प्रदेश में वायरस का प्रकोप बढा, रिश्क उठा कर नेता जा रहे है जयपुर

हेमेन्द्र सोनी
जिस तरह चुनाव की तारीख नजदीक आ रही है ओर नेताओ की सरगर्मियां बढ़ रही है जो कि नेताओ के सीजन का सूचक है ।
उसी तरह प्रदेश में एक ओर सीजन चल रहा है और वो है वाइरस रूपी बीमारी का जिसमे खतरनाक *ड़ेंगू* ओर *जीका वायरस* का नाम सबसे ऊपर है ।
एक ही मोहल्ले के 10 बच्चे डेंगू ग्रस्त मिलने से चिकित्सा विभाग में ओर बच्चो के परिवारो में हड़कम्प मच गया ।
इससे प्रदेश की चिकित्सा व स्वास्थ व्यवस्था की पोल खुल गई । इससे आसानी से समझा जा सकता है कि पिछले 5 वर्षों में चिकित्सा व्यवस्था कैसी रही होगी । सरकार की आम लोगो के स्वास्थ्य के प्रति कितनी संवेदशीलता रही आसानी से समझा जा सकता है ।
संसाधनों और डॉक्टरों के अभाव में रुग्ण चिकित्सा विभाग अपनी जिम्मेदारी निभाने की मात्र कोशिश कर रही है ।
इस लिए मेरे देश के कर्णधार नेताओ को जयपुर जाने से बचना चाहिए क्यो की इन खतरनाक वाईरस का सबसे ज्यादा असर जयपुर में ही नजर आया है ।
लेकिन ऐसा संभव नही भले ही बीमारी का खतरा हो किन्तु यह खतरा उठा कर टिकट के लिए जयपुर तो जाना ही पड़ेगा नही तो पांच साल पहले यह मौका दुबारा नही मिलेगा ।
अब जनता को समझना है कि एक नेता अपनी जान की परवाह किये बगैर *जीका ओर डेंगू वाइरस* की चपेट में आने की संभावनाओं के बावजूद भी टिकट के लिए जयपुर चक्कर लगा रहे है । यह सब केवल ओर केवल जनता की सेवा करने के लिए कर रहे है ।
अब जनता को सोचना है कि ऐसे नेताओं को भट्टा ना बेठाये ।
*हेमेन्द्र सोनी @ BDN जिला ब्यावर*
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