श्री राजराजेश्वरी पुरुहुता मणिवैदिक शक्तिपीठ मंदिर पुष्कर की महिमा एवं इतिहास

*ॐ विश्वे विश्वेश्वरि प्राहुः पुरुहुता च पुष्करे !* *पुरुहुता पुष्कराक्षे आषाढौ च रतिस्तथा !!* आदि अनादि काल पूर्व जब भगवान ब्रम्हा के पुत्र महाराज दक्ष ने एक विशाल यज्ञ का आयोजन किया था उसमें भगवान शंकर के अलावा सभी देवी देवताओं को आमंत्रित किया गया । ऐसा होने पर महादेव की पत्नी सती मां अपने … Read more

गत्यात्मक लग्न-राशिफल : 17 और 18 अक्तूबर

मेष लग्नवालों के लिए – 17 और 18 अक्तूबर 2018 को स्वास्थ्य या व्यक्तिगत गुणों को मजबूती देने के कार्यक्रम बनेंगे, स्मार्ट लोगों का साथ मिलेगा। रूटीन सुव्यवस्थित होगा , जिससे समय पर सारे कार्यों को अंजाम दिया जा सकेगा। किसी सामाजिक कार्यक्रम में पिता पक्ष का महत्व दिखाई देगा, कर्मक्षेत्र में भी बडी जबाबदेही … Read more

क्‍या भगवान श्रीराम ने की थी नवरात्रि की शुरूआत ?

नवरात्रि का पर्व विनाशकारी ,तामसी ,अनिष्टकारी, अधार्मिक एवं अमानवीय प्रव्रत्तियों पर सात्विकता, कल्याणकारी प्रव्रत्तियों, मानवीयता, धर्म एवं सत्य की विजय का पर्व है | नवरात्रा का पर् साल में दो बार यानि चैत्र और आश्विन माह में मनाया जाता है, हालाँकि चैत्र माह में मनाई जाने वाली नवरात्रि को प्रमुख माना जाता है। सर्वप्रथम दुर्गा … Read more

नवदुर्गा के नौ औषधि स्वरूप

नवदुर्गा के नौ औषधि स्वरूपों का वर्णन मार्कण्डेय चिकित्सा पद्धति के रूप में किया गया है। चिकित्सा प्रणाली का यह रहस्य वास्तव में ब्रह्माजी ने दिया था जिसे बारे में दुर्गाकवच में संदर्भ मिल जाता है। ये औषधियां समस्त प्राणियों के रोगों को हरने वाली हैं। शरीर की रक्षा के लिए कवच समान कार्य करती … Read more

नवरात्रों के महत्व का वैज्ञानिक आधार

पृथ्वी द्वारा सूर्य की परिक्रमा करते समय एक साल में चार संधियां होती हैं जिनमें से मार्च व सितंबर माह में पड़ने वाली गोल संधियों में साल के दो मुख्य नवरात्र उत्सव आते हैं । ध्यान रखिये कि इसी समय हमारे शरीर पर रोगाणुओं के आक्रमण की प्रबल संभावना होती है । ऋतु संधियों में … Read more

नवदुर्गा के नो स्वरूप-नारी के जीवन चक्र का सम्पूर्ण प्रतिबिम्ब

नवदुर्गा के नो स्वरूप—-नारी के जीवन चक्र का सम्पूर्ण प्रतिबिम्ब निसंदेह नवदुर्गा नारी के नो स्वरूप महिलाओं के पूरे जीवनचक्र का प्रतिबिम्ब ही है यानि जहाँ “शैलपुत्री” जन्म ग्रहण करती हुई कन्या का स्वरूप है, वहीं “ब्रह्मचारिणी” नारी का कौमार्य अवस्था प्राप्त होने तक का रूप है | नारी शादी से पूर्व तक चंद्रमा के … Read more

गत्यात्मक लग्न-राशिफल : 12 और 13 अक्तूबर

मेष लग्नवालों के लिए – 12 और 13 अक्तूबर 2018 को भाग्य , भगवान , धर्म . ये सब चिंतन के विषय बने रहेंगे। किसी धार्मिक क्रियाकलाप में व्यस्तता रहेगी! आध्यात्म की ओर भी ध्यान जाएगा! बडा खर्च उपस्थित होगा, बाह़य संबंध मजबूत होंगे , पर बाहरी व्यक्ति या बाहरी स्थान से तालमेल बनाने की … Read more

नवरात्रि —-नारी सशक्तिकरण की आराधना का महोत्सव Part 1

किसी भी देश की प्रगति एवं विकास नारी के सशक्तिकरण के बिना असंम्भव है | इसी अवधारणा को मान्यता देते हुये भारत में प्राचीन काल से ही नारी को देवी तुल्य मान कर सम्मान देने की गोरवमयी परम्परा रही है | नवरात्रा के नो दिनो का पर्व हमारे समाज की इसी हमारी परम्परा की पुष्टी … Read more

लोकतांत्रिक मूल्यों को मान देने वाले महानायक

लोकनायक जयप्रकाश नारायण की जयंती- 11 अक्टूबर 2018 पर विशेष स्वतंत्रता आंदोलन से लेकर स्वतंत्र भारत की राजनीति में जिन महान नेताओं ने महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभायीं, उनमें लोकनायक जयप्रकाश नारायण का नाम प्रमुख है। सविनय अवज्ञा आंदोलन के दौरान वे ब्रिटिश शासकों की हिरासत में रहे, तो दशकों बाद आजाद हिंदुस्तान की सरकार ने उन्हें … Read more

नवरात्रि –नारी सशक्तिकरण की आराधना का महोत्सव Part 2

पहला नवरात्रा बालिकाओं को, दूसरा नवरात्रा युवतियों तथा तीसरा नवरात्रा महिलाओं के चरणों में समर्पित है | देवी अम्बा उर्जा (प्राक्रतिक शक्तियों) की प्रतीक है | नवरात्री के चोथे, पांचवें एवं छठे दिन माता लक्ष्मी यानि सुख-सम्पन्नता,शांति एवं वैभव के दिन है | जीवन में धन-दोलत एक सीमा तक आवश्यक और महत्वपूर्ण होती है किन्तु … Read more