कुछ पोंगा पंडितो ने बिगाड़े त्योहार के मायने, त्योहारों का बना दिया मजाक

हेमेन्द्र सोनी
हिन्दू धर्म की इससे बड़ी विडंबना क्या होगी की वो अपने त्योहार भी एक साथ मिल जुल कर नही मना सकते ।
कुछ अज्ञानी, कम जानकार, छपास के रोगी, पोंगा पंडितो द्वारा जब भी कोई हिन्दू त्योहार आता है तब उसके कुछ दिन पहले से सोशियल मिडीया पर अपना भाषण चालू कर देते है , जिसमे आने वाले त्योहारों के बारे में ऊंट पटांग , बेसिर पेर की बाते लिखना शुरू कर देते है और उसमें अपना नाम ओर संपर्क करने के लिए मोवाइल नंबर भी नही देते है । उनका केवल एक ही मकसद होता है त्योहार को बांटना जैसे कभी रक्षा बंधन, कभी शिवरात्रि, कभी शीतला माता पूजन तो कभी कोई अन्य त्योहार को लेकर आम जन के बीच भ्रांति उत्पन्न करने वाले मेसेज भेज देते है जिसमें लिखा होता गए कि इस तारीख ओर मिति को यह नक्षत्र है इस कारण इस त्योहार को त्योहार के दिन नही मना कर अगले दिन मनाया जाएगा ।
ऐसे मेसेज सोशियल मीडिया पे आने के बाद बहुत ही जल्द आग की तरह वाइरल हो जाते है, सभी लोग एक दूसरे को भेजने लग जाते है ओर कन्फर्म करने के लिए आगे से आगे भेजते रहते है, की त्योहार मनाने कब है? जिस कारण अफवाह जोर पकड़ती जाती है और हिन्दुओ के मन मे दुविधा उतपन्न हो जाती है कि में त्योहार आज मनाऊ या कल, जिसका दुष्परिणाम यह होता है की आधे लोग आज ओर आधे लोग कल मनाते है जिससे हिन्दुओ में बिखराव पैदा होता है, ओर आपस मे भाई चारे से एक साथ त्योहार भी नही मना सकता । जो कि गंभीर स्थिति है, इसका दुष्परिणाम समाज के लिए घातक है ।
ऐसा क्यों नही होता कि पंचांग ओर मतानुसार हिन्दू धर्म के सभी पण्डित ओर धर्म ग्रंथ के जानकार लोग आपस मे मिल बैठ कर त्योहार के एक महीने पहले ही निश्चय क्यो नही कर लेते की त्योहार किस दिन मनाना है और उसकी तथ्यात्मक वजह क्या है, यह जानकारी क्यो नही सभी के सामने रखते है । क्यो त्योहार के एन वक्त पर इस दुविधा पूर्ण बाते सामने आती है । बिना वजह ही क्यो धर्म के नाम पर गुमराह किया जाता है । क्या ये किसी साजिश का हिस्सा है या हिन्दू धर्म और लोगो को बांटने की साजिश है ? विचारणीय विषय है ।
ऐसा नही है कि इस तरह की अफवाहो से केवल लोग ही भ्रमित होते है । कुछ विद्वान पंडितों से बात करने पर उन्होंने बताया कि कुछ अज्ञानी ओर शास्त्रों के कम जानकार जिन्होंने शास्त्रों का कभी गहराई से अध्ययन भी नही किया और ना ही किसी जानकार ओर अनुभवी पंडित के सानिध्य में शिक्षा ली वे ही ऐसे कुछ लोग है जो धर्म के नाम पर अपनी दुकान चलाने और लोगो के सामने अपने आपको बेहतर साबित करने के लिए इस प्रकार की ऊंट पटांग बाते ओर विभिन्न प्रकार की अफवाह इस प्रकार फैलाते है कि लोग इन्हें सत्य समझ बैठते है और आम जन की इसी मानसिकता का फायदा उठा कर अपना उल्लू सीधा करने की कोशिश करते है । इनमे कई पंडित तो अफवाह के रूप में, ओर कई लोग तो जिनके खानदान में कभी किसी ने हस्त रेखा नही देखी है वो भी अपने आप को हस्त रेखा का मास्टर बताने से नही चुकते है ओर भोली भाली जनता से हजारों रुपये फीस के नाम पर वसूलते है ।
ऐसे पोंगा पंडित ओर धर्म के नाम पर दुकान चलाने वालों से जनता को सावधान रहना चाहिए ।
अतः सभी से विनती है की आप त्योहार को बाँटे नही, बल्कि आपसी सामंजस्य से एक साथ त्योहार मानाने का दृढ़ निश्चय करे और पोंगा पंडितो ओर छपास के रोगियों को मुंह तोड़ जवाब दे ।
जब भी आपको अपने त्योहारों के बारे में इस प्रकार के भ्रांति पूर्ण मेसेज मिले तो आप उसको बिना पुष्टि किये आगे नही भेजे ओर किसी विद्वान पंडित से इसकी पुष्टि करे और पुष्टि होने के बाद जिसने आपको वो मेसेज भेजा है उसको उचित जवाब दे और अफवाह को विराम देने में सहयोग करे ।
त्योहारों का आनंद एक साथ मिल कर मनाने में है ना कि अलग अलग मनाने में
हेमेन्द्र सोनी @ BDN जिला व्यावर

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