

अरांई । कस्बे के समीपवर्ती ग्राम छोटा लाम्बा में मंगलवार को करंट लगने से हुई बन्दर की मौत के बाद बुधवार को ग्रामीणों ने बंदर की बैकुठी निकालकर धार्मिक रीति रिवाज से अतिंम सस्ंकार किया। जिसमें सैकडों ग्रामीणों व हनुमान भक्तों ने बैकुण्ठी में भाग लिया। प्राप्त जानकारी के अनुसार सोमवार को जैन मंदिर के पास नीम पर बैठे बंदर के कंरट लग गया। इससे वह पेड़ के नीचे गिरकर घायल हो गया। ग्रामीणों ने घायल बंदर का अरांई के पशुचिकित्सालय में इलाज करवाया। चिकित्सकों ने बंदर का प्राथमिक उपचार कर छोटा लाम्बा भेज दिया। छोटा लाम्बा के गजेन्द्र पुरी ने बताया कि मंगलवार शाम को करंट से घायल बंदर की अचनक तबियत बिगड़ गई। चिकित्सालय ले जाने से पहले ही बंदर ने दम तोड़ दिया। मंगलवार के दिन बंदर की मौत होने की सूचना पर ग्रामीणों में शोक की लहर दौड़ गई। पुरी ने बताया कि मृत बंदर की गाजे-बाजे के साथ ग्रामीणों ने बैकुंठी निकाली। रंग-गुलाल के साथ बैकुंठी गांव के आलुना बास, सदर बाजार, तीरवाल मोहल्ला, मामा की गली, ज्याणी मोहल्ला, तेजा चौक होते हुए कुण्ड़ की पाल पहुंची। यहां धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ सैकडों ग्रामीणों की उपस्थिती में अंतिम संस्कार कर दिया गया। बैकुंठी में पूर्व सरपंच रामगोपाल सोनी, पुखराज तेली, सुखपाल जाट, चतराराम जाट, राहुल जैन, बद्री लाल शर्मा, केपी गोस्वामी, राजू ज्याणी, रामकिशोर सोनी, अजय बंगाली सहित ग्रामीण उपस्थित थे।
सौर ऊर्जा की लाईटों में हो उच्चस्तरीय जांच जिला कलक्टर को भेजा ज्ञापन
अंराई । अंराई पंचायत समिति की करीब नब्बे प्रतिशत ग्राम पंचायतों में लगी सौलर लाईटों में भारी घोटाले की आशंका को लेकर सतर्कता समिति के अध्यक्ष भगवान दत शर्मा ने जिला कलक्टर को ज्ञापन भेज मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की। शर्मा ने ज्ञापन में बताया कि तीन माह पूर्व पंचायत समिति वित्त एंव प्रशासन समिति की बैठक में ग्राम पंचायतों में लगी सौलर लाईटों के सम्बन्ध में सूचना मांगी गई थी। परन्तु तीन माह बाद भी कोई सूचना नहीं दी गई है। पंचायत समिति के अधिकारी व क र्मचारी भी मामले में टालमटोल करने में लगें है। रोड लाईटों में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया है। ग्राम पंचायतों में लगी रोड लाईटों में नई तकनीकि का अभाव है।
ये मांगी थी सूचना – सतर्कता समिति अध्यक्ष भगवान दत्त शर्मा ने बताया कि पंचायत समिति क्षेत्र की कितनी ग्राम पंचायतों में सौर ऊर्जा की रोड लाईटे लगाई गई तथा किस योजना के तहत् लगाई गई व प्रत्येक ग्राम पंचायत में प्रति रोड लाईट कितना भुगतान हुआ इसके साथ ही रोड लाईटों की वर्तमान स्थिति को लेकर सूचना चाही गई थी। ग्राम पंचायतों द्वारा रोड लाईटे लगाने के लिए निकाली गई निविदाओं की सूचनाओं की प्रतिलिपियॉ मांगी गई थी। उन्होनें बताया कि अधिकत्तर ग्राम पंचायतों में रोड लाईटों की हालत खराब है। जिनका भुगतान गुणवत्तापूर्ण तरीके से किया गया है लेकिन सौर ऊर्जा की रोड लाईटे गुणवत्ता पूर्ण नही है।
अपनें चहेतों के किया उजाला :- वहीं ग्रामीणों ने भी बताया कि सौर लाईटों को सरंपचों व ग्रामसेवकों ने मिलकर अपने चहेतों के घरों के बाहर उजाला करने को प्राथमिकता दी है। जिससे ग्रामीणों में आज भी विवाद की स्थिति बनी है। ग्राम पंचायतों की हालत को देखा जाये तो कई मुख्य मार्ग जिन पर सौर ऊर्जा की लाईटे लगनी थी उन मार्गो को नकारा गया।
ग्रामसेवक नहीं दे रहे सूचना :- पंचायत समिति के प्रसार अधिकारी हीरालाल गोस्वामी ने बताया कि ग्रामसेवकों से सौर ऊर्जा की रोड लाईटों के सम्बन्ध में सूचना मांगने पर भी सूचना नहीं दे रहे है। ग्रामसेवकों के खिलाफ कार्यवाही करने के लिए उच्च अधिकारियों को लिखा गया है।
इनका कहना :- पंचायत समिति प्रशासन उक्त मामले की सूचना देने में बार बार आनकानी कर रहा है जिससे यह लग रहा है कि समिति प्रशासन के कुछ अधिकारी व कर्मचारी सौर ऊर्जा लाईटों में हुए घोटाले को दबाने के हरसभंव प्रयास करने में लगें है। भगवान दत्त शर्मा सतकर्ता समिति अध्यक्ष एंव पंचायत समिति सदस्य।
– मनोज सारस्वत