मेष लग्नवालों के लिए लग्‍न राशि फल

दिसंबर 2015 से शुरू किए गए कुछ कार्यक्रमों में जनवरी के दूसरे सप्ताह से मई के पहले सप्ताह तक बाधाएं बनी रहेंगी! खासकर मार्च के दूसरे सप्ताह में स्थिति बहुत तनावपूर्ण रह सकती है! इस समय संयोग के न बन पाने से कोई असफलता दिखाई पड सकती है, परेशान न हों! किसी धार्मिक क्रियाकलापों के … Read more

वृष लग्‍न वालों के लिए लग्‍न राशिफल 2016

दिसंबर 2015 से शुरू किए गए कुछ कार्यक्रमों में जनवरी के दूसरे सप्ताह से मई के पहले सप्ताह तक बाधाएं बनी रहेंगी! खासकर मार्च के दूसरे सप्ताह में स्थिति बहुत तनावपूर्ण रह सकती है! इस समय रूटीन काफी अस्त व्यस्त रहेगा और किसी घटना का प्रभाव जीवनशैली पर बुरे ढंग से पडेगा। हर कदम सुरक्षित … Read more

भारतरत्न अटल बिहारी वाजपेयी

निसंदेह वाजपेयीजी आराध्यदेव श्रीराम की संकल्पशक्ति, योगीराज श्रीकृष्ण की राजनीतिक कुशलता एवं कूटनीति और आचार्य चाणक्य की निश्चयात्मिका बुद्धि के धनी व्यक्ति हैं। उन्होंने अपने जीवन का प्रत्येक क्षण राष्ट्रसेवा हेतु अर्पित किया हैं। उनका तो उद्‍घोष है “हम देश के लिए जिएँगे और देश के लिए ही मरेंगे, भारत माता का कंकर-कंकर शंकर है, … Read more

कैसा रहेगा आपकी राशि का भविष्यफल 2016 में?

निश्चित रूप से आप ने कभी ना कभी खुद से जरूर पूछा होगा, क्या यह हो सकता है कि आप इस वर्तमान स्थिति के बजाय किसी और स्थिति में होते ? क्या आपने कभी सोचा है कि कोई उच्च शक्ति आप के जीवन को दिशा दे रही हैं। राशिफल प्राचीन समय से आपको दिशा देता … Read more

भूभल’ न्याय व्यवस्था की विसंगतियों पर केन्द्रित सशक्त उपन्यास है

पुस्तक समीक्षा ~~~~~~~~~~ पुस्तक-परिचय भूभल’ (उपन्यास) लेखिका-डॉ. मीनाक्षी स्वामी समय को लांघकर रची गई सशक्त कृति: भूभल निर्भया प्रकरण में दोषी के नाबालिग होने के कारण बच जाने के संदर्भ में मुझे मीनाक्षी स्वामी के बहुचर्चित उपन्यास “भूभल” अनायास ही स्मृतियों में कौंध रहा है। ‘भूभल’ न्याय व्यवस्था की विसंगतियों पर केन्द्रित सशक्त उपन्यास है। … Read more

क्रीडा से निर्माण चरित्र का एवं चरित्र के निर्माण राष्ट्र का

इस बोध वाक्य के साथ खेलो के माध्यम से आरोग्य सम्पन्न राष्ट्र निर्माण के लिए क्रीडा भारती की स्थापना पुणे (महाराष्ट्र) मे वर्ष 1992 में की गई । क्रीडा भारती का मुख्य उद्देष्य देष के अन्य खेलो के साथ देषी खेंलो एवं ग्रामीण क्षेत्रों के परम्परागत खेलों को बढ़ावा देना है । समाज के सभी … Read more

‘1992 का अभियान 2014 में ख़त्म हुआ’

6 दिसंबर को भारत में दो कारणों से याद करते हैं. एक तो आज के दिन भारतीय संविधान निर्माता डॉ. अांबेडकर की मौत हुई थी. मगर पिछले 23 साल से 6 दिसंबर दूसरे कारण से याद किया जाता है. और वह है अयोध्या में 6 दिसंबर 1992 को बाबरी मस्जिद का गिराया जाना. बाबरी मस्जिद … Read more

डॉ॰ राजेन्द्र प्रसाद के जीवन के कुछ सुने-अनसुने पहलू-(भाग- 2)

महान स्वतंत्रता सेनानी उन दिनों डॉ. राजेन्द्र प्रसाद देश के गिने चुने नामी वकीलों में गिने जाते थे। उनके पास मान-सम्मान और पैसे की कोई कमी नहीं थी। लेकिन जब गांधी जी ने असहयोग आंदोलन शुरू किया तो राजेन्द्र बाबू ने वकालत छोड़ दी और अपना पूरा समय मातृभूमि की सेवा में लगाने लगे। अपने … Read more

डॉ॰ राजेन्द्र प्रसादके जीवन के कुछ सुने-अनसुने पहलू- (भाग1)

जूनियर कालेज की स्मरणीय घटना जब प्रिंसिपल ने एफ.ए. में उत्तीर्ण छात्रों के नाम लिए तो राजेन्द्र प्रसाद का नाम उस सूची में नहीं था। राजेन्द्र प्रसाद एक मेधावी छात्र थे उन्हें अपने अनउत्तीर्ण होने पर रत्ती भर भी विश्वास नहीं हुआ क्योंकि उन्हें अपनी एफ.ए की परीक्षा में सर्वोच्च अंकों के साथ सफल होने … Read more

डॉ॰ राजेन्द्र प्रसादके 131वें जन्म दिवस पर कर्तज्ञ राष्ट्र के नागरिकों के श्रद्दा पुष्प

प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेन्द्र प्रसाद का जन्म3दिसम्बर1884को हुआ था। राजेन्द्र बाबू के पिता महादेव सहाय संस्कृत एवं फारसी के विद्वान थे एवं उनकी माता कमलेश्वरी देवी एक धर्मपरायण महिला थीं। वे भारतीय स्वाधीनता आंदोलन के प्रमुख नेताओं में से थे|पूरे देश में उनकी लोकप्रियता के कारण उन्हें देशरत्न राजेन्द्र बाबू के नाम से पुकारा जाता … Read more

Valuable Quotations of Dr. B.R. Ambedkar

A great man is different from an eminent one in that he is ready to be the servant of the society. People and their religion must be judged by social standards based on social ethics. No other standard would have any meaning if religion is held to be necessary good for the well-being of the … Read more

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