोक-कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मौके पर ही प्रदान करने के लिए ग्रामीण एवं शहरी शिविरों की निरन्तरता में फॉलोअप शिविरों का आयोजन शुक्रवार 31 जुलाई को भी किया जाकर राहत प्रदान की जाएगी।

जिला कलक्टर श्री लोक बन्धु ने बताया कि फॉलोअप कैम्पों के अन्तर्गत शुक्रवार 31 जुलाई को उपखण्ड क्षेत्र नसीराबाद की सनोद ग्राम पंचायत में ग्रामीण सेवा फॉलोअप शिविर का आयोजन किया जाएगा। इसी प्रकार नगरीय निकायों में शहरी सेवा फॉलोअप शिविरों का आयोजन वार्डवार किया जाएगा।

सफलता की कहानी-1

तिलाना शिविर में दूर हुई वर्षों की कानूनी अड़चन

काश्तकार भाइयों की कृषि भूमि की मौके पर ही खुली विरासतखिले चेहरे

राजस्थान सरकार द्वारा सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों के निवासियों और किसानों को उनके ही गाँव में पारदर्शी व त्वरित न्याय दिलाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे ग्रामीण सेवा शिविर-2026 काश्तकारों के लिए बेहद वरदान साबित हो रहे हैं।

 ऎसा ही एक संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई का मिसाल पेश करने वाला मामला जिले के उपखण्ड नसीराबाद की पंचायत समिति श्रीनगर के अंतर्गत ग्राम पंचायत तिलाना में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर में देखने को मिलाजहाँ पिछले 24 वर्षों से लंबित एक भूमि विरासत के प्रकरण का मौके पर ही सुखद निस्तारण किया गया।

 ग्राम तिलाना निवासी काश्तकार श्री गोपालश्री सुखपालश्री लालाराम एवं श्री सुवा के पिता श्री काना (पुत्र गंगाराम) का देहांत वर्ष 2002 में हो गया था। पिता के निधन के बाद से हीउचित जानकारी के अभाव और आवश्यक कागजी दस्तावेज पूरे न हो पाने के कारणउनके पिता के नाम दर्ज कृषि भूमि का नामान्तरण (विरासत) दर्ज नहीं हो पा रहा था। इसके चलते भाइयों के बीच भूमि के वैधानिक अधिकारों को लेकर पिछले दो दशकों से अधिक समय से चिंता बनी हुई थी।

 ग्राम तिलाना में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर के दौरान सभी काश्तकार भाई आवश्यक दस्तावेज लेकर राजस्व विभाग के काउंटर पर पहुँचे और अपनी समस्या रखी। शिविर में मौजूद राजस्व अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने मामले की गंभीरता को समझा।

 दस्तावेजों का मिलान करने के बादउपखण्ड अधिकारी नसीराबाद के मार्गदर्शन में राजस्व टीम द्वारा बिना किसी विलंब के मौके पर ही कार्यवाही पूर्ण की गई। टीम ने काश्तकारों के खाता संख्या 390, 665, 666 तथा 667 में दर्ज कृषि भूमि (खेत) की विधिवत विरासत खोलकर नया नामान्तरण दर्ज कर दिया।

पिछले 24 वर्षों से अटके हुए इस भूमि प्रकरण का शिविर में ही कुछ ही घंटों के भीतर समाधान हो जाने पर सभी काश्तकार भाइयों के चेहरे खुशी से खिल उठे। भू-स्वामित्व के वैधानिक अधिकार मिलने पर काश्तकारों ने बेहद प्रसन्न होकर शिविर में उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों का हृदय से धन्यवाद ज्ञापित किया और खुशी-खुशी अपने घर विदा हुए।

सफलता की कहानी-2

आयुष्मान कार्ड बनाकोटड़ी की प्रेमलता को मिला स्वास्थ्य सुरक्षा का भरोसा

परिवार को लाख रूपए तक के कैशलेस इलाज की मिली गारंटी

राजस्थान सरकार द्वारा सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में अंतिम छोर पर बैठे हर व्यक्ति को मुफ़्त व सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं पहुँचाने के उद्देश्य से आयोजित किए जा रहे ग्रामीण सेवा शिविर अभियान-2026 जरूरतमंद परिवारों के लिए बड़ी राहत का जरिया बन रहे हैं।

इसी क्रम में जिले की रूपनगढ़ तहसील (पंचायत समिति सिलोरा) के अंतर्गत अटल सेवा केन्द्रग्राम पंचायत कोटड़ी में आयोजित विशेष शिविर में एक महिला को आयुष्मान भारत और मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना से जोड़कर उनके परिवार की सेहत को सुरक्षा चक्र प्रदान किया गया।

 ग्राम कोटड़ी निवासी श्रीमती प्रेमलता साधारण आर्थिक पृष्ठभूमि से आती हैं। सीमित संसाधनों के कारण परिवार में कभी भी अचानक किसी सदस्य के गंभीर रूप से बीमार होने पर अस्पताल और इलाज के होने वाले भारी-भरकम खर्चों की चिंता उन्हें हमेशा सताती रहती थी।

