कंपनी का इरादा यूरोप के सबसे अधिक संभावनाशील स्टार्टअप ईकोसिस्टम पर व्यापक प्रभाव कायम करना, 500 से ज्यादा निवेशकों वाला नेटवर्क बनाने का लक्ष्य, फंडिंग राउंड्स में धन की पेशकश हेतु 400 करोड़ रुपए का कोष तैयार करने का ध्येय
लंदन, 26 फरवरी 2019ः भारतीय शहर कानपुर के डॉ अपूर्व रंजन शर्मा वेंचर कैटलिस्ट्स ;टब्ंजेद्ध को युनाइटेड किंग्डम ले कर जा रहे हैं। वीकैट्स भारत की पहली इंटिग्रेटिड इनक्युबेटर है जिसने यूरोप में स्टार्टअप गतिविधिय के केन्द्र यूके में अपना विस्तार करने की योजनाओं की हाल ही में घोषण की है। भारत में सबसे प्रमुख निवेश प्लैटफॉर्म तथा एशिया के शीर्ष पांच प्लैटफॉर्म्स में अपनी जगह बनाने के बाद वीकैट्स ने जेपिन (श्रच्प्छ) के साथ साझेदारी की है जो की यूरो-एशिया पर केन्द्रित वेंचर कैपिटलिस्ट, स्टाटअप संरक्षक और एक ग्लोबल ऐडवाइज़री है; इस साझेदारी का उद्देश्य ऐंजल इन्वैस्टर्स का सबसे बड़ा यूरो-एशिया कॉरिडोर निर्मित करना है जो प्रारंभिक अवस्था के वेंचर्स में निवेश व उन्हें पोषित कर सकें।
लंदन दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तकनीकी केन्द्र है जो वीकैट्स के विस्तार के लिए आदर्श ईकोसिस्टम मुहैया कराता है। वीकैट्स अपने मजबूती से विस्तारित होते नेटवर्क को लंदन में इसलिए स्थापित करना चाहती है क्योंकि यहां पूंजी, अंतर्राष्ट्रीय प्रतिभा और इनोवेटिव बिज़नेस आइडियाज़ प्रचुरता के साथ उपलब्ध हैं। भारत में कुछ सबसे सफल स्टार्टअप्स के प्रभावशाली पोर्टफोलियो के साथ वीकैट्स यूरोप में भी कामयाबी की कहानी दोहराना चाहती है और इसकी शुरुआत यूके से हो रही है।
अंतर्राष्ट्रीय विस्तार के बारे में वेंचर कैटलिस्ट्स के सह-संस्थापक व अध्यक्ष डॉ अपूर्व रंजन शर्मा ने कहा, ’’हमें यह घोषणा करते हुए गर्व महसूस हो रहा है की वीकैट्स जेपिन के साथ अपने अंतर्राष्ट्रीय विस्तार की शुरुआत कर रही है। भारत में हमें जो जबरदस्त कामयाबी मिली है उसने हमें यूके में कदम रखने को प्रोत्साहित किया है। भारत के एक छोटे से शहर से शुरुआत कर के लंदन तक पहुंचना मेरे लिए व्यक्तिगत रूप से उल्लेखनीय यात्रा रही है। वीकैट्स में वही सफलता दोहराने के लिए प्रतिबद्ध हैं जो हमने भारत में हासिल की है और अब हम लंदन में आकांक्षी उद्यमियों को कारोबारी संरक्षण, परामर्श और सहयोग तक आसान पहुंच प्रदान करेंगे।’’
लंदन में प्रोत्साहन देने वाले कई कारक हैं, सरकारी सहयोग है और यह पश्चिमी जगत के अन्य बाजारों तक पहुंचने के लिए भी मददगार है इस तरह से ऐंजल निवेशकों के सबसे बड़े समुदाय का निर्माण करने के लिए यहां बिल्कुल सही हालात हैं जो एशियाई स्टार्टअप को सशक्त बनाने से लेकर यूरोप में विस्तार हेतु (और इसके उलट भी) मददगार हैं। इस पर विचार करते हुए वीकैट्स ने साल 2019 और 2020 के लिए विस्तारपूर्वक ब्ल्यूप्रिंट तैयार किया है जिसमें क्रमिक रूप से दर्ज किया गया है की कौन से परिचालनीय उद्देश्यों को पूर्ण करना है। 