ब्रम्हानगरी की चुनावी चौसर

ब्रह्मा नगरी में जिस प्रकार इस वर्ष इंद्रदेव की मेहरबानी हुई है उसी प्रकार राजनीतिक गलियारों में विचरण करते दिग्गजों की कुंभकर्ण नींद आगामी स्थानीय निकाय चुनाव के लिए पार्षदों की लॉटरी निकलने के साथ उड़ गई है क्या खास है इस बार स्थानीय निकाय चुनाव में सर्वप्रथम 20 से 25 वार्डों की घोषणा से विकास को गतिशील बनाने वाले सिपाहियों की गिनती में पांच की बढ़ोतरी इस बात को इंगित करती है कि पुष्कर बदल रहा है बढ़ रहा है क्या वाकई बदल रहा है इसके जवाब ढूंढने में मैं आपकी मदद करने वाली हूं गलियों के नाम बदल रहे हैं सड़कों पर गायों की संख्या बदल रही है होटलों की मीनारें गगनचुंबी हो रही है खेतों खली हाथों में डूब क्षेत्र पानी भर रहा है सड़कों पर कार में विराजित पर्यटक बैलगाड़ी का मजा ले रहे हैं जो पुलिस की सिटी के डर से भाग जाते थे उनकी सिटी पर जनता भाग रही है क्या यह बदलाव है विश्व प्रसिद्ध मेले में ऊंट गाय घोड़े से ज्यादा कार्य हो गई है गांव के सांपों की जगह विदेशी टोपियो ने ले ली है मंदिर मस्जिदों की गिनती हो रही है यदि बदलाव प्राकृतिक नियम है तो क्या यह बदलाव सही है आप सब अपनी भूमिका निश्चित करिए और इस बदलाव के लिए आपको क्या और कैसे कदम उठाने हैं इसमें हम आपके साथ हैं हम कोशिश कर रहे हैं इस बार जनता ही जनार्दन बने और तूने उस व्यक्ति को जो बदलाव का दम रखता हूं सनातनी श्रद्धालुओं द्वारा हमेशा जगत पिता श्री ब्रह्मा जी की ब्रह्मांड में अकेली तपोस्थली है पुष्कर और पुष्कर प्रसिद्धि का एकमात्र कारण बना है पुष्कर राज विश्व प्रसिद्ध प्राप्त होने के पश्चात भी अपनी मूलभूत ढांचे खो खो चुका है पुष्कर राज क्या ऐसा ही सपना था पुष्कर राज के लिए सारथी हम बनेंगे अर्जुन तुम्हें ही बनना होगा शस्त्र हम बनाएंगे धनुर्धर तुम्हें ही बनना होगा सपने हम दिखाएंगे नींद से जगना तुम्हें ही होगा शायद तभी नव पुष्कर का निर्माण होगा

डा. रशिका महर्षि

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