अभिभावकों के साथ संवाद और सुझावों के आदान-प्रदान पर रहा विशेष जोर
बच्चों के सर्वांगीण विकास, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और विद्यालय-अभिभावक समन्वय को सुदृढ़ बनाने पर हुई विस्तृत चर्चा
वर्द्धमान शिक्षण समिति द्वारा संचालित वर्द्धमान रूट्स स्कूल में LKG एवं HKG कक्षाओं के विद्यार्थियों के अभिभावकों के लिए ओरिएंटेशन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यालय एवं अभिभावकों के बीच प्रभावी संवाद स्थापित करना, बच्चों की शैक्षणिक एवं व्यक्तिगत प्रगति पर चर्चा करना तथा उनके सर्वांगीण विकास के लिए आपसी सहयोग को मजबूत बनाना रहा।
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय की प्राचार्या श्रीमती श्वेता नाहर ने अभिभावकों के साथ आत्मीय एवं संवादात्मक वातावरण में विचार-विमर्श किया। उन्होंने बच्चों की सीखने की प्रक्रिया, व्यवहार, अनुशासन, आत्मविश्वास एवं सामाजिक विकास से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण पहलुओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने अभिभावकों की जिज्ञासाओं एवं प्रश्नों को गंभीरता से सुना और उनके समाधान के लिए उपयोगी सुझाव दिए।
इस अवसर पर वर्द्धमान स्कूल के प्राचार्य श्री अरविंद जी नाहर ने भी अभिभावकों को विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था एवं उसकी प्रमुख विशेषताओं से अवगत कराया। उन्होंने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अनुभवी एवं समर्पित शिक्षकों के मार्गदर्शन, अनुशासन, नैतिक मूल्यों और विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण को विद्यालय की शिक्षा व्यवस्था के महत्वपूर्ण आधार बताया।
उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल पुस्तकीय ज्ञान प्रदान करना नहीं, बल्कि बच्चों की प्रतिभा को पहचानना, उनमें आत्मविश्वास विकसित करना, जिम्मेदारी की भावना जागृत करना तथा उन्हें जीवन की विभिन्न चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार करना भी है।
कार्यक्रम के दौरान श्वेता नाहर ने HKG के बाद बच्चियों की आगे की शिक्षा के लिए वर्धमान स्कूल को एक अच्छा एवं उपयुक्त विकल्प बताते हुए वहाँ उपलब्ध शैक्षणिक अवसरों एवं सर्वांगीण विकास की संभावनाओं पर भी चर्चा की।
ओरिएंटेशन कार्यक्रम की एक प्रमुख विशेषता अभिभावकों की सक्रिय सहभागिता रही। अभिभावकों ने बच्चों की शिक्षा, व्यवहार, विकास एवं भविष्य से जुड़े अपने प्रश्न, विचार और सुझाव साझा किए।
कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि बच्चों का वास्तविक एवं सर्वांगीण विकास विद्यालय और परिवार के संयुक्त प्रयासों से ही संभव है। नियमित संवाद, सकारात्मक दृष्टिकोण, नैतिक मूल्यों का विकास और आपसी सहयोग बच्चों की शैक्षणिक प्रगति के साथ-साथ उनके उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव रखते हैं।