स्मार्ट सिटी के दावों की खुली पोल, भाजपा की घोषणाएं करोड़ों की और घरों में बूंद-बूंद पानी का संकट: डॉ. राजकुमार जयपाल
डॉ जयपाल का देवनानी पर तीखा हमला—त्योहार पर घरों में सफाई के लिए पानी की मांग बढ़ी, फिर भी आपूर्ति कम; 24 से 48 घंटे में पानी देने के वादे का क्या हुआ? 72 से 96 घंटे बाद भी कम दबाव से जलापूर्ति की शिकायतें
अजमेर। दीपावली का त्योहार सिर पर है, घरों में साफ-सफाई और तैयारियां चल रही हैं, बाजारों में रौनक बढ़ रही है, लेकिन अजमेर के कई इलाकों में लोग पानी की कमी से परेशान हैं। त्योहार के समय जब घरों में सामान्य दिनों से अधिक पानी की जरूरत है, तब भी कम दबाव और लंबे अंतराल से जलापूर्ति की शिकायतें सामने आ रही हैं। दूसरी ओर, भाजपा सरकार और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के विकास के बड़े-बड़े दावे जारी हैं। सवाल सीधा है—जब जनता को त्योहार पर पर्याप्त पानी तक नहीं मिल रहा, तो स्मार्ट सिटी के दावों का आम आदमी को क्या लाभ मिला?
अजमेर शहर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष डॉ. राजकुमार जयपाल और प्रवक्ता शैलेश गुप्ता ने भाजपा सरकार तथा विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि स्मार्ट सिटी के नाम पर अजमेर की जनता को विकास के सपने दिखाए गए, लेकिन बुनियादी समस्याओं से राहत नहीं मिली। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि एक तरफ करोड़ों रुपये की घोषणाएं और शिलान्यास किए जा रहे हैं, दूसरी तरफ जनता टूटी सड़कों, बिगड़ी यातायात व्यवस्था और पेयजल संकट से जूझ रही है।
दीपावली पर सफाई करें या पानी का इंतजाम? जनता पूछ रही सवाल
डॉ जयपाल ने कहा कि दीपावली पर हर घर में सफाई, धुलाई और अन्य तैयारियां होती हैं। ऐसे समय में पानी की मांग स्वाभाविक रूप से बढ़ जाती है, लेकिन कई क्षेत्रों में लोगों को 72 से 96 घंटे तक जलापूर्ति का इंतजार करना पड़ने और पानी कम दबाव से आने की शिकायतें हैं। इससे आम परिवारों की परेशानी बढ़ रही है और कुछ लोगों को वैकल्पिक इंतजाम करने पड़ रहे हैं।
डॉ जयपाल ने सवाल उठाया कि विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी द्वारा 24 से 48 घंटे में पर्याप्त पानी उपलब्ध कराने को लेकर किए गए वादों का क्या हुआ? यदि जलापूर्ति व्यवस्था में सुधार हुआ है, तो जनता को उसका लाभ स्पष्ट रूप से क्यों नहीं दिखाई दे रहा? उन्होंने मांग की कि जलदाय विभाग त्योहार से पहले प्रभावित क्षेत्रों में आपूर्ति की समीक्षा करे, जलापूर्ति का रोस्टर स्पष्ट करे और कम दबाव तथा लंबी देरी की शिकायतों का तत्काल समाधान करे।
करोड़ों की घोषणाएं, लेकिन सड़कों पर गड्ढे और चौराहों पर जाम
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि अजमेर में विकास के दावों और जमीनी हालात के बीच बड़ा अंतर है। शहर के अनेक इलाकों में टूटी सड़कें, गड्ढे और अधूरे निर्माण कार्य लोगों की परेशानी बढ़ा रहे हैं। पेचवर्क के नाम पर होने वाली मरम्मत की गुणवत्ता पर भी सवाल उठ रहे हैं। वहीं प्रमुख मार्गों और बाजारों में यातायात जाम से नागरिकों को रोजाना जूझना पड़ता है।
उन्होंने कहा कि स्मार्ट सिटी का अर्थ केवल सौंदर्यीकरण, शिलापट्ट और परियोजनाओं की घोषणाएं नहीं, बल्कि ऐसी व्यवस्था है जिसमें नागरिकों को सुरक्षित सड़कें, नियमित पानी और सुगम यातायात मिले। यदि जनता को बुनियादी सुविधाओं के लिए ही परेशान होना पड़े, तो विकास के दावों की समीक्षा जरूरी है।
सर्किट हाउस की घोषणाओं से आगे बढ़कर जमीन पर काम दिखाए सरकार
डॉ. राजकुमार जयपाल ने आरोप लगाया कि अधिकारियों के साथ बैठकों और मीडिया में विकास कार्यों की चर्चा तो होती है, लेकिन शहर की समस्याओं का स्थायी समाधान प्राथमिकता से होना चाहिए। कांग्रेस ने मांग की कि विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी द्वारा घोषित कार्यों की प्रगति, स्वीकृत बजट, खर्च और निर्धारित समयसीमा सार्वजनिक की जाए, ताकि जनता वास्तविक स्थिति जान सके।
कांग्रेस नेताओं ने शहर की सफाई, नालियों, सीवरेज, स्ट्रीट लाइट और आवारा पशुओं से जुड़ी समस्याओं पर भी प्रभावी कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि त्योहार के समय सफाई व्यवस्था और पेयजल आपूर्ति पर विशेष ध्यान देना प्रशासन की जिम्मेदारी है।
डॉ. जयपाल और शैलेश गुप्ता ने कहा कि अजमेर की जनता को अब घोषणाओं की चमक नहीं, समस्याओं से राहत चाहिए। दीपावली पर भी यदि लोगों को पानी के लिए परेशान होना पड़े, तो जिम्मेदार विभागों और जनप्रतिनिधियों को जवाब देना चाहिए। कांग्रेस ने मांग की कि त्योहार से पहले पेयजल आपूर्ति दुरुस्त की जाए और शहर की बुनियादी समस्याओं के समाधान के लिए समयबद्ध कार्ययोजना लागू हो।
जारीकर्ता:
शैलेश गुप्ता
प्रवक्ता, अजमेर शहर जिला कांग्रेस कमेटी