अजमेर, 19 अगस्त। नगरीय निकायों के आम चुनाव – 2026 के निर्वाचन प्रक्रिया के दौरान राजस्थान नगर पालिका आदेश 2019 की पालना करनी होगी।
जिला निर्वाचन अधिकारी श्री लोक बन्धु ने बताया कि राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार नगरीय निकायों के आम चुनाव 2026 की निर्वाचन प्रक्रिया में राजस्थान नगर पालिका आदेश 2019 की पालना करनी होगी। राज्य निर्वाचन आयोग नगरपालिका के निर्वाचन के लिए अधिसूचना के प्रकाशन की तारीख से प्रारंभ होने वाली और उस तारीख को, जिसको निर्वाचन की सम्पूर्ण प्रक्रिया पूर्ण होती है, समाप्त होने वाली निर्वाचन की कालावधि के दौरान किसी भी अभ्यर्थी या उसके सम्यक रूप से प्राधिकृत अभिकर्ता द्वारा यानों या ध्वनि विस्तारकों के उपयोग या कट आउटों, होर्डिंगों, पोस्टरों और बैनरों के प्रदर्शन पर युक्तियुक्त निर्बंधन अधिरोपित कर सकेगा।
उन्होंने बताया कि राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिरोपित निर्बंधनों में से किसी का भी उल्लंघन के दोष सिद्धि पर पांच हजार रूपये तक के जुर्माने से दण्डित किया जा सकेगा। साथ ही दंडित प्रत्येक व्यक्ति, राज्य निर्वाचन आयोग के आदेश से, किसी नगरपालिका का सदस्य चुने जाने या होने के लिए ऎसी कालवधि के लिए, जो ऎसे आदेश की तारीख से छह वर्ष तक की हो सकेगी, निरर्हित किये जाने का भी भागी होगा।
उन्होंने बताया कि राजस्थान नगरपालिका (निर्वाचन में वाहनों एवं लाउडस्पीकरों के उपयोग तथा पोस्टरों, बैनरों आदि के प्रदर्शन पर प्रतिबंध) आदेश, 2019 लागू है। इसके अन्तर्गत कतिपय प्रकार के वाहनों के उपयोग पर पूर्णतः प्रतिबंध होगा। अभ्यर्थी या उसके निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा निर्वाचन की अधिसूचना की तिथि से निर्वाचन समाप्ति तक चुनाव प्रचार या चुनाव संबंधी यात्रा के लिए बस, ट्रक, मिनी बस और मेटाडोर एवं पशुचालित किसी भी प्रकार का वाहन यथा तांगा, ऊँटगाडी, बैलगाड़ी आदि वाहनों का उपयोग पूर्णतः निषिद्ध रहेगा।
उन्होंने बताया कि निषिद्ध प्रकृति के वाहनों से भिन्न अन्य किसी जीप, कार, तिपहिया टैम्पों, मोटरसाईकिल, स्कूटर आदि वाहन का उपयोग विभिन्न प्रतिबंधों के अधीन रहते हुए किया जा सकेगा। नगर निगम पार्षद के चुनाव में प्रत्येक अभ्यर्थी द्वारा अधिकतम तीन वाहनों का उपयोग किया जा सकेगा। नगर परिषद पार्षद के चुनाव में अधिकतम दो वाहनों का उपयोग किया जा सकेगा। नगरपालिका सदस्य के चुनाव में अधिकतम एक वाहन का उपयोग किया जा सकेगा।
उन्होंने बताया कि वाहन का उपयोग करने से पूर्व अभ्यर्थी या उसके निर्वाचन अभिकत्र्ता द्वारा वाहन संख्या एवं उसका प्रकार तथा वाहन चालक के नाम व पते की लिखित सूचना संबंधित रिटर्निंग अधिकारी को कम से कम 24 घंटे पूर्व देनी होगी। इसके अनुसार रिटर्निंग अधिकारी द्वारा वाहन उपयोग की अनुमति निर्धारित प्ररूप ख में जारी की जायेगी। इसे अभ्यर्थी द्वारा उपयोग किये जा रहे वाहन पर प्रदर्शित की जाएगी।
उन्होंने बताया कि किसी भी निर्वाचन में तीन वाहनों से अधिक की रैली या काफिला नहीं निकाला जाएगा। मतदान समाप्ति के लिये निर्धारित समय के 48 घण्टे पूर्व की अवधि में ऎसी रैली या काफिला निकाला जाना पूर्णतः निषिद्ध रहेगा। मतदान दिवस को वाहन के उपयोग के लिए लिखित अनुमति संबंधित रिटर्निंग अधिकारी से लेनी होगी। यह अनुमति रिटर्निंग अधिकारी द्वारा बिना किसी नोटिस के निरस्त भी की जा सकती है।
