चातुर्मास है अध्यात्म की फसल उगाने का अवसर
चातुर्मास शुभारंभ-06 जुलाई 2025 पर विशेष – मंत्र महर्षि डॉ. योगभूषण महाराज – सृष्टि का चक्र अनवरत गतिशील है-गर्मी, वर्षा और शीत ऋतु इसका पर्याय हैं। इन्हीं ऋतुओं में से एक वर्षा ऋतु-न केवल पर्यावरणीय दृष्टि से, बल्कि आध्यात्मिक और धार्मिक जगत के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। जैन धर्म में इस अवधि को “चातुर्मास” … Read more