फियोर दी लोटो इंडिया संस्था में पढ़ने वाली छात्रा रितू टेलर का ऐम्स में हुआ चयन

◆ *फियोर दी लोटो इंडिया संस्था के मारा सान्द्री और दीपू महर्षि की मेहनत रंग लाई , संस्था में पढ़ने वाली छात्रा रितू टेलर का ऐम्स में हुआ चयन ••••*

◆ *संस्था ने गरीब परिवार की बेटी रितू को पांचवी कक्षा से लेकर नर्सिंग कॉलेज तक पढ़ाई करवाई , अब हेल्थ ऑफिसर के रूप में देगी ऐम्स से सेवाएं ••••*

राकेश भट्ट
बीते पंद्रह सालो बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ मिशन को साक्षात साकार करने में जुटी सामाजिक संस्था फियोर दी लोटो इंडिया में पढ़कर अपने जीवन की शुरुआत करने वाली पुष्कर की बेटी रितू टेलर अब नागपुर स्थित ऐम्स हॉस्पिटल में नर्सिंग हेल्थ ऑफिसर के रूप में अपनी सेवाएं देकर पुष्कर का नाम रोशन करेगी । संस्था के अध्यक्ष दीपू महर्षि ने पॉवर ऑफ नेशन को बताया कि पूरे इंडिया लेवल पर आयोजित किये गए हेल्थ ऑफिसर के एक्जाम में रितू का अभी हाल ही में चयन हुआ है । खास बात यह है कि रितू एक मात्र प्रतियोगी थी जिसका एक साथ तीन तीन स्थानों ( एम्स नागपुर हेल्थ ऑफिसर , ऐम्स मंगलागिरी महाराष्ट्र नर्सिंग ऑफिसर एवं यू पी नेशनल हेल्थ मिशन लखनऊ में कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर ) के रूप में चयन हुआ है । इसमे से अब रितू नागपुर में अपनी सेवाएं देगी ।

दीपू महर्षि की माने तो बेहद गरीब परिवार से ताल्लुक रखने वाली रितू ने साल 2005 में पांचवी कक्षा में एडमिशन लिया था । जिसका चयन करने के बाद संस्था ने रितू को दसवीं , बारहवीं बोर्ड की परीक्षा पास करवाने के बाद इसे जवाहरलाल नेहरू हॉस्पिटल से बीएससी नर्सिंग की पढ़ाई करवाई । पिछले 12 साल से रितू की पढ़ाई एवं कोचिंग का पूरा खर्चा फाउंडेशन फियोर दी लोटो इंडिया के द्वारा ही किया गया है । बीते सात सालो पुर्व रितू के पिता रामलाल टेलर का निधन भी हो चुका है । वर्तमान समय मे भी रितू जी मां ब्रम्हा मंदिर के पास में फूल प्रसाद का ठेला लगाकर जीवन यापन कर रही है ।

*बीते 15 सालों से निःशुल्क बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने में जुटी है संस्था ••••*
फियोर दी लोटो इंडिया नामक यह संस्था बीते 15 सालों से लगातार बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने में जुटी है । संस्थापिका मारा सान्द्री , अध्यक्ष दीपू महर्षि और सचिव गोदालुप तापिया पायकर के प्रयासों से मात्र 42 जरूरतमंद छात्राओं से शुरू हुई स्कूल में आज 610 निर्धन छात्राये निःशुल्क शिक्षा ग्रहण कर रही है । इन सभी छात्राओं को शिक्षा के साथ साथ निःशुल्क वाहन व्यवस्था, शिक्षण सामग्री , भोजन के साथ साथ कपड़े जूते और अन्य सामान भी वितरित किये जायें है । खास बात यह है कि संस्था द्वारा पहली कक्षा से बारहवीं और इसके बाद कॉलेज शिक्षा तक मुहैय्या करवाई जा रही है । इतना ही नही संस्था द्वारा कई लड़कियों को पक्के मकान बनाकर दिये जा चुके है और लगभग 40 लाख रुपये कई असाध्य रोगियों के इलाजे मे खर्च किये जा चुके है । इसके अलावा संस्था द्वारा गरीब बुजुर्गो को पेंशन और जरूरतमंदों को हर महीने राशन सामग्री भी उपलब्ध करवाई जा रही है ।

मेरा मानना है कि जिस तरह बेहद गरीबी में जीवन यापन करने के बाद भी संस्था के सहयोग से रितू ने अपनी कड़ी मेहनत और लगन के चलते ना सिर्फ अपने भाग्य को बदला बल्कि पूरे देश मे पुष्कर का नाम भी रोशन किया है उससे बाकी बच्चो को भी प्रेरणा लेनी चाहिए । ताकि अन्य बच्चे भी अपनी पसंद के अलग अलग क्षेत्रो में ना सिर्फ आगे बढ़कर अपना भविष्य उज्जवल कर सके बल्कि अपने माता पिता और अपने शहर का नाम भी रोशन कर सके ।

*राकेश भट्ट*
*प्रधान संपादक*
*पॉवर ऑफ नेशन*
*मो 9828171960*

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