विद्यामंदिर क्लासेज़ ने ऑनलाइन लाइव क्लास के जरिये ‘घर से पढ़ाई’ करने की नई राह दिखाई

नई दिल्ली, 27 अप्रैल, 2020: पूरी दुनिया कोरोनोवायरस के संकट के साथ अर्थव्यवस्था ठप्प होने की दोहरी मार झेल रही है जबकि समाज के कुछ वर्गों जैसे कि विद्यार्थियों के सामने एक अन्य चुनौती जेईई और एनईईटी जैसी कुछ कठिन प्रतियोगिता परीक्षाएं भी हैं जिनकी हर हाल में तैयारी जारी रखनी है। हालांकि क्लासरूम प्रोग्राम पर रोक लगे हैं इसलिए इस क्षेत्र के अधिकांश संस्थानों ने विद्यार्थियों को ऑनलाइन पढ़ाने की नई राह बना ली है। विद्यामंदिर क्लासेज़ ने वैश्विक महामारी के शुरू होने से पहले ही इसकी शुरुआत कर दी थी क्योंकि संस्थान ने खुद का ऑनलाइन लर्निंग प्लैटफॉर्म ‘वीएमसी गुरु’ बना लिया था।

वीएमसी में विद्यार्थियों के सभी रेगुलर क्लास बैच अपने नियत समय से संचालित हैं। इनमें कोई विलंब या व्यवधान नहीं है। संस्थान के बेहतरीन शिक्षकों के लाइव ऑनलाइन क्लास से यह मुमकिन हो रहा है। मौजूदा रोक रहने तक लाइव ऑनलाइन क्लास चलेंगे और इसके बाद स्थिति सामान्य होने के साथ विद्यार्थी धीरे-धीरे क्लास वापस आएंगे।

संस्थान ने यह भरोसा दिया है कि आगामी सप्ताहों में शुरू होने वाले सभी बैच ऑनलाइन लाइव डेलीवरी के माध्यम से नियत समय पर शुरू हो जाएंगे। ऑनलाइन लाइव क्लास को लेकर विद्यार्थियों में उत्साह है जो हजारों की तादाद में इससे जुड़ रहे हैं और पढ़ाई कर रहे हैं। विद्यार्थियों और उनके माता-पिता दोनों की इस बारे में अच्छी प्रतिक्रिया मिली है। कांसेप्ट की बेहतर समझ के लिए विद्यार्थी छोटे बैच में लाइव क्लास के दौरान अपने केंद्र के शिक्षकों से मार्गदर्शन प्राप्त कर रहे हैं।

वर्तमान परिदृश्य पर वीएमसी के सीईओ श्री विष्णु दत्त शर्मा ने बताया, “वीएमसी और विद्यार्थियों ने जिस तत्परता से हालात के हकीकत को समझ कर खुद को बदला है वह विद्यामंदिर और विद्यार्थी दोनों के लिए सुखद आश्चर्य की बात है और यह हमारा स्वाभिमान है कि हमारे विद्यार्थी हमेशा की तरह सही दिशा में जम कर तैयारी कर रहे हैं और हमेशा की तरह कठिन-से-कठिन परीक्षाओं में सफलता का परचम लहराएंगे। हमारे अधिकांश विद्यार्थी अपने-अपने घरों से परीक्षा की तैयारी जारी रखते हुए लॉकडाउन की रुकावट दूर करने में सफल रहे हैं जो हमारे लिए एक बड़ी उपलब्धि है।’’

विद्यार्थी राष्ट्रीय प्रवेश परीक्षाओं के माध्यम से वीएमसी के प्रोग्राम में प्रवेश ले रहे हैं। ये परीक्षाएं भी ऑनलाइन आयोजित की गई। इनमें विद्यार्थियों की उपस्थिति दर अभूतपूर्व रही है जो ऑफलाइन क्लासरूम परीक्षाओं में नहीं देखी गई।

वीएमसी का चुनौतियों से एक कदम आगे रहने का यह पहला मामला नहीं है। संस्थान वर्षों से कई मामलों मंे सबसे आगे रहा है जैसे कि आईआईटी-जेईई कोचिंग के लिए प्रवेश परीक्षा और स्क्रीनिंग की शुरुआत सबसे पहले 1990 में वीएमसी ने की; कंप्यूटर के माध्यम से फीडबैक देने और विद्यार्थियों के प्रदर्शन का विश्लेषण शुरू करने की शुरुआत भी सबसे पहले 1995 में वीएमसी ने की; आईआईटीजेईई की तैयारी के लिए रिविजन कोर्स – फाइनल स्टेप (एफएस) की शुरुआत भी सबसे पहले वीएमसी ने 1995 में की; भारत में पहली बार आईआईटीजेईई कोचिंग के लिए ऑनलाइन मूल्यांकन की शुरुआत वीएमसी ने 2011 में की; और 2011 में वीएमसी ने 18 शहरों में अपने क्लासरूम कोर्स शुरू किए, जहां अत्याधुनिक वीसैट टेक्नोलॉजी से कक्षाएं आयोजित की गईं।

वीएमसी गुरु से ‘घर से पढ़ाई’ करने के इच्छुक विद्यार्थियों के नामांकन और अध्यापन का कार्यक्रम शुरू हो गया है। पूरी तरह ऑनलाइन अध्ययन करने के इच्छुक विद्यार्थी इसका विशेष लाभ ले सकते हैं। इसके तहत विद्यार्थियों को पूरे भारत के सर्वश्रेष्ठ और चुनिंदा शिक्षकों के लाइव क्लास से सीखने का अवसर मिलेगा। लाइव क्लास में भी शिक्षा पद्धति और उसकी गुणवत्ता क्लासरूम प्रोग्राम की तरह उच्च स्तरीय होती है। लेकिन यह विद्यार्थियों के लिए बहुत सस्ता है क्योंकि ऑनलाइन प्रोग्राम पर वीएमसी की लागत कम हो जाती है।

ऑनलाइन प्रोग्राम के विद्यार्थियों को भी अध्ययन के सारे संसाधन उपलब्ध हैं जो वीएमसी के क्लासरूम के विद्यार्थियों के लिए हैं जैसे कि वैज्ञानिक पद्धति से तैयार अध्ययन सामग्री, राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा सीरीज, व्यक्तिगत विश्लेषण और सलाह। वीएमसी के लर्न फ्रॉम होम सॉल्यूशंस के कोर्स हल्के और विस्तृत दोनों हैं जो विद्यार्थियों की निजी आवश्यकताओं को ध्यान में रख कर बने हैं। यह उन विद्यार्थियों के लिए बेजोड़ माध्यम है जिनके शहर में वीएमसी के क्लासरूम सेंटर नहीं है या घर से अधिक दूर हैं। इसका लाभ खास कर उन विद्यार्थियों को भी होगा जो दैनिक गतिविधि के हिसाब से सटीक प्रोग्राम चाहते हैं या फिर वीएमसी के उच्च स्तरीय प्रोग्राम बहुत कम कीमत पर चाहते हैं। इतना ही नहीं वीएमसी विद्यार्थियों को कोरोनावायरस से उत्पन्न आर्थिक तंगी से बचाने और उनके सपने पूरे करने के लिए सीधे 35 प्रतिशत एंटी-कोविड स्कॉलरशिप भी दे रहा है।

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