अटल सेवा केन्द्र कोटड़ी पर आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर के दौरान जब वे स्वास्थ्य विभाग के स्टॉल पर पहुँचींतो वहाँ मौजूद स्वास्थ्य कर्मियों एवं विभागीय अधिकारियों ने उन्हें राज्य व केंद्र सरकार की जन-कल्याणकारी योजनाओं के बारे में बताया।

विभागीय कर्मचारियों के सहयोग से तत्काल आवश्यक कागजी प्रक्रियाएं पूरी की गई और मौके पर ही श्रीमती प्रेमलता का आयुष्मान कार्ड सफलतापूर्वक बनाकर उनके सुपुर्द कर दिया गया।

इस आयुष्मान कार्ड के बनते ही श्रीमती प्रेमलता और उनका पूरा परिवार अब मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना तथा आयुष्मान भारत – प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत पंजीकृत व सूचीबद्ध निजी एवं सरकारी अस्पतालों में प्रति वर्ष प्रति परिवार लाख रुपए तक के कैशलेस व निरूशुल्क इलाज का लाभ प्राप्त करने के पात्र बन गए हैं।

शिविर में ही बिना किसी भाग-दौड़ के आयुष्मान कार्ड हाथ में मिलते ही श्रीमती प्रेमलता के चेहरे पर बड़ी राहत और संतोष के भाव उभर आए। उन्होंने खुशी जताते हुए कहा कि अब उनके परिवार को भविष्य में किसी गंभीर बीमारी की स्थिति में महंगे इलाज और आर्थिक बोझ की चिंता से हमेशा के लिए मुक्ति मिल गई है।

इस सुचारू और संवेदनशील व्यवस्था के लिए उन्होंने राजस्थान सरकारशिविर प्रभारी तथा चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की टीम का सहृदय धन्यवाद और आभार व्यक्त किया।

सफलता की कहानी-3

अरांई शिविर में रमेशचंदमुकेशराजेश और सीता को मिला मकान का पट्टा

भू-स्वामित्व मिलने से दूर हुई बैंक लोन की अड़चन

 राजस्थान सरकार द्वारा सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों के नागरिकों को उनके ही गाँव में स्थायी अधिकार और प्रशासनिक राहत देने के उद्देश्य से आयोजित किए जा रहे जन कल्याण शिविर के अन्तर्गत ग्रामीण सेवा शिविर कैम्प-2026 ग्रामीणों के लिए वरदान साबित हो रहे हैं।

ऎसा ही एक सुखद और राहत भरा मामला जिले की अरांई तहसील के अंतर्गत अटल सेवा केन्द्रग्राम पंचायत अरांई में आयोजित शिविर में देखने को मिलाजहाँ वर्षों से अपने ही घर के मालिकाना हक के लिए परेशान हो रहे ग्रामीणों को मौके पर ही पट्टा प्रदान किया गया।

 ग्राम अरांई निवासी श्री रमेशचंद (पुत्र श्री सुवालाल)श्री मुकेश पंवार व श्री राजेश पंवार (पुत्र श्री ओमप्रकाश) तथा श्रीमती सीता (पत्नी श्री प्रधान जाट) अपने-अपने मकानों में पिछले 20 से 30 वर्षों से निवास कर रहे थे। इतने लंबे समय से रहने के बावजूद उनके पास अपने मकान का कोई वैधानिक भू-स्वामित्व सम्बंधी दस्तावेज (आवासीय पट्टा) उपलब्ध नहीं था। पट्टा न होने के कारण उन्हें बैंक से लोन लेने तथा अन्य प्रशासनिक कार्यों में भारी समस्याओं और अड़चनों का सामना करना पड़ रहा था।

 ग्राम पंचायत अरांई में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर के दौरान प्रार्थियों ने पंचायतीराज विभाग के काउंटर पर आवासीय पट्टे के लिए अपना आवेदन प्रस्तुत किया।

शिविर में मौजूद अधिकारियों ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत आवेदनों का परीक्षण करवाया और सभी आवश्यक प्रक्रियाएं मौके पर ही पूर्ण करते हुए प्रार्थियों के नाम से विधिवत आवासीय पट्टे जारी कर दिए। शिविर स्थल पर ही उपखण्ड अधिकारी श्रीमती नीतू मीनाअति. मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं विकास अधिकारी श्री शिवदान सिंह तथा तहसीलदार श्रीमती नेहा कंवर की गरिमामयी उपस्थिति में उन्हें उनके मकानों के पट्टे ससम्मान सौंपे गए।

बरसों पुराना सपना साकार होने और हाथोंहाथ भू-स्वामित्व का पट्टा मिलने से सभी लाभार्थियों के चेहरे खुशी से खिल उठे। उन्होंने बताया कि अब पट्टा मिल जाने से उन्हें बैंक से लोन प्राप्त करने में आसानी होगी और उनके घर का मालिकाना हक पूरी तरह सुरक्षित हो गया है।

 प्रार्थियों ने इस पारदर्शीत्वरित और संवेदनशील व्यवस्था के लिए माननीय मुख्यमंत्री महोदयशिविर प्रभारी तथा पंचायतीराज विभाग का हृदय से आभार प्रकट किया है। शिविर के दौरान सहायक विकास अधिकारी श्री संजय तोषनीवालब्लॉक मुख्य चिकित्सा अधिकारीप्रशासकपटवारीगिरदावर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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