आजकल की शादियाँ दिखावा…?

– अतुल मलिकराम (लेखक और राजनीतिक रणनीतिकार) देव उठने के साथ ही शादियों का सीजन शुरू हो चुका है। इस सीजन में जीवन की नई शुरुआत करने वाले नव दंपतियों को मेरी ओर से ढेर सारी शुभकामनाएँ…। आने वाले कुछ महीनों तक शहनाइयों की गूंज और शादियों की चमक-दमक बनी रहेगी। आप में से भी … Read more

पुरुषों के अस्तित्व एवं सुरक्षा की मांग क्यों उठने लगी?

अन्तर्राष्ट्रीय पुरुष दिवस-19 नवम्बर, 2024 पर विशेष दुुनिया में अब महिला दिवस की भांति पुरुष दिवस प्रभावी रूप में बनाये जाने की आवश्यकता महसूस की जाने लगी है। अब पुरुष भी अपने शोषण एवं उत्पीडित होने की बात उठा रहे हैं। महिलाओं की ही भांति अब पुरुषों पर भी उपेक्षा, उत्पीड़न एवं अन्याय की घटनाएं … Read more

“खबर के सौदागर और व्हाट्सएप की नैतिकता”

सुरेन्द्र जोशी आज का दौर तकनीक का है, जहां संचार के साधनों ने हमारी जिंदगी आसान कर दी है। लेकिन साहब, इस ‘आसान जिंदगी’ ने हमारी नैतिकता और समझदारी को भी टिफिन में पैक करके कहीं दफन कर दिया है। पहले जब किसी को अपनी खबर अखबार में छपवानी होती थी, तो एक खास जिम्मेदारी … Read more

रतल के बांट चला दीजिये !

हास्य-व्यंग्य खबर है कि महंगाई बढ रही हैं. यह बात और कोई माने न माने परन्तु अखबारों में साग-सब्जियों के अलावा आटा-दाल के भाव फिर छपने लगे है, यही ईशारा काफी है. कहते है कि जब जनता को आटा-दाल के भाव पता लगने लगे तो समझों अब जेब ज्यादा ही ढीली होने वाली है अर्थात … Read more

भारत की पारंपरिक चिकित्सा को प्रोत्साहन देने की मांग

सुप्रीम कोर्ट द्वारा हाल ही में पारंपरिक चिकित्सा पद्धति को प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना में शामिल करने की मांग वाली एक याचिका पर केंद्र सरकार से जवाब मांगा गया था। यह मांग बिल्कुल प्रासंगिक एवं भारत के पारंपरिक चिकित्सा को प्रोत्साहन देने का सराहनीय प्रयास है। ऐसा करने से एक बड़ी आबादी को सस्ती एवं … Read more

नेहरू जी की सज्जनता विनयशीलता और मजबूत इच्छाशक्ति की प्रतीक

प्रथम महिला प्रधानमंत्री आयरन लेडी इंदिरा गांधी नेहरूजी ने अपनी किताब पिता के बेटी के नाम पत्रों में इंदिरा को दुनिया में बदलते हुए हालात की जानकारी दी उन्होंने इंदिरा को लिखा सभ्यता की सबसे बड़ी पहचान है मिलकर काम करना | दुनियां ऐसी हो जहां सभी अमन और चेन से रह सके | नेहरूजी … Read more

क्या भारत एक स्वस्थ युवाओं का देश भी है?

वर्तमान भारत जिसके विषय में हम गर्व से कहते हैं कि यह एकयुवा देश है, क्या हम उसके विषय में यहभी कह सकते हैं कि भारत स्वस्थ युवाओं का देश है? यह प्रश्न अनायास नहीं है अपितु यह प्रश्न उन सर्वेक्षणोंके आधार पर है जिनमें हमारे बच्चों में टाइप 2 मधुमेह के बढ़ते मामलों का … Read more

बढ़ते मधुमेह को नियंत्रित करने की वैश्विक चुनौती

विश्व मधुमेह दिवस- 14 नवम्बर, 2024 डायबिटीज यानी मधुमेह दुनियाभर में तेजी से बढ़ती ऐसी बीमारी है जो अन्य अनेक बीमारियों एवं शरीर की जर्जरता का कारण बनती है, जिसका शिकार हर उम्र के लोगों को देखा जा रहा है। जिन लोगों का शुगर लेवल अक्सर बढ़ा हुआ रहता है उनमें आंखों, किडनी, तंत्रिकाओं, शरीर … Read more

असहिष्णुता शांति ही नहीं, स्वास्थ्य के लिये भी घातक

अन्तर्राष्ट्रीय सहिष्णुता दिवस – 15 नवम्बर 2024 व्यक्तियों, समाजों एवं राष्ट्रों की एक दूसरे के लिये बढ़ती असहिष्णुता ही युद्ध, नफरत एवं द्वेष का कारण है, यही साम्प्रदायिक हिंसा एवं उन्माद का भी कारण है। असहिष्णुता, घृणास्पद भाषण और दूसरों के प्रति भय, नफरत, घृणा एवं द्वेष न केवल संघर्ष और युद्धों का एक शक्तिशाली … Read more

गुरुनानक देव समाजक्रांति एवं धर्मक्रांति के पुरोधा

गुरुनानक देव जयन्ती- 15 नवम्बर 2024 के उपलक्ष्य में भारतीय संस्कृति में गुरु नानकदेव एक महान पवित्र आत्मा थे, वे ईश्वर के सच्चे प्रतिनिधि थेे। सिख धर्म के दस गुरुओं की कड़ी में प्रथम हैं गुरु नानक। अणु को विराट के साथ एवं आत्मा को परमात्मा के साथ एवं आत्मज्ञान को प्राप्त करने के एक … Read more

अंकल आप रहने दो

हास्य–व्यंग्य यह उन दिनों की बात है जब हाई स्कूल में पढते थे. एक बार वहां इंटर स्कूल कुश्ती प्रतियोगिता आयोजित की गई. सहपाठियों के उकसावे में आकर मैं भी अखाडे में उतर गया. ऐन मौकें पर रैफरी मुझें पहचान गया. वह मुझें, स्कूल में ही, इसके पहले एक कुश्ती लडते हुए देख चुका था … Read more

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