उन्होंने बताया कि लाउड स्पीकरों का उपयोग निर्धारित प्रतिबंधों के अधीन रहते हुए किया जा सकेगा। अभ्यर्थी द्वारा चुनाव प्रचार के लिए स्थापित चुनाव कार्यालय पर लाऊड स्पीकरों के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबन्ध रहेगा। मतदान समाप्ति के लिए निर्धारित समय से पूर्व की 48 घंटे की अवधि में एवं हॉस्पिटल, स्कूल एवं धार्मिक स्थल के 100 मीटर की परिधि में लाउड स्पीकरों के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबन्ध रहेगा। प्रातः 6 बजे से रात्रि 10 बजे तक क्षेत्राधिकार रखने वाले जिला मजिस्ट्रेट या उपखण्ड मजिस्ट्रेट या अन्य सक्षम अधिकारी की प्ररूप ग में लिखित अनुमति के उपरान्त ही उपयोग किया जा सकेगा। ऎसी अनुमति प्राप्त करने के लिए अभ्यर्थी या उसके निर्वाचन अभिकर्ता को लिखित रूप में अवगत कराना होगा कि वह किस प्रकार और किसी स्थान पर उसका उपयोग करेगा।
उन्होंने बताया कि निर्वाचन में सार्वजनिक या निजी स्थान पर किसी अभ्यर्थी या राजनैतिक दल के नेता की तस्वीर अथवा चुनाव चिन्ह अथवा नारे दर्शाते हुए कट आऊट, होर्डिंग्स, पोस्टर या बैनर आदि निर्धारित प्रतिबंधों के अधीन प्रदर्शित किये जा सकेगें। कट-आऊटों, होर्डिंग्स, पोस्टरों एवं बैनरों के प्रदर्शन में नगरपालिका अधिनियम 2009 के सम्पत्ति के विरूपण का निवारण के उपबंधों के अध्यधीन रहते हुए यदि वे सार्वजनिक स्थल पर लगाये जाते है तो संबंधित स्थानीय प्राधिकारी या इस निमित्त विधि द्वारा प्राधिकृत सक्षम अधिकारी की लिखित अनुमति लेनी होगी।
उन्होंने बताया कि नगरपालिका अधिनियम 2009 के सम्पत्ति के विरूषण का निवारण के उपबंधों के अध्यधीन रहते हुए किसी निजी संपत्ति पर केवल ऎसी प्रचार सामग्री जो आसानी से हटायी जा सके, यथा झण्डियां, बैनर, आदि लगायी जा सकेगी। ऎसी प्रचार सामग्री लगाने से पूर्व संबंधित संपत्ति के स्वामी वामी से लिखित अनुमति प्राप्त करनी होगी। किसी भी मतदान बूथ के भवन के 200 मीटर परिधि क्षेत्र में ऎसे पोस्टर या बैनर या प्रचार सामग्री प्रदर्शित नहीं की जायेगी। मतदान के दिन अभ्यर्थियों द्वारा लगाये जाने वाले निर्वाचन बूथों पर एक बैनर लगाया जा सकता है। इसका आकार 2 बाई 5 फीट से अधिक नहीं होगा। इस बैनर पर किसी राजनैतिक दल के नेता या अभ्यर्थी का चित्र एवं फोटो या चुनाव चिन्ह या नारा प्रदर्शित नहीं किया जाएगा। आमसभा, जुलूस एवं रैली आदि के लिए अधिकारिता रखने वाले कार्यपालक मजिस्ट्रेट की अनुमति आवश्यक होगी।
उन्होंने बताया कि निर्वाचन अधिकतम चुनाव खर्च सीमा निर्धारित की गई है। नगर निगम पार्षद के लिए 3 लाख 50 हजार, नगर परिषद पार्षद के लिए 2 लाख 50 हजार तथा नगरपालिका सदस्य के लिए एक लाख 50 हजार रूपये अधिकतम खर्च की सीमा है। चुनाव खर्च का लेखा प्ररूप क में परिणामों की घोषणा के 15 दिवस के अन्दर संबंधित जिला निर्वाचन अधिकारी (नगरपालिका) (कलक्टर) या उसके द्वारा इस निमित्त प्राधिकृत अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत करना होगा। जिला निर्वाचन अधिकारी अथवा प्राधिकृत अधिकारी द्वारा प्राप्त लेखा को कार्यालय के नोटिस बोर्ड पर तीन दिन तक प्रदर्शित किया जाएगा। इसके आगामी सात दिवस में कोई भी व्यक्ति उक्त प्रारूप में दर्शित खर्चे के संबंध में आपत्ति प्रस्तुत कर सकेगा। जांच उपरान्त शिकायत में अंकित तथ्यों के साबित पाए जाने पर नियमानुसार समुचित कार्यवाही की जाएगी।