पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार व्यवहार को बढ़ावा देना के लिए रेलवे मनाएगा ‘ब्रिक्स सस्टेनेबल लाइफस्टाइल वीक’

2026 में ब्रिक्स की अध्यक्षता भारत के पास है। ब्रिक्स पर्यावरण मंत्रियों की बैठक में अपनाए गए संयुक्त मंत्रिस्तरीय बयान के अनुरूप, पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के तत्वावधान में दिनांक 1 से 7 नवंबर 2026 तक ‘ब्रिक्स सस्टेनेबल लाइफस्टाइल वीक’ (सतत जीवनशैली सप्ताह) का आयोजन किया जा रहा है।

उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी श्री अमित सुदर्शन के अनुसार ‘मिशन लाइफ’ (पर्यावरण के लिए जीवनशैली) के तहत, 1 से 7 नवंबर 2026 तक भारतीय रेलवे में ‘लाइफस्टाइल वीक’ मनाया जाएगा। इसका उद्देश्य पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार व्यवहार को बढ़ावा देना और रेलवे कर्मचारियों, यात्रियों तथा अन्य हितधारकों को ‘मिशन लाइफ’ के सिद्धांतों के अनुरूप सतत जीवनशैली अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना है।

इस सप्ताह के दौरान रेलवे स्टेशनों, ट्रेनों, कार्यालयों, कॉलोनियों, कार्यशालाओं (वर्कशॉप), डिपो और अन्य उपयुक्त रेलवे परिसरों में व्यापक स्तर पर गतिविधियां आयोजित की जाएं। जहां भी उचित हो, रेलवे कर्मचारियों, सफाई मित्रों, स्थानीय निकायों, स्वयंसेवकों, शिक्षण संस्थानों, नागरिक समाज संगठनों और अन्य हितधारकों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। इस अभियान को प्रभावी ढंग से लागू करने और समन्वय के लिए, एक वरिष्ठ अधिकारी को इस सप्ताह के दौरान होने वाली गतिविधियों की देखरेख के लिए नामित किया जाएगा।

इस अभियान में ‘मिशन लाइफ'(Mission LiFE) की सात मुख्य थीमों पर ध्यान केंद्रित करते हुए, रेलवे परिसरों और ट्रेनों में सरल और प्रभावी संदेशों का प्रचार किया जाएगा।
इस ‘जीवनशैली सप्ताह’ के हर दिन के लिए एक विशेष थीम आधारित संचार योजना तैयार की गई है। पहले दिन की थीम ‘स्वस्थ जीवनशैली अपनाना’ है, जिसका संदेश है – अच्छा स्वास्थ्य चुनें, पौष्टिक भोजन लें, सक्रिय रहें और अपने आस-पास की जगह को साफ रखें। दूसरे दिन की थीम ‘ऊर्जा बचाना’ है, जिसमें संदेश दिया गया है कि जब लाइट या उपकरण इस्तेमाल में न हों, तो उन्हें बंद करके ऊर्जा बचाएं। तीसरे दिन की थीम ‘पानी बचाना’ है, जिसका संदेश है –
पानी के स्रोतों को साफ रखें और कहीं भी पानी का रिसाव (लीकेज) होने पर उसकी सूचना दें। चौथे दिन की थीम ‘सतत खाद्य प्रणाली अपनाना’ है, जिसका संदेश है – भोजन बर्बाद न करें, इधर-उधर कचरा न फैलाएं और कचरे का सही तरीके से निपटान करें। पांचवें दिन की थीम ‘सिंगल-यूज़ प्लास्टिक को ना कहना’ है, जिसका संदेश है – एक जिम्मेदार नागरिक बनें, अपने साथ दोबारा इस्तेमाल होने वाले (रीयूज़ेबल) बैग और पानी की बोतलें रखें, और परिसर को साफ रखें। छठे दिन की थीम ‘ई-कचरा (e-waste) कम करना’ है, जिसका संदेश है – इलेक्ट्रॉनिक सामानों को ठीक कराकर उनका दोबारा इस्तेमाल करें, और ई-कचरे का निपटान अधिकृत माध्यमों से जिम्मेदारीपूर्वक करें। सातवें दिन की थीम ‘कचरा कम करना’ है, जिसका संदेश है – कचरे को कम करें, उसका दोबारा इस्तेमाल करें और जहां सुविधा हो, वहां कचरे को अलग-अलग (segregate) करें; इधर-उधर कचरा न फैलाएं और रेलवे परिसर को साफ रखें। इन संदेशों को डिजिटल डिस्प्ले, पोस्टर, सार्वजनिक घोषणाओं, स्वच्छता और कचरा पृथक्करण (waste segregation) के प्रति जागरूकता अभियानों, बेकार पड़ी चीजों से बनी कलाकृतियों, कर्मचारियों और यात्रियों की भागीदारी, तथा कचरे को कम करने और अलग-अलग करने की शपथ के माध्यम से लोगों तक पहुँचाया जाएगा।

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