करीब 10 साल से अधूरे तीन ROB, सरियों में जंग और जनता बेहाल; भाजपा की घोषणाओं की खुली पोल: डॉ. राजकुमार जयपाल
अजमेर डेयरी, सुभाष नगर और गुलाबबाड़ी ROB के निर्माण में देरी पर कांग्रेस का तीखा हमला—कागजों में विकास, जमीन पर बदहाली
अजमेर। अजमेर शहर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक डॉ. राजकुमार जयपाल तथा प्रवक्ता शैलेश गुप्ता ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि भाजपा के नेता विकास के बड़े-बड़े दावे और घोषणाएं करते हैं, लेकिन धरातल पर काम की रफ्तार बेहद धीमी है। अजमेर डेयरी, सुभाष नगर और गुलाबबाड़ी रेलवे ओवरब्रिज (ROB) इसके जीते-जागते उदाहरण हैं। करीब 10 साल से निर्माण कार्य चलने के बावजूद इन पुलों का पूरा नहीं होना भाजपा के विकास संबंधी दावों पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
डॉ. जयपाल ने कहा कि अजमेर जिले से केंद्र और राज्य सरकार में मंत्री, विधानसभा अध्यक्ष, राज्य मंत्री तथा अनेक विधायक होने के बावजूद शहर की जनता वर्षों से परेशानी झेल रही है। भाजपा के जनप्रतिनिधि घोषणाओं और बयानबाजी में आगे हैं, लेकिन इन महत्वपूर्ण परियोजनाओं को समय पर पूरा कराने में उनकी गंभीरता नजर नहीं आती। जनता को अब आश्वासन नहीं, बल्कि अधूरे निर्माण से मुक्ति चाहिए।
उन्होंने कहा कि इन तीनों ROB के निर्माण में लंबी देरी के कारण आसपास के निवासियों, वाहन चालकों और व्यापारियों को रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यातायात जाम, बारिश के दौरान पानी भरने और आवागमन बाधित होने से लोगों की मुश्किलें बढ़ जाती हैं। आपातकालीन परिस्थितियों में एंबुलेंस और अग्निशमन वाहनों की आवाजाही भी प्रभावित होने की आशंका रहती है। इसके बावजूद जिम्मेदार जनप्रतिनिधि ठोस समाधान देने के बजाय घोषणाओं तक सीमित दिखाई देते हैं।
डॉ. जयपाल ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए कहा कि लंबे समय से काम अधूरा पड़े रहने के बीच निर्माण स्थल पर रखे सरियों में जंग लगने की स्थिति सामने आ रही है। संबंधित विभागों को निर्माण सामग्री की गुणवत्ता की जांच करानी चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि जनता के पैसे से बन रहे पुलों में निर्धारित मानकों के अनुरूप सामग्री का इस्तेमाल हो। उन्होंने कहा कि निर्माण में देरी, लागत में बढ़ोतरी और गुणवत्ता से जुड़े सवालों की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।
गुलाबबाड़ी ROB का उल्लेख करते हुए डॉ. जयपाल ने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पहले भी निर्माण कार्य में तेजी लाने की मांग को लेकर धरना-प्रदर्शन किया था। उस दौरान रेलवे अधिकारियों ने छह माह के भीतर निर्माण पूरा करने का आश्वासन दिया था, लेकिन इसके बावजूद काम की गति फिर धीमी पड़ गई। इससे साफ है कि जनता को दिए गए आश्वासनों पर गंभीरता से अमल नहीं हो रहा है।
डॉ. जयपाल ने कहा कि भाजपा सरकार की घोषणाओं और जमीनी हकीकत के बीच बड़ा अंतर है। यदि करीब एक दशक बाद भी तीन महत्वपूर्ण रेलवे ओवरब्रिज अधूरे हैं, तो विकास के दावों का लाभ आम जनता तक कैसे पहुंच रहा है? जनता को शिलान्यास, प्रचार और आश्वासन नहीं, बल्कि समय पर पूरे होने वाले विकास कार्य चाहिए।