मनुष्य भव सर्व श्रेष्ठ है, इसकी महत्ता का भाव भीतर में संजोए
आचार्य तत्वदर्शन सुरीश्वर । तपागच्छ जैन संघ के तत्वावधान में चल रही प्रवचन माला के अंतर्गत धर्म सभा को संबोधित करते हुए आचार्य तत्वदर्शन सुरीश्वर ने कहा कि अनादि काल से जीव चार गतियों में भ्रमण करता आ रहा है। इन चारों गतियों में मनुष्य गति ही सर्व श्रेष्ठ गति है। हमारा सौभाग्य है जो … Read more