भारतीय स्वतन्त्रता संग्राम ,साहित्य, फिल्मों, डाक विभाग एवं भारतीय स्वतन्त्रता संग्राम में रक्षा बन्धन

भारतीय स्वतन्त्रता संग्राम में रक्षा बंधन की भूमिका: भारतीय स्वतन्त्रता संग्राममें जन जागरण के लिये भी रक्षा बंधन के पर्व का उपयोग किया गया। गुरुदेव श्रीरवीन्द्रनाथ ठाकुरने बगांल विभाजन का विरोध करते समय बंगालनिवासियों के पारस्परिक भाईचारे तथा एकता का प्रतीक बनाकर रक्षा बंधन के त्योंहार का राजनीतिक उपयोग किया । 1905में गुरुदेव की प्रसिद्ध … Read more

विकलांगों का मसीहा राणी जी जोशी

आजे के युग में भाई-भाई का न रहा। पैसे के पीछे मानव ऐसे दौड़ रहा है, जैसे पैसा ही सब कुछ हैं। पैसे के लिए लोग रिश्ते तक ताक पर रखकर बेईमानी तक करना नहीं भूलते। छल-कपट, चोरी-डकैती व येन-केन प्रकार से पैसे कमाना ही उनका मकसद रह गया है। ऐसे में भला गरीब, लाचार … Read more

राजस्थान लोक सेवा आयोग पहली बार स्थापना दिवस समारोह मना रहा

राजस्थान लोक सेवा आयोग के स्थापना दिवस 20 अगस्त 2015 के लिए विशेष राजस्थान लोक सेवा आयोग अपनी स्थापना के 66 वर्ष पश्चात 20 अगस्त 2015 को पहली बार अपनी स्थापना दिवस को समारोह के रूप में मना रहा है। आयोग के नवनियुक्त अध्यक्ष श्री ललित के. पंवार ने 11 अगस्त 2015 को अपना कार्यभार … Read more

सभी को पूर्णिमा के दिन तैयार किए गए चंद्रमा के छल्‍ले को पहनना चाहिए !!

हमलोग जब भी ग्रहों के प्रभाव और ज्‍योतिष की चर्चा करते हैं , आम लोगों की जिज्ञासा किन्‍ही अन्‍य बातों में न होकर ग्रहों के दुष्‍प्रभाव को दूर करने के उपायों को जानने की ही होती है। इस विषय पर हमने ‘क्‍या भवितब्‍यता टाली जा सकती है ?’ शीर्षक से 11 आलेखों की एक पूरी … Read more

चैट में ‘कुछ मेरे बारे में भी बताइए’ कहने वाले लोगों से दो बातें

मुझसे ज्‍योतिषीय परामर्श लेने की इच्‍छा रखने वाले अपना जन्‍मविवरण [email protected] पर भेजें। आप 9835192280 पर SMS भी कर सकते हैं, पर वहां विवरण के साथ ईमेल भी भेजें, ताकि हमलोग आपको लाइफ ग्राफ या विवरण भेज सकें। ईमेल में प्राप्‍त पन्‍नों को सामने रखकर ही आप हमें फोन करें , जिससे आपको ग्राफ को … Read more

कर्मकांड और ज्‍योतिष बिल्‍कुल अलग अलग विधा है !!

कुछ अनजान लोगों को मैं अपने प्रोफेशन ज्‍योतिष के बारे में बताती हूं , तो एक महिला के ज्‍योतिषी होने पर उन्‍हें आश्‍चर्य होता है। क्‍यूंकि उनकी जानकारी में एक ज्‍योतिषी और गांव के पंडित में कोई अंतर नहीं है , जो उनके बच्‍चों की जन्‍मकुंडली बनाता है , विभिन्‍न प्रकार के शुभ कार्यों के … Read more

क्या फलित हो पाया है आजादी का सपना?

– ललित गर्ग- पन्द्रह अगस्त हमारे राष्ट्र का गौरवशाली दिन है, इसी दिन स्वतंत्रता के बुनियादी पत्थर पर नव-निर्माण का सुनहला भविष्य लिखा गया था। इस लिखावट का हार्द था कि हमारा भारत एक ऐसा राष्ट्र होगा जहां न शोषक होगा, न कोई शोषित, न मालिक होगा, न कोई मजदूर, न अमीर होगा, न कोई … Read more

क्या यही आजादी है

15 अगस्त 1947 को देश आजाद हो गया था। तबसे अबतक प्रत्येक वर्ष हम स्वतंत्रता दिवस को बड़े गुमान के साथ मनाते आये हैं। और आगामी स्वतंत्रता दिवस को भी मनाने जा ही रहे है। स्वंत्रतता एक ऐसा शब्द है जो यह परिभाषित करता है कि हम स्वच्छन्द है और उतना कि हमारी स्वच्छंदता दूसरे … Read more

यह कैसी आजादी

देश को आजाद हुए 68 साल हो गए, लेकिन आजाद देश के हालात अच्छे नहीं कहे जा सकते। उम्मीद तो यह थी कि आजादी के बाद देश मजबूती के साथ खड़ा होगा, लेकिन इसे दुर्भाग्यपूर्ण ही कहा जाएगा 15 अगस्त, 2015 को जब हम आजादी के 68 साल पूरे कर रहे हैं, तब देश में … Read more

एक थी वीरांगना अवंतीबाई लोधी

16 अगस्त को जन्मदिवस पर विशेष भारत में पुरुषों के साथ आर्य ललनाओं ने भी देशए राज्य और धर्मए संस्कृति की रक्षा के लिए आवश्यकता पडने पर अपने प्राणों की बाजी लगाईं है। गोंडंवाने की रानी दुर्गावती और झाँसी की रानी वीरांगना लक्ष्मीबाई के चरण चिन्हों का अनुकरण करते हुए रामगढ ;जनपद मंडला. मध्य प्रदेशद्ध … Read more

खगोलशास्‍त्री भास्‍कराचार्य और उनकी पुत्री लीलावती की कथा से हम एक बडी सीख ले सकते हैं !!

ब्‍यूटी पार्लर आरंभ करने जा रही मेरी भांजी ने शायद पंडित या ज्‍योतिषी को भगवान ही समझ लिया , तभी तो उसने अपनी दुकान खोलने के लिए मुझे एक ऐसा मुहूर्त्‍त देखने को कहा , जिसमें खोलने पर उसकी दुकान में घाटे का कोई सवाल ही नहीं हो। ज्‍योतिष की सहायता से कोई दुकान खोलने … Read more

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