पुष्कर में आम नागरिकों की फर्जी शिकायते किये जाने का सिलसिला जारी

*किसी को नशे के सौदागर तो किसी को जमीन हथियाने तो किसी को असामाजिक तत्व बनाकर की जा रही है सरकारी विभागों में शिकायत , 200 से ज्यादा लोग परेशान ••••*

राकेश भट्ट
वैसे तो पुष्कर बीते 60 सालों से अपनी एक अलग ही तरह की राजनीति करने के लिए राजस्थान में जाना पहचाना जाता है । कहने का अर्थ यह है कि यहां पर वो कभी नही होता जो सभी जगह होता है और वो जरूर होता है जो कही नही देखने और सुनने को मिलता । यहां पर वैसे तो 100 में से 90 राजनेता ऐसे है जिन्हें पुष्कर घाटी के उस पार कोई बच्चा भी नही पहचानता परंतु यहां वे अपने आपको किसी विधायक या मंत्री से कम नही समझते ।

खैर , फिलहाल पुष्कर में बीते कुछ महीनो से आम नागरिकों की फर्जी शिकायते कर उन्हें बेवजह परेशान करने की एक अलग ही तरह की राजनीति की जा रही है । आपको जानकर हैरानी होगी कि ऐसी शिकायतों से एक दो नही बल्कि दो सौ से ज्यादा लोग पीड़ित है जिन्हें अपने आपको बेगुनाह साबित करने के लिए जी जान एक करना पड़ रहा है । लेकिन फिर भी उन्हें राहत नही मिल रही है । शिकायतों का स्तर भी अलग अलग है । किसी को मादक पदार्थो का सौदागर बताया जा रहा है तो किसी को शराब तस्करी करने का आरोपी , किसी पर सरकारी जमीन हथियाने के आरोप लग रहे है तो किसी पर असामाजिक तत्व होने का ठप्पा लगाया जा रहा है ।

आपको जानकर हैरानी होगी कि फर्जी शिकायतों का यह गोरखधंधा स्थानीय पुलिस थाने , तहसील कार्यालय , एस डी एम ऑफिस से लेकर एस पी ऑफिस , जिला कलेक्टर , आई जी और राज्य की मुख्यमंत्री यहां तक कि लोकायुक्त तक भेजी जा रही है । उन शिकायतों के चलते सरकारी विभागों के द्वारा पीड़ित आम लोगो के पास नोटिस भेजे जा रहे है और बेचारे वे लोग जो किसी भी गुनाह में शामिल नही है , अपने आपको बेगुनाह साबित करने के लिए संबंधित सरकारी विभागों के चक्कर पर चक्कर लगा रहे है ।

हालांकि यह आज भी राज ही है कि ऐसी फर्जी शिकायते आखिर कौन लोग कर रहे है और इससे उन्हें क्या फायदा हो रहा है । यह तो अब जिम्मेदार अधिकारियों को चाहिए कि वे ऐसे समाज विरोधी लोगो का पता लगाकर उनका सच सभी के सामने जग जाहिर करे , लेकिन इतना तय है कि इस गोरखधंधे से ना सिर्फ आम नागरिक को परेशानी झेलनी पड़ रही है बल्कि सरकारी अधिकारियों का भी बेहद कीमती समय बेवजह नष्ट हो रहा है । जो किसी भी हाल में सही नही ठहराया जा सकता ••••

*राकेश भट्ट*
*प्रधान संपादक*
*पॉवर ऑफ नेशन*
*मो 9828171060*

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