त्याग और सेवा आधारित अध्यात्म सेवा ही भारत का डी.एन.ए – डाॅ. स्वतन्त्र शर्मा
योग केवल शारीरिक दक्षता, कुशलता प्राप्त करने के लिए आसन अथवा प्राणायाम करने तक ही सीमित नहीं है अपितु योग का स्वरूप अत्यंत व्यापक है। जहाँ विश्व में भोग संस्कृतियों का आधिक्य है वहीं भारत की संस्कृति योगमय जीवन आधारित त्याग एवं सेवा से पूरित जीवन शैली है। भारतीय सांस्कृतिक जीवन अखण्ड एवं एकात्म स्वरूप … Read more