साधक को तप की अग्नि का आत्मयज्ञ भी आवश्यक है – उपप्रवर्तिनी डॉ. श्री राजमती जी म.सा.
अजमेर 17 जुलाई महाश्रमणी गुरूमाता महासती श्री पुष्पवती जी (माताजी) म.सा. आदि ठाणा-7 के पावन सान्निध्य में मणिपुंज सेवा संस्थान में चातुर्मासिक प्रवचन श्रृंखला सतस प्रवाहमान है। दिवस की मंगल घडिय़ों की शुरूआत प्रार्थना एवं मंगलिक से होती है। आज प्रवचन के दौरान उपप्रवर्तिनी सदगुरूवर्या डॉ.श्री राजमती जी म.सा. ने फरमाया – पूर्व कृत कर्म … Read more