*अजमेर ने एक बार फिर लिखी नई इबारत*

-लगातार दूसरी बार सांसद बने भाजपा के भागीरथ चौधरी केंद्र की मोदी सरकार में शामिल
-केंद्रीय मंत्रिमंडल में राज्यमंत्री बनने वाले तीसरे बड़े नेता बने चौधरी
-किस्मत हो तो भागीरथ चौधरी जैसी, विधानसभा चुनाव में दो बार जीते, दो बार हारे, लेकिन लोकसभा चुनाव फतह किया
-दो विधानसभा चुनावों में तीसरे नंबर में रहने वाले चौधरी ने केंद्रीय मंत्री बनकर पाया राजनीति में बड़ा मुकाम

प्रेम आनंदकर
👉अजमेर ने एक बार फिर नई इबारत लिख डाली है। अजमेर लोकसभा सीट से लगातार दूसरी बार जीतकर सांसद भागीरथ चौधरी को केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार में शामिल कर लिया गया है। उन्हें राज्यमंत्री बनाया गया है और उन्होंने 9 जून को दिल्ली में राष्ट्रपति भवन में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में हिन्दी में ईश्वर के नाम पर शपथ ली। केंद्रीय मंत्रिमंडल में राज्यमंत्री बनने वाले तीसरे बड़े नेता बन गए हैं भागीरथ चौधरी। वाकई किस्मत हो तो भागीरथ चौधरी जैसी, विधानसभा चुनाव में दो बार जीते, दो बार हारे, लेकिन लोकसभा चुनाव दोनों बार फतह किया। पिछले दो विधानसभा चुनावों में तीसरे नंबर में रहने वाले चौधरी ने लगातार दूसरी बार सांसद बनने के बाद केंद्रीय मंत्री बनकर राजनीति में बड़ा मुकाम हासिल कर लिया है। उन्हें कृषि मंत्रालय दिया गया हैl चौधरी के मंत्री बनने से एक बात तो माननी पड़ेगी कि वे किस्मत के धनी हैं और कभी भी हार नहीं मानते हैं। भागीरथ चौधरी वर्ष 2008 से 2023 तक और वर्ष 2013 से 2018 तक अजमेर जिले के किशनगढ़ विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के विधायक रहे, लेकिन वर्ष 2018 में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा ने उन्हें टिकट नहीं देकर युवा नेता विकास चौधरी को टिकट दिया, किंतु विकास उस समय निर्दलीय सुरेश टांक के हाथों चुनाव हार गए थे। तब भागीरथ चौधरी तीसरे नंबर पर रहे थे। वर्ष 2019 में हुए लोकसभा चुनाव में भाजपा ने उन्हें अजमेर लोकसभा क्षेत्र से अपना प्रत्याशी बनाया। अपने गृहनगर किशनगढ़ विधानसभा सीट पर तीसरे नंबर पर रहने वाले भागीरथ चौधरी की किस्मत ने ऐसा जोर मारा कि उन्होंने लोकसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी नामी उद्योगपति रिजु झुनझुनवाला को करीब साढ़े चार लाख वोटों से पराजति कर जीत हासिल की। वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने भागीरथ चौधरी को सांसद रहते हुए फिर किशनगढ़ विधानसभा सीट से मैदान में उतारा, किंतु उन्हें इस बार भी तीसरे नंबर पर रहना पड़ा। इस बार भाजपा छोड़कर कांग्रेस के बैनरतले चुनाव लड़े विकास चौधरी ने अपनी हार का बदला लेते हुए निर्दलीय सुरेश टांक को मात दी। इधर विधानसभा चुनाव में हारने के बावजूद भागीरथ चौधरी की किस्मत ने एक बार फिर जोर मारा, तो भाजपा ने उन्हें फिर से अजमेर संसदीय क्षेत्र से मैदान में उतार दिया। इस बार उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी अजमेर डेयरी के अध्यक्ष रामचंद्र चौधरी को करीब सवा तीन लाख वोटों से हराकर जीत हासिल की और अब केंद्रीय मंत्रिमंडल में बतौर राज्यमंत्री जगह पा ली। वैसे अजमेर संसदीय क्षेत्र के इतिहास में सबसे पहले केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल होने का सेहरा कांग्रेस के कद्दावर नेता सचिन पायलट के सिर पर बंधा। मनमोहन सिंह सरकार में पायलट केंद्रीय संचार व कंपनी मामलात राज्यमंत्री रहे। अजमेर को विकास की सौगातों से लादने का रिकॉर्ड भी पायलट के नाम ही है। पायलट के बाद भाजपा के बैनर पर सांसद बने सांवरलाल जाट भी मोदी सरकार में केंद्रीय जल संसाधन राज्यमंत्री बने, किंतु पुनर्गठन में उन्हें बाहर कर दिया गया था। तब तत्कालीन भाजपा शासनकाल में तत्कालीन मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने उन्हें राजस्थान किसान आयोग का अध्यक्ष बनाकर कैबिनेट मंत्री का दर्जा दिया था। वैसे जाट इससे पहले राजस्थान की भाजपा सरकार में कैबिनेट मंत्री रह चुके थे। अब तीसरी बार केंद्रीय मंत्रिमंडल में अजमेर क्षेत्र का प्रतिनिधित्व मिला है और यह अवसर भागीरथ चौधरी के नाम लिखा गया है। करीब 69 वर्षीय भागीरथ चौधरी वर्तमान में राजस्थान भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष भी हैं। उम्मीद लगाई जानी चाहिए, भागीरथ चौधरी के केंद्रीय राज्यमंत्री बनने से अजमेर के विकास को पंख लगेंगे और अजमेर विकास के कुलांचे भरेगा।
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✍️प्रेम आनन्दकर, अजमेर।
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