2019 के लिए वीकैट्स लक्ष्य 150$ सदस्यों का मजबूत निवेश नेटवर्क विकसित करना है जिसमें धनी व्यक्ति (भ्छप्)/कॉर्पोरेट समूह तथा यूके के व्यापारिक परिवार शामिल होंगे। इसका लक्ष्य यह भी है की ’अर्ली स्टेज डील्स’ के लिए 65-70 करोड़ रुपए जुटाए जाएं तथा आगामी राउंड्स के लिए इस रकम को बढ़ाना जारी रखते हुए 100 करोड़ रुपए से अधिक किया जाए ताकी पोर्टफोलियो में संभावनाशील स्टार्टअप्स में निवेश किया जा सके।
साल 2020 के लिए वीकैट्स का लक्ष्य अपने निवेशक समुदाय नेटवर्क को तेज़ी से बढ़ाकर 500 सदस्यों को इसमें शामिल करना है। इससे भी प्रारंभिक अवस्था और फॉलोअप राउंड फंडिंग की क्षमता बढ़ाने में मदद मिलेगी। जिससे की ’अर्ली स्टेज डील्स’ हेतु 125-150 करोड़ रुपए और बाद के राउंड्स के लिए 250 करोड़ रुपए से अधिक की रकम आवंटित करने में मदद मिलेगी।
जेपिन के विस्तृत नेटवर्क में विविध पृष्ठभूमियों वाले निवेशक शामिल हैं जैसे ऐंजल निवेशक, धनी व्यक्ति (भ्छप्े), पारिवारिक कार्यालय, वेंचर कैपिटलिस्ट, कॉर्पोरेट समूह व प्राइवेट इक्विटी फर्म। इस नेटवर्क के जरिए जेपिन की योजना है यूरो-एशिया कॉरिडोर में भव्य स्तर पर ऐंजल इन्वैस्टिंग का पेशेवर नेटवर्क तैयार करना जो इस किस्म का पहला नेटवर्क होगा। यह एक ऐसी चीज़ है जो अब तक थी नहीं और जो दो सबसे बड़ी स्टार्टअप अर्थव्यवस्थाओं के बीच के अंतर को पाटने के लिए बेहद अहम है।
जेपिन के संस्थापक नयन गाला और गौरव सिंह जेपिन वेंचर कैटलिस्ट्स यूके के मैनेजिंग पार्टनर होंगे। ये विस्तार की प्रक्रिया की देखरेख करेंगे ताकी निर्बाध क्लाइंट ऐक्विज़िशन, तीव्र टर्नअराउंड टाइम को हासिल करने का कार्य सुचारु रूप से पूर्ण हो तथा वीकैट्स का मजबूत समुदाय विकसित करने के लिए कारोबार की बेहतर शर्तें विकसित की जा सकें और साथ ही पूरे यूरोप के शानदार व संभावनाशील स्टार्टअप्स तक पहुंचा जा सके। नयन और गौरव दोनों ही यूके-इंडिया कॉरिडोर में जानेमाने लीडर हैं; वृद्धि के रणनीतिकार और स्टार्टअप संरक्षक के तौर पर इनकी पुख्ता पहचान है। इस साझेदारी का साझा लक्ष्य है- विभिन्न क्षेत्रों में संभावनाओं से भरपूर उद्यमों तक पहुंचना।
इस पार्टनरशिप पर जेपिन वेंचर कैटलिस्ट्स, यूके के मैनेजिंग पार्टनर नयन गाला ने कहा, ’’हमारा मानना है की सरहदों के आरपार स्टार्टअप्स और स्केलअप्स को सहयोग और वृद्धि के लिए पूंजी मुहैया कराने के लिए यूरो-एशिया कॉरिडोर बेहद जरूरी है। पिछले कुछ सालों में भारत व यूके के मध्य व्यापार में ठोस वृद्धि हुई है, जिसका वर्तमान अनुमान 20 अरब पौंड है। यूरो-एशिया निवेशक समुदाय को एक विश्वसनीय प्लैटफॉर्म मुहैया कराने के लिए वीकैट्स के साथ सहभागिता से हम बहुत उत्साहित हैं। संभावनाशील स्टार्टअप्स तक समय से पहुंचने व परिश्रमपूर्वक उनकी पड़ताल करने के लिए वीकैट्स प्रतिष्ठित है। वीकैट्स