फ्लिपकार्ट ने पीछे खिचे अपने कदम

खतरे में इंटरनेट की आजादी (स्पेशल रिपोर्ट हेमेन्द्र सोनी) की न्यूज का असर

हेमेन्द्र सोनी
हेमेन्द्र सोनी

फ्लिपकार्ट ने पीछे खिचे अपने कदम । पहले उसने एयरटेल के साथ मिलके नेट “न्यूट्रलिटी” के विरोध में बयान जारी किया था । और ये बयान दिया था की “विदेशी कंपनिया जब भारत में ऐसा करती हे तो उसे ईनोवेसन माना जाता हे लेकिन भारतीय कंपनिया करती हे तो उसे वायलेशन माना जाता हे ।” लेकिन जब मेरा लेख 8 अप्रैल 2015 को “खतरे में इंटरनेट की आज़ादी” जब सोशियल मिडिया पे वाइरल हुवा तो इतना जबरदस्त प्रभाव हुवा की पुरे भारत में नेट न्यूट्रलिटी के पक्ष में लाखो लोगो ने सोशियल मिडिया पे अपना विरोध दर्ज करना शुरू कर दिया और इसका परिणाम यह हुवा की जो फ्लिपकार्ट सोमवार को विरोध में था वही फ्लिपकार्ट मंगलवार को नेट न्यूट्रलिटी के पक्ष में खड़ा हो गया । इसपे दूरसंचार मंत्री रविशंकर प्रसाद ने भी कहा की सरकार इंटरनेट की आज़ादी के पक्ष में हे ।
यह ताकत होती हे सोशियल मिडिया की और एक बार फिर सोशियल मिडिया ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई हे । दोस्तों यह बहुत बड़ा फैसला आपके पक्ष में हुवा हे ये आपकी जीत हे । किसी को भी यह नहीं सोचना चाहिए की हम कोई भी फैसला ले तो जनता उसको स्वीकार करने के अलावा कर भी क्या सकती हे । आज इंटरनेट की आज़ादी ने ही हम सब को यह ताकत और होसला दिया हे । हमें इसका सकारात्मक उपयोग करना चाहिए । लिखने की स्वतंत्रता की आज़ादी का हमें समाज हित में उपयोग करना चाहिए ताकि यह ताकत और सशक्त बन के उभरे । आप सभी ने जो इतना प्यार दिया उसके लिए आप सभी का धन्यवाद ।
हेमेन्द्र सोनी, ब्यावर

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