महिला सशक्तिकरण के अन्तर्गत हैण्डपम्प मरम्मत की संभावनाएं

अजमेर। अजमेर जिले के कम जनसंख्या वाले कई गावों में हैण्डपम्प ही एक मात्र पेयजल का साधन है जहां अन्य स्त्रोतों द्वारा की जा रही पेयजल आपूर्ति में व्यवधान आने पर पानी की आपूर्ति मात्र हैण्डपम्प द्वारा ही हो जाती है। वैकल्पिक पेयजल स्त्रोत के रूप में हैण्डपम्प बेहद उपयोगी साधन है।
अजमेेर जिले में लगभग 21 हजार 500 हैण्डपम्प लगे हुए जिनमें लगभग 5000 हैण्डपम्प शहरी क्षेत्र में व 16000 हैण्डपम्प क्षेत्र में है। इन हैण्डपम्पों की मरम्मत का कार्य एक सतत एंव कठिन प्रक्रिया है। हैण्डपम्प अभियान के दौरान जलदाय विभाग तथा अभियान के अलावा हैण्डपम्पों की मरम्मत करना पंचायतों का दायित्व होता है।
अजमेर जिले की 8 पंचायत समितियों में निम्नानुसार हैण्डपम्प मिस्त्री कार्यरत है इसमें श्रीनगर में 7, पीसांगन मंं 13, केकडी में 14, अरांई में 13, तिलोरा में 9, जवाजा में 11, मसूदा में 13 व अन्य भिनाय में 12 हैण्डपम्प मिस्त्री कार्यरत है जो कि हैण्डपम्प की संख्या को देखते हुए अत्यन्त कम है।
महिला एंव बाल विकास विभाग अजमेर एवं जन स्वास्थ्य अभियांंित्रकी विभाग वृत अजमेेर के समन्वय तथा बैंक ऑफ बडौदा के सहयोग से चयनित महिलाओं को गत माह हैण्डपम्प मरम्मत के लिये प्रशिक्षित किया गया है। जिससे ग्रामीण स्तर पर ही महिलाओं द्वारा खराब हैण्डपम्पों की मरम्मत हो सकेगी। ये प्रशिक्षित महिलायें आने वाले समय में अपने गांव की अन्य दूसरी महिलाओं को भी हैण्डपम्प मरम्मत के लिये प्रशिक्षण देंगी।
हैण्डपम्प मरम्मत के लिये प्रशिक्षण की गई महिलाओ को श्री सीमेन्ट, ब्यावर द्वारा नि:शुल्क हैण्डपम्प मरम्मत किट एवं टूल्स भी प्रदान किये जा रहे हैं।
यह प्रयास महिला विकास एंव स्वावलम्बन की दृष्टि से अत्यन्त सराहनीय है।

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