के पास निवेशकों का विस्तृत नेटवर्क है जिससे समझदारीपूर्ण उपयोग से इसने अपने पोर्टफोलियो में कंपनियों में इजाफा किया है। वीकैट्स के इस मॉडल ने मौजूदा पोर्टफोलियो कंपनियों में अच्छी वृद्धि दर्ज की है और साथ ही निवेशकों को अच्छे रिटर्न भी प्रदान किए हैं। ब्रिटिश-भारतीय और ब्रिटिश-एशियाई ब्रिटेन के प्रवासी समूहों में दूसरे सबसे अमीर वर्ग में आते हैं। इस नेटवर्क में शामिल होने और यूरो-एशिया प्रगति का हिस्सा बनने के लिए इस समुदाय में बहुत दिलचस्पी है। जेपिन अपने परामर्श, संरक्षण और विचार नेतृत्व के माध्यम से यूरो-एशिया कॉरिडोर में ’कैपिटल विदाउट बॉर्डर्स’ के निर्माण हेतु यूके में बहुत सक्रिय है। इन क्षेत्रों में फलते-फूलते स्टार्टअप वातावरण के साथ वीकैट्स और जेपिन का साझा विज़न सरहदों के आरपार स्टार्टअप ईकोसिस्टम के लिए असीम अवसरों का परिणाम दे सकता है।’’
लंदन में निवेशकों एवं स्टार्टअप्स के मौजूदा समुदायों से मिल रही सकारात्मक प्रक्रिया ने भी वीकैट्स के संकल्प को और अधिक दृढ़ किया है की वह बड़े पैमाने पर लंदन में प्रवेश करे। इस पर वेंचर कैटलिस्ट्स के सह-संस्थापक अनुज गोलेचा ने कहा, ’’मध्यपूर्व और दक्षिणपूर्व एशियाई कारोबारी समुदायों में वीकैट्स की पहले से ही मजबूत उपस्थिति है। लंदन में इस विस्तार का लक्ष्य है और ज्यादा समग्रता लिए हुए वैश्विक उपस्थिति को प्रस्तुत करना और साथ ही यहां मौजूद बेहतरीन व्यापारिक परिवेश और अवसरों का उपयोग करना। लंदन में जज़्बे से भरपूर स्टार्टअप्स समुदाय तक पहुंच हासिल करने के अलावा एक बड़ी सकारात्मक बात हमारे लिए यह रही है की यहां मौजूद प्रवासी एवं यूरो-एशियाई कारोबारी समुदाय ने हमें गर्मजोशी भरी प्रतिक्रिया दी है। यहां का समुदाय इस विस्तार को सक्षम बनाने में बहुत सक्रिय रहा है क्योंकि भारतीय स्टार्टअप समुदाय तक पहुंचने में उन्हें संघर्ष करना पड़ा है; इसकी वजह यह है की पिचिंग ईवेंट बिखरे हुए से होते हैं और उनके लिए विज्ञापन भी कम होता है। पिछले कुछ सालों में एशियाई लोग यूके में सबसे बड़े निवेशकों में रहे हैं और यूके बीते एक दशक से भारत में प्रमुख निवेशक रहा है। जेपिन-वेंचर कैटलिस्ट्स दोनों क्षेत्रों के स्टेकहोल्डरों के मध्य एक सक्षम पुल के तौर पर काम करेगा जिससे की एक सहयोगात्मक व फलता-फूलता स्टार्टअप ईकोसिस्टम विकसित किया जा सके जहां विचारों, अवसरों एवं संसाधनों का निर्बाध आदान-प्रदान हो।’’
जेपिन के साथ इस रणनीतिक साझेदारी के जरिए वीकैट्स ने, निर्विवाद रूप से सबसे महत्वपूर्ण, पश्चिमी बाजार में अपना परिचालन शुरु करने के लिए एक पुख्ता कदम उठाया है। लंदन स्टार्टअप समुदाय ऐसे कारोबारी विचारों से परिपूर्ण है जो बेहद मूल्यवान हैं। सुस्थापित सुगमकर्ताओं का जेपिन का नेटवर्क उन्हें व्यापारिक बेहतरी, ठोस बनने, विदेशों में विस्तार, विविधता और वृद्धि हेतु सहयोग देने में पूरी तरह सक्